झारखंड के हजारों युवाओं के लिए सरकारी नौकरी की तैयारी सिर्फ परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सालों की मेहनत और बेहतर भविष्य की उम्मीद से जुड़ी है. ऐसे में परीक्षा रद्द होने या भर्ती प्रक्रिया अटकने से अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है. राज्य में भर्ती परीक्षाओं को लेकर सामने आए नए अपडेट के मुताबिक, राज्य सरकार ने अब तक 22 परीक्षाएं रद्द कर दी हैं, 6 परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित और 17 पुरानी परीक्षाओं की CID जांच कराने का फैसला किया है. अब कार्मिक एवं राजभाषा विभाग ने इससे जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी है. इनमें कुछ परीक्षाओं को रद्द किया गया है, कुछ तो अगले आदेश तक स्थगित किया गया है और कई पुरानी परीक्षाओं की जांच CID को सौंपी गई है.
CID जांच के बाद सरकार का बड़ा फैसला
राज्य सरकार के कार्मिक एवं राजभाषा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है JPSC की ओर से आयोजित और TDPL के माध्यम से संपादित वर्तमान परीक्षाओं में गड़बड़ियों की शिकायत की गई थी जिसके बाद CID जांच कर रही थी. इसमें केवल हाल ही में परीक्षाओं को शामिल नहीं किया गया है, जो हाल ही में हुई थीं बल्कि इनमें वह परीक्षाएं भी शामिल हैं, जो कई साल पहले आयोजित की गई थीं.
कौन-कौन सी परीक्षाएं हुई रद्द?
सरकार ने झारखंड के विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती परीक्षा रद्द कर दी है. इसके अलावा असिस्टेंट डायरेक्टर और सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर की बैकलॉग और नियमित भर्ती भी रद्द कर दी गई है. ड्रग इंस्पेक्टर, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर, सरकारी पॉलिटेक्निक और गवर्नमेंट वूमेंस पॉलिटेक्निक में लेक्चरर की भर्ती भी रद्द कर दी गई है. इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के सुपर स्पेशलिस्ट विभाग, फूड सेफ्टी ऑफिसर, चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर और कंबाइंड सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन 2023 की भर्ती को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है. सरकार की ओर से जारी पूरी सूची में कुल 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द किए जाने की बात कही गई है.
JSSC-CGL भी रद्द
बात यहीं पर खत्म नहीं होती है बल्कि सरकार ने JSSC-CGL की चयन प्रक्रिया को भी रद्द करने का फैसला किया है. इसके जरिए करीब 1900 से 2000 छात्रों का चयन हुआ था. ऐसे में जिन उम्मीदवारों की नौकरी चली गई है, उनके आगे के भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है.
6 परीक्षाएं रद्द नहीं
सरकार ने छह भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के बजाय अगले आदेश तक रोक दिया है. इन परीक्षाओं की शुरुआती प्रक्रिया TDPL के अलावा दूसरी एजेंसियों से कराई गई थी. इनमें फूड एनालिस्ट, डिप्टी डायरेक्टर (प्रोसेक्यूशन), प्रोजेक्ट मैनेजर और समकक्ष पद, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज, बॉयलर इंस्पेक्टर और डायरेक्टर की भर्ती शामिल हैं. सरकार ने इन परीक्षाओं की शुरुआती प्रक्रिया कराने वाली एजेंसियों की विश्वसनीयता की जांच CID को सौंपी है. जांच पूरी होने और सरकार के अगले आदेश तक इन परीक्षाओं से जुड़ी आगे की प्रक्रिया रोक दी गई है.
पुरानी 17 परीक्षाओं पर भी गिरी गाज
सरकार ने कई पुरानी JPSC परीक्षाओं को भी जांच के दायरे में ले लिया है. इन परीक्षाओं को अभी रद्द नहीं किया गया है. इनमें संभावित गड़बड़ियों की जांच CID से कराने का फैसला लिया गया है. जांच में 5वीं कंबाइंड सिविल सर्विसेज रिक्रूटमेंट, सिविल जज जूनियर डिविजन और सिविल जज जूनियर डिविजन स्पेशल रिक्रूटमेंट को शामिल किया गया है.
इसके अलावा सोल कंजर्वेशन ऑफिसर, असिस्टेंट डायरेक्टर एग्रीकल्चर/सब डिविजनल एग्रीकल्चर ऑफिसर और समकक्ष पदों की नियमित व बैकलॉग भर्ती भी जांच के दायरे में है. फूड सेफ्टी ऑफिसर और डेंटिस्ट बेसिक कैडर की भर्ती की भी जांच की जाएगी.
इसके अलावा कंबाइंड सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन बैकलॉग, कमर्शियल टैक्सेज लिमिटेड एग्जामिनेशन और कंबाइंड सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन-2016 को भी जांच में शामिल किया गया है. डायरेक्टोरेट ऑफ जियोलॉजी में जियोलॉजिस्ट और केमिस्ट की नियमित भर्ती, असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और सिविल जज जूनियर डिविजन की नियमित भर्ती भी CID जांच के दायरे में हैं. इसके अलावा कंबाइंड असिस्टेंट इंजीनियर की नियमित भर्ती, कंबाइंड सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन-2021 और डेंटल डॉक्टर्स की नियमित भर्ती की भी जांच होगी.
सत्यजीत कुमार