हसीना वर्डिक्ट के बाद बांग्लादेश में गृहयुद्ध जैसे हालात, जानिए कितनी बड़ी है सेना, पुलिस और अद्धसैनिक बल में कितने जवान

शेख हसीना को मौत की सजा के बाद बांग्लादेश में गृहयुद्ध जैसी अशांति का माहौल है. ढाका में विरोध प्रदर्शन, आगजनी और दंगे हो रहे हैं. अवामी लीग के समर्थक चुनाव का बहिष्कार कर रहे है. सेना में 2 लाख सैनिक, पुलिस में 2.1 लाख, अर्धसैनिक बलों में 60 लाख से ज्यादा सदस्य है. सरकार सुरक्षा बढ़ा रही, लेकिन हिंसा का खतरा बरकरार है.

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बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शेख हसीना के समर्थन में विरोध-प्रदर्शन करते लोगों पर पुलिस ने साउंड ग्रैनेड फायर किया. (Photo: Reuters) बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शेख हसीना के समर्थन में विरोध-प्रदर्शन करते लोगों पर पुलिस ने साउंड ग्रैनेड फायर किया. (Photo: Reuters)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 17 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 9:44 PM IST

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद देश में तनाव बढ़ गया है. अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल ने हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी ठहराया है. यह फैसला 2024 के छात्र आंदोलन पर क्रूर कार्रवाई से जुड़ा है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे. हसीना भारत में निर्वासन में हैं. यह मुकदमा उनके बिना चलाया गया है. 

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फैसले के बाद क्या हो रहा है?

फैसले के तुरंत बाद ढाका और अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. हसीना की पार्टी अवामी लीग के समर्थक सड़कों पर उतर आए. वे कह रहे हैं कि बिना उनकी पार्टी के चुनाव नहीं होने देंगे. कुछ जगहों पर मशाल जुलूस निकाले गए. बसों और दुकानों पर आगजनी की खबरें आईं. पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति गृहयुद्ध जैसी बन सकती है.

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2024 के आंदोलन के बाद भी देश में अशांति बनी रही है. लूटपाट, दंगे और अल्पसंख्यकों पर हमले हुए थे. अब हसीना के बेटे ने चेतावनी दी है कि विरोध और तेज होगा. सरकार ने अवामी लीग को चुनाव से बाहर कर दिया है, जिससे गुस्सा और भड़क गया. आने वाले दिनों में हिंसा बढ़ने का डर है.

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बांग्लादेश की सुरक्षा ताकत: सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बल

ऐसी स्थिति में देश की सुरक्षा बलों की भूमिका अहम है. आइए जानते हैं इनकी ताकत के बारे में. ये आंकड़े 2025 के हालिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं.

बांग्लादेश सेना (आर्म्ड फोर्सेस)

बांग्लादेश की सेना दुनिया की 35वीं सबसे ताकतवर सेना मानी जाती है. कुल सक्रिय सैनिकों की संख्या लगभग 2 लाख 4 हजार है.

  • सेना: 1.60 लाख सक्रिय जवान. ये जमीनी जंग लड़ने के लिए तैयार हैं. उनके पास टैंक, तोपें और मिसाइलें हैं.
  • नौसेना: 25,100 जवान. ये समुद्री सीमाओं की रक्षा करते हैं. उनके पास फ्रिगेट जहाज और पनडुब्बियां हैं.
  • वायुसेना: 17,400 जवान. ये हवाई हमलों से बचाव करते हैं. उनके पास लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर हैं.

कुल मिलाकर, सेना के पास रिजर्व फोर्स भी है, जो जरूरत पड़ने पर बुलाई जा सकती है. सेना का बजट 2025 में 3.34 अरब डॉलर है. 

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पुलिस बल

बांग्लादेश पुलिस देश की कानून-व्यवस्था बनाए रखती है. कुल पुलिसकर्मियों की संख्या लगभग 2.10 लाख है. ये जिले-दर-जिले तैनात हैं. हाल ही में पुलिस को नई ड्रेस कोड दी गई है ताकि वे बेहतर काम कर सकें. लेकिन आंदोलनों में पुलिस पर हमले बढ़े हैं, जिससे उनकी स्थिति कमजोर हो गई है.

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अर्धसैनिक बल (पैरामिलिट्री फोर्सेस)

ये सेना और पुलिस के बीच की ताकत हैं. बांग्लादेश में ये बहुत मजबूत हैं. कुल पैरामिलिट्री फोर्स दुनिया में सबसे बड़ी मानी जाती है. 

  • बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी): 70 हजार जवान. ये सीमाओं की निगरानी करते हैं.
  • रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी): 12 हजार जवान. ये अपराध और आतंकवाद से लड़ते हैं. इन्हें सेना, नौसेना और पुलिस के लोग मिलकर चलाते हैं.
  • अंसार और विलेज डिफेंस पार्टी (वीडीपी): 60 लाख से ज्यादा सदस्य. ये दुनिया का सबसे बड़ा पैरामिलिट्री ग्रुप है. ज्यादातर रिजर्व हैं, लेकिन जरूरत पर बुलाए जा सकते हैं. 

ये बल मिलकर देश की सुरक्षा करते हैं. लेकिन हाल की अशांति में इन्हें चुनौतियां मिल रही हैं.

आगे क्या?

सरकार ने कहा है कि कानून-व्यवस्था कायम रखेगी. लेकिन अवामी लीग के नेता कह रहे हैं कि विरोध जारी रहेगा. अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है. भारत और अन्य पड़ोसी देश स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. बांग्लादेश के लोग शांति चाहते हैं, लेकिन इतिहास दोहराने का डर सता रहा है.

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