वैश्विक अंतरिक्ष खुफिया कंपनी ICEYE ने नई दिल्ली में ICEYE इंडिया की स्थापना की है. इसका मुख्य उद्देश्य भारत की रक्षा और सुरक्षा एजेंसियों के लिए अंतरिक्ष आधारित खुफिया क्षमताओं को मजबूत करना है. इसमें देश की सीमाओं और चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) जैसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी शामिल है.
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत दूरस्थ और मुश्किल निगरानी वाले सीमा क्षेत्रों में लगातार खुफिया, निगरानी और टोही (ISR) के लिए अंतरिक्ष आधारित संपत्तियों पर तेजी से निर्भरता बढ़ा रहा है. ICEYE का मुख्य उत्पाद सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) सैटेलाइट बेड़ा है.
ये सैटेलाइट दिन-रात दोनों समय और बादल या खराब मौसम में भी तस्वीरें उपलब्ध करा सकते हैं. ऊंचाई वाले और रणनीतिक रूप से संवेदनशील एलएसी क्षेत्रों में जहां मौसम और भूभाग पारंपरिक निगरानी को जटिल बना देते हैं, वहां ये क्षमताएं बहुत उपयोगी साबित हो सकती हैं.
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सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार सैटेलाइट आधारित निगरानी से भूभाग, बुनियादी ढांचे और गतिविधियों में बदलावों की पहचान करने में मदद मिलेगी. ये ऐसे क्षेत्रों में काम आती हैं जहां जमीनी साधनों से लगातार नजर रखना मुश्किल होता है. यह मौजूदा हवाई, यूएवी और अन्य खुफिया प्रणालियों के साथ मिलकर काम करेगी.
भारत में निर्माण और साझेदारी की योजना
कंपनी की भारत योजनाएं सिर्फ सैटेलाइट इमेजरी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं. ICEYE भारत में निर्माण क्षमताएं स्थापित करने का इरादा रखती है. इसमें स्थानीय सप्लायर, स्रोतों और भारतीय इंजीनियरिंग प्रतिभा का इस्तेमाल होगा.
कंपनी भारतीय लॉन्च प्रदाताओं, इलेक्ट्रॉनिक्स और पार्ट्स बनाने वालों तथा अन्य प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ साझेदारी भी तलाश रही है. इससे भारत के व्यापक प्रयास को समर्थन मिलेगा, जिसमें महत्वपूर्ण निगरानी जरूरतों के लिए विदेशी प्रणालियों पर निर्भरता कम करते हुए अधिक आत्मनिर्भर अंतरिक्ष आधारित खुफिया ढांचा तैयार करना शामिल है.
ICEYE के सीईओ और सह-संस्थापक राफाल मोद्रजेव्स्की ने कहा कि कंपनी भारत में जमीन पर वास्तविक इंजीनियरिंग और निर्माण क्षमता स्थापित करने की योजना बना रही है. वह सरकार और स्थानीय भागीदारों के साथ मिलकर देश की संप्रभु खुफिया क्षमताओं को मजबूत करेगी.
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ICEYE इंडिया की स्थापना भारत की रक्षा और सुरक्षा संरचना के लिए महत्वपूर्ण है. देश अपनी सीमाओं और एलएसी की लगातार निगरानी बढ़ाना चाहता है, साथ ही सैटेलाइट निर्माण, अंतरिक्ष आधारित खुफिया और रक्षा प्रौद्योगिकी में स्वदेशी क्षमता भी विकसित कर रहा है. यह कदम दोनों उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है.
यह भारत के लिए दोहरे लाभ का संकेत है. एक तरफ तत्काल रूप से एडवांस एसएआर आधारित निगरानी उपलब्ध होगी, जो सीमा सुरक्षा को और प्रभावी बना सकती है. दूसरी तरफ लंबे समय में स्थानीय निर्माण और साझेदारियों से भारत का अपना औद्योगिक आधार मजबूत होगा.
एलएसी जैसे क्षेत्रों में मौसम की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए ऐसी तकनीक बहुत प्रासंगिक है. कुल मिलाकर ICEYE की भारत इकाई आत्मानिर्भर भारत के अंतरिक्ष और रक्षा लक्ष्यों को गति दे सकती है, बशर्ते साझेदारियां और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर प्रभावी तरीके से हों.
शिवानी शर्मा