भारत सरकार अग्निपथ स्कीम के तहत भर्ती हुए कुछ अग्निवीरों को स्थायी सेवा में शामिल करने के अलावा अतिरिक्त समय देने पर गंभीरता से विचार कर रही है. पिछले कुछ दिनों में इस प्रस्ताव पर कई उच्च स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं. पहला बैच अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल लगभग पूरा होने वाला है और 21 नवंबर 2026 को उनकी सेवा समाप्त हो जाएगी.
स्थायी भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया पहले से चल रही है. अब सरकार उन अग्निवीरों को भी कुछ समय और रखने की संभावना तलाश रही है जिन्हें स्थायी सूची में जगह नहीं मिल पाएगी. अग्निपथ योजना में युवा चार साल के लिए सशस्त्र बलों में भर्ती होते हैं. इनमें से 25 प्रतिशत को स्थायी रूप से रखने का प्रावधान है. बाकी को छोड़ दिया जाता है.
यह भी पढ़ें: क्या ईरान के पिकेक्स पहाड़ पर अमेरिका गिराएगा B61-11 न्यूक्लियर बंकर बस्टर बम, जानिए एक्सपर्ट का दावा
अब सरकार सोच रही है कि अंतिम बैच के कुछ अतिरिक्त अग्निवीरों को विस्तार देकर और समय तक सेवा में रखा जाए. यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में अग्निवीर सेवामुक्त होने जा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन 21 नवंबर से पहले कोई फैसला आने की संभावना है.
अगर विस्तार का प्रस्ताव मंजूर होता है तो कई युवाओं को अतिरिक्त अनुभव और आय का मौका मिलेगा. इससे सेना को भी प्रशिक्षित जवानों का फायदा रहेगा. वहीं स्थायी भर्ती की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया जा रहा है. यह कदम अग्निपथ योजना को और व्यावहारिक बनाने की दिशा में हो सकता है. सरकार युवाओं के भविष्य और सैन्य तैयारियों दोनों को ध्यान में रखकर फैसला लेगी.
शिवानी शर्मा