J-10C फाइटर जेट, टाइप-15 टैंक... बांग्लादेश को चीन कौन से हथियार दे रहा? भारत के लिए कितनी चिंता की बात

चीन बांग्लादेश को J-10C फाइटर जेट, टाइप-15 टैंक और अन्य आधुनिक हथियार दे रहा है. यह सौदा बांग्लादेश की सैन्य आधुनिकीकरण का हिस्सा है, लेकिन भारत के लिए चुनौती पैदा कर रहा है.

Advertisement
चीन लगातार बांग्लादेश को अपने यहां बनाए गए हथियारों से मजबूत बना रहा है. (Photo: ITG) चीन लगातार बांग्लादेश को अपने यहां बनाए गए हथियारों से मजबूत बना रहा है. (Photo: ITG)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 01 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:04 PM IST

चीन और बांग्लादेश के बीच रक्षा सहयोग तेजी से बढ़ रहा है. हाल के वर्षों में बांग्लादेश ने चीन से J-10C फाइटर जेट, टाइप-15 टैंक और कई अन्य आधुनिक हथियार खरीदने के सौदे किए हैं. यह न सिर्फ बांग्लादेश की सैन्य क्षमता बढ़ा रहा है बल्कि भारत के लिए पूर्वी सीमा पर नई चुनौती खड़ी कर रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की रणनीति स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स का हिस्सा है, जिसमें पड़ोसी देशों को हथियार देकर भारत को घेरा जा रहा है.

Advertisement

J-10C फाइटर जेट: बांग्लादेशी वायुसेना की नई ताकत

बांग्लादेश वायुसेना पुराने चीनी F-7 जेट्स को बदलने के लिए 20-24 J-10C मल्टीरोल फाइटर जेट खरीद रही है. यह सौदा करीब 2.2 बिलियन डॉलर का है और 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है. 

यह भी पढ़ें: दिल्ली-NCR बना ओजोन प्रदूषण का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट, कई शहरों को लेकर चेतावनी

J-10C चीनी चौथी पीढ़ी से एडवांस फाइटर है. इसमें AESA रडार, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, PL-15 लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइल और सुपरक्रूज क्षमता है. यह जेट हवा से हवा, हवा से जमीन और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में सक्षम है. पाकिस्तान पहले ही J-10C का इस्तेमाल कर रहा है. 

बांग्लादेश के लिए यह जेट गेम चेंजर साबित हो सकता है. इससे उसकी वायुसेना की पहुंच और मारक क्षमता बढ़ेगी, खासकर बंगाल की खाड़ी और भारत की पूर्वी सीमा के पास.

Advertisement

यह भी पढ़ें: अमेरिका के B-2 बॉम्बर को मिली नई शिप-किलर मिसाइल, पहली बार हुआ सफल परीक्षण

टाइप-15 टैंक और जमीनी हथियार

बांग्लादेश सेना ने हाल ही में चीनी टाइप-15 (VT-5) लाइट टैंक की नई खेप प्राप्त की है. यह हल्का, तेज और पहाड़ी इलाकों में प्रभावी टैंक है. 105mm गन, आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम और अच्छी स्पीड के साथ यह बांग्लादेश की भौगोलिक स्थिति (नदियां, दलदल और पहाड़) के लिए उपयुक्त है.

इसके अलावा चीन बांग्लादेश को MBRL (मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर), आर्टिलरी सिस्टम, सतह से हवा मिसाइलें, ड्रोन और पनडुब्बियां भी दे रहा है. बांग्लादेश Forces Goal 2030 के तहत अपनी सेना को आधुनिक बना रहा है, जिसमें चीन मुख्य आपूर्तिकर्ता है. 2010-2020 के बीच बांग्लादेश के 73% हथियार चीन से आए.

चीन की रणनीति: हथियारों से प्रभाव बढ़ाना

चीन बांग्लादेश को सस्ते, आधुनिक और आसान शर्तों पर हथियार दे रहा है. यह सिर्फ व्यापार नहीं बल्कि रणनीतिक कदम है. बंगाल की खाड़ी में चीन का प्रभाव बढ़ रहा है. चटगांव और अन्य बंदरगाहों पर चीनी निवेश से वहां सैन्य पहुंच भी संभव हो सकती है. 

यह स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स रणनीति का हिस्सा है, जिसमें ग्वादर (पाकिस्तान), हम्बनटोटा (श्रीलंका), चटगांव आदि जगहों से भारत को घेरा जा रहा है. बांग्लादेश को हथियार देकर चीन भारत की पूर्वोत्तर सीमा और समुद्री मार्गों पर दबाव बनाना चाहता है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: अल-नीनो की शैतानी... दुनिया के दो सबसे ठंडे जगह यूरोप और अमेरिका अचानक गर्म तवा कैसे बन गए?

भारत के लिए सुरक्षा चुनौतियां

भारत के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है. भारत का सिलीगुड़ी कॉरिडोर पहले से संवेदनशील है. बांग्लादेश की बढ़ती सैन्य क्षमता से दो-मोर्चे (चीन और पाकिस्तान के साथ) की स्थिति और जटिल हो सकती है. 

J-10C जेट्स भारतीय वायुसेना के राफेल, Su-30MKI और तेजस के सामने चुनौती पेश कर सकते हैं, खासकर अगर बांग्लादेश उन्हें भारत के खिलाफ इस्तेमाल करे. टाइप-15 टैंक तेज गतिविधि के लिए उपयोगी होंगे. 

भारत को चिंता इसलिए भी है क्योंकि बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव के बाद चीन की तरफ झुकाव बढ़ा है. इससे भारत-बांग्लादेश संबंध प्रभावित हो सकते हैं. हालांकि बांग्लादेश भारत के लिए महत्वपूर्ण है – व्यापार, जल संसाधन और प्रवासन के मामले में.

भारत इस स्थिति पर नजर रखे हुए है. वह बांग्लादेश के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. कुछ रिपोर्ट्स में अमेरिका भी बांग्लादेश को विकल्प देने की कोशिश कर रहा है. 

भारत को अपनी पूर्वोत्तर क्षमता बढ़ानी होगी – ज्यादा सैनिक तैनाती, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, ड्रोन और मिसाइल सिस्टम. साथ ही कूटनीति से बांग्लादेश को संतुलित रखना जरूरी है. QUAD और अन्य मंचों के जरिए चीन के प्रभाव को रोका जा सकता है.

Advertisement

संतुलन बनाए रखना चुनौती

चीन का बांग्लादेश को हथियार सप्लाई करना क्षेत्रीय संतुलन बिगाड़ रहा है. J-10C और टाइप-15 जैसे हथियार बांग्लादेश को मजबूत तो बना रहे हैं, लेकिन भारत के लिए पूर्वी मोर्चे पर नई चुनौती खड़ी कर रहे हैं. भारत को सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक स्तर पर सक्रिय रहना होगा. अगर बांग्लादेश संतुलित नीति अपनाए तो स्थिति नियंत्रण में रह सकती है, वरना बंगाल की खाड़ी नया तनाव का केंद्र बन सकता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »