इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड यानी आईओएल ने अपने स्वदेशी हाई रिजॉल्यूशन बाइनोकुलर गरुड़ को नागरिक बाजार के लिए आधिकारिक रूप से लॉन्च किया. यह उत्पाद ऑर्डनेंस फैक्टरी देहरादून में विकसित और निर्मित किया गया है. लॉन्च समारोह में संयुक्त सचिव डॉ. गरिमा भगत मौजूद रहीं.
इस मौके पर रक्षा उत्पादन विभाग, युवा मामले व खेल मंत्रालय, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और वाइल्डलाइफ सोसाइटी ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी तथा आईओएल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स भी उपस्थित थे. यह लॉन्च सिर्फ एक नए उत्पाद की शुरुआत नहीं बल्कि भारत की रक्षा निर्माण क्षमता को आम नागरिकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कदम है.
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इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड रक्षा उत्पादन विभाग के अधीन एक मिनी रत्न कंपनी है. इसकी देहरादून इकाई की ऑप्टिकल निर्माण की परंपरा 1943 से चली आ रही है. दशकों तक सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले ऑप्टिकल उपकरण बनाने का अनुभव अब नागरिक बाजार में आ रहा है.
गरुड़ बाइनोकुलर उसी विश्वसनीय प्लेटफॉर्म पर आधारित है जो कठिन परिस्थितियों में रक्षा बलों का भरोसेमंद साथी रहा है. अब यही तकनीक पक्षी देखने वाले, वन्यजीव प्रेमी, यात्री, खेल प्रेमी और सुरक्षा संबंधी काम करने वाले आम लोगों के लिए उपलब्ध हो गई है.
गरुड़ की खासियतें और उपयोगिता
गरुड़ बाइनोकुलर 8 गुना आवर्धन यानी 8x मैग्निफिकेशन देता है. इसका क्षेत्र दृष्टि कोण 7.6 डिग्री का है जिससे दूर की वस्तुओं को साफ देखने के साथ-साथ व्यापक दृश्य भी मिलता है. इसमें प्लस-माइनस 5 डायोप्टर एडजस्टमेंट की सुविधा है, जिससे अलग-अलग आंखों की रोशनी वाले लोग आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं.
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नरम स्पर्श वाले आईकप लंबे समय तक आरामदायक देखने की सुविधा देते हैं. सुरक्षित और एर्गोनोमिक ग्रिप से पकड़ मजबूत रहती है. मौसमरोधी निर्माण की वजह से यह विभिन्न बाहरी परिस्थितियों में भरोसेमंद तरीके से काम करता है. वजन करीब 610 ग्राम होने से यह हल्का और पोर्टेबल है. कॉम्पैक्ट डिजाइन के कारण इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है.
यह बाइनोकुलर पक्षी देखने, वन्यजीव, प्रकृति अन्वेषण, यात्रा, खेल, वानिकी, समुद्री गतिविधियों और सुरक्षा संबंधी कामों के लिए उपयुक्त है. रक्षा बलों के अनुभव से निकली यह तकनीक अब आम लोगों को उच्च गुणवत्ता वाला ऑप्टिकल प्रदर्शन दे रही है. पहले ऐसे उच्च रिजॉल्यूशन वाले उपकरण या तो महंगे आयातित होते थे या सीमित उपलब्धता वाले. अब स्वदेशी विकल्प बाजार में आ गया है जो कीमत और गुणवत्ता दोनों में संतुलन बनाने की क्षमता रखता है.
नागरिक बाजार में प्रवेश का महत्व
आईओएल का नागरिक ऑप्टिक्स बाजार में प्रवेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह रक्षा ग्रेड की सटीकता और विश्वसनीयता को बड़े बाजार तक पहुंचा रहा है. दशकों के अनुभव और आधुनिक तकनीक के मेल से बना गरुड़ सिर्फ एक बाइनोकुलर नहीं बल्कि मेड इन इंडिया की सफलता का प्रतीक है.
रक्षा उत्पादन विभाग के अधीन काम करने वाले इस उपक्रम ने दिखाया है कि सैन्य जरूरतों के लिए विकसित प्लेटफॉर्म को नागरिक जरूरतों के अनुरूप अनुकूलित किया जा सकता है. इससे रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं, निर्यात की संभावनाएं खुल सकती हैं और विदेशी निर्भरता कम हो सकती है.
शिवानी शर्मा