चार साल तक सीमाओं की हिफाजत करने के बाद लौटने वाले देश के अग्निवीरों के सुनहरे भविष्य के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बेहद अहम और दूरगामी फैसला लिया है. सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं को अब राज्य के प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचे का हिस्सा बनने का सीधा मौका मिलेगा.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में 'छत्तीसगढ़ लोक सेवा भूतपूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026' को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है. इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही पूर्व अग्निवीरों के लिए तृतीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में घोषित 10 प्रतिशत आरक्षण के अमल का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.
किन विभागों में मिलेगी सीधी जगह?
नए नियमों के लागू होने के बाद, चार साल की सैन्य अवधि सफलतापूर्वक पूरी करने वाले पात्र पूर्व अग्निवीरों को राज्य के तीन प्रमुख विभागों की भर्तियों में कोटे का लाभ मिलेगा:
पुलिस विभाग: आरक्षक के पद
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग: फॉरेस्ट गार्ड के पद
जेल विभाग: जेल प्रहरी के पद
पारदर्शी और तय प्रक्रिया से होगी नियुक्ति
राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई नई नियमावली में अग्निवीरों की पात्रता मानदंड, भर्ती के मानक, आरक्षण के प्रावधान, चयन प्रक्रिया और नियुक्ति संबंधी सेवा शर्तों को बेहद स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से परिभाषित किया गया है.
इस फैसले का सीधा मकसद उन युवाओं के अनुशासन, शारीरिक दक्षता और देशसेवा के अनुभव का राज्य के विकास और सुरक्षा में इस्तेमाल करना है, जो सैन्य सेवा पूरी कर समाज के बीच लौट रहे हैं. छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक नजीर पेश करता है, जहाँ अग्निवीरों के पुनर्वास को लेकर लगातार नीतियां बनाई जा रही हैं.
जितेंद्र बहादुर सिंह