Gen Z Office Culture: हफ्ते में 20 घंटे काम, लाखों सैलरी! आलस के फेर में फंस गए Gen Z?

जेन जी की काम करने की आदतों को लेकर एक रेडिट यूजर ने सवाल उठाए हैं. यूजर का कहना है कि आज के यंगस्टर्स कम घंटे काम करके ज्यादा कमाई करना चाहते हैं, जबकि पिछली पीढ़ियों ने 60 से 80 घंटे तक काम किया है. पोस्ट में सोशल मीडिया पर ज्यादा वक्त बिताने और काम की तरफ कम होती जिम्मेदारी को लेकर भी चिंता जताई गई है.

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क्या जेन जी के आलसपन से परेशान है पुरानी पीढ़ियां क्या जेन जी के आलसपन से परेशान है पुरानी पीढ़ियां

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:00 PM IST

जेन जी एक ऐसी जेनरेशन है कि जब भी आप कोई भी सोशल मीडिया खोलो उसके बारे में कही न कही जिक्र हो ही रहा होता है. ये बहस का विषय है कि अब वो चर्चा हमेशा उनकी तारीफ में होती है या उनकी आलोचना के लिए. जेन जी के कायदों से पुरानी पीढ़ियों को बहुत तरह की शिकायतें रहती हैं. कभी वर्क कल्चर को लेकर, कभी बिहेवियर को लेकर और कभी उन्हें खुद भी नहीं पता क्यों रहती है.

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हाल में रेडिट पर फिर जेन जी पर एक बहस छिड़ी है. और ये बहस जेन जी में आलसीपन को लेकर है. एक रेडिट यूजर ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि जेन जी काम करने के लिए अपना ज्यादा टाइम नहीं देना चाहती. यूजर के मुताबिक आज के जेन जी हफ्ते में सिर्फ 20 घंटे काम करके लाखों कमाना चाहते हैं.

यूजर ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि जेन जी काम करने के लिए अपना ज्यादा वक्त नहीं देना चाहती. उनके मुताबिक, आज के जेन जी सिर्फ हफ्ते में सिर्फ 20 घंटे काम करके लाखों कमाना चाहते हैं.

यूजर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उनसे पहले की पीढ़ियों, जैसे मिलेनियल्स, जेन X और बेबी बूमर्स ने लंबे टाइम तक काम किया है. उन्होंने मुश्किल हालात में भी काम करना जारी रखा और आज की इकॉनमी को संभालने में अपना रोल निभाया. अगर उन्हें 60-80 घंटे काम करना पड़ा है उन्होंने तब भी काम किया है. यूजर का मानना है कि जेन जी में काम करने की इच्छा पहले के मुकाबले कम हो गई है.

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पोस्ट में यूजर ने सोशल मीडिया को भी इसकी एक वजह बताया. उन्होंने जेन जी को फोन कम इस्तेमाल करने और काम पर ज्यादा ध्यान देने की एडवाइज दी. उनका कहना है कि युवाओं की इस आदत का असर आने वाली जेन अल्फा पर भी पड़ सकता है, जो आगे चलकर नौकरी की दुनिया में कदम रखेगी.

रेडिट यूजर के इस पोस्ट पर लोगों की अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आई. 

पोस्ट पर लोगों ने क्या कहा?

इस पोस्ट पर कई रेडिट यूजर्स ने अपनी राय रखी है. कुछ लोगों ने कहा कि हर पीढ़ी को अपने बाद आने वाली पीढ़ी से शिकायत रही है. एक मिलेनियल यूजर के मुताबिक, उनके टाइम में भी युवाओं को लेकर ऐसी बातें कही जाती थीं. वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि आज के यंगस्टर्स मेहनत तो करते हैं, लेकिन उन्हें अपनी मेहनत के हिसाब से पैसा नहीं मिलता. बढ़ते खर्चों के बीच घर चलाना और अपने पैरों पर खड़ा होना भी आसान नहीं है.

कुछ यूजर्स ने ये सवाल भी उठाया कि कम घंटे काम करके ज्यादा पैसा कमाने की चाहत को आलस क्यों माना जाए. उनके मुताबिक, हर कोई अच्छी कमाई के साथ अपनी परसनल लाइफ के लिए भी टाइम चाहता है. इस चर्चा में लोगों की राय अलग-अलग रही, लेकिन कई यूजर्स ने माना कि आज के युवाओं को आलसी कहने से पहले उनकी फाइनेंशियल परेशानियों, काम के प्रेशर और बदलते टाइम को भी समझना जरूरी है.

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