बांग्लादेश चीन से 20 J-10CE लड़ाकू विमान खरीदने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. प्रस्तावित सौदे की कीमत करीब 2.3 अरब डॉलर बताई जा रही है. अगर यह डील होती है तो यह बांग्लादेश के हाल के सबसे बड़े रक्षा सौदों में शामिल होगी. ढाका का मकसद अपनी पुरानी होती वायुसेना को आधुनिक बनाना और हवाई सुरक्षा क्षमता को मजबूत करना है.
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इस सौदे को लेकर चर्चा उस वक्त तेज हुई, जब बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सूचना और प्रसारण सलाहकार जाहेद उर रहमान ने मई 2025 में भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के इस्तेमाल किए गए चीनी J-10 विमानों के प्रदर्शन ने बांग्लादेश के फैसले को प्रभावित किया.
हालांकि, इस संघर्ष में J-10 विमानों के प्रदर्शन को लेकर भारत और पाकिस्तान के दावे अलग-अलग रहे हैं. पाकिस्तान ने भारतीय विमानों को निशाना बनाने का दावा किया था. भारत ने पाकिस्तान के इन दावों को खारिज किया था. ऐसे में बांग्लादेश का संभावित सौदा दक्षिण एशिया के बदलते रक्षा समीकरण के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है.
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बांग्लादेश और चीन के बीच रक्षा सहयोग पहले से मजबूत है. बांग्लादेश की वायुसेना चीनी मूल के कई सैन्य विमानों का इस्तेमाल करती है. चीन उसके प्रमुख रक्षा सप्लायर्स में भी शामिल है.
J-10CE की खरीद से बांग्लादेश को आधुनिक लड़ाकू विमान मिलने के साथ चीन के साथ सैन्य सहयोग और बढ़ सकता है. वहीं, इस सौदे पर आगे की बातचीत और अंतिम मंजूरी पर अब नजर रहेगी.
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