जब आप अपने शहर से बाहर आकर नौकरी करते हैं खासकर बेंगलुरु जैसे शहर में तो आपको पता नहीं चलता है कि आपका पैसा कहा जा रहा... ये उस 26 साल के कर्मचारी की कहानी है जिसने वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर अपनी महीने भर की कमाई का ब्यौरा दिया है. जब उसने पूरा हिसाब लगाया तो, वह खुद भी बहुत हैरान हो गई. इंस्टाग्राम पर शिवांजलि नाम के अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया. वीडियो में उन्होंने कहा कि चलिए जानते हैं कि सितंबर में उनका पैसा कहां गया और हिसाब करना शुरू कर देती है. लेकिन उसके बाद क्या होगा, इस बात का अंदाजा उन्हें भी नहीं था.
दोस्तों के साथ शेयर करती हैं रूम
बता दें कि शिवांजलि 3 BHK फ्लैट में अपनी कॉलेज के दोस्तों के साथ रहती हैं. किराए और फ्लैट के मेंटेनेंस में उनके करीब 25 हजार रुपये जाते हैं. इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि सुबह का नाश्ता और खाना वह ऑफिस में ही करती हैं, जो फ्री होता है और रात में वह फ्लैट में कुक करती हैं, जिसका खर्च सारे दोस्त मिलकर उठाते हैं और उनके हिस्से में 2000 रुपये आते हैं. वहीं, राशन में उनका 3000 रुपये जाता है.
ये खर्चें बिगाड़ देते हैं बजट
वहीं, वीडियो में शिवांजलि बताती हैं कि जो पैसा वह ऑफिस में खाना खाकर बचाती हैं, वह बाहर के खाने और शॉपिंग में चला जाता है. इसमें उनके करीब 12,000 रुपये लगते हैं.
घर के दूसरे कामों में भी जाता है पैसा
इसके अलावा फ्लैट की साफ-सफाई और दूसरे कामों के लिए उन्होंने घरेलू सहायिका रखी है. इसके लिए उनके हिस्से में 1 हजार रुपये आते हैं. वहीं, ऑफिस आने-जाने के लिए वह ऑनलाइन बाइक पर निर्भर हैं. और सितंबर के महीने में इसका खर्च करीब 3 हजार रुपये आए. हालांकि, उन्होंने बताया कि कई बार हाई डिमांड की वजह से जब बाइक नहीं आती है, तो वह ऑटो या कैब की मदद लेती है, जिसमें 4000 रुपये तक खर्च हो जाते हैं. मतलब केवल आने-जाने के लिए महीने का 7 हजार रुपये देना होता है.
मनोरंजन पर 6000 रुपये
कर्मचारी ने बताया कि आज के समय में कोई भी चीज फ्री नहीं है. मनोरंजन के लिए वह करीब 6000 रुपये तक खर्च करती हैं. इनमें एआई टूल, आईक्लाउड, ओटीटी प्लेटफॉर्म और दूसरी कई सर्विस शामिल हैं. हालांकि, उन्होंने बताया कि कई बार तो उन्हें याद भी नहीं रहता है कि उनके पास कौन-कौन से सब्सक्रिप्शन हैं.
पर्सनल केयर भी है जरूरी
जो काम सबसे लास्ट में आता है वह है शॉपिंग. कपड़े और अपने लिए पर्सनल केयर के सामान के साथ ये आंकड़ा 7000 तक पहुंच जाता है.
बजट देखकर लगा झटका
सारे खर्चों को जोड़ने के बाद कुल रकम 63,000 तक पहुंच गई. इसे देखने के बाद वह खुद बहुत हैरान हो गईं. उन्होंने कहां कि इस आंकड़े को देखकर डर जरूर लग रहा है लेकिन कम से कम ये मालूम तो है न कि पैसे कहां जा रहे है.
आजतक एजुकेशन डेस्क