14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने सीआरपीएफ काफिले पर हमला किया. करीब 40 जवान शहीद हुए. भारत ने इसे पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का सीधा हमला माना. 26 फरवरी की सुबह भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में जैश के ट्रेनिंग कैंप पर एयर स्ट्राइक की. यह नियंत्रण रेखा पार करके पाकिस्तान के अंदर पहला ऐसा हमला था. पाकिस्तान शर्मिंदा हुआ और जवाबी कार्रवाई की तैयारी में जुट गया. Photo: PTI
27 फरवरी की सुबह पाकिस्तान एयर फोर्स के करीब 24 विमान भारतीय हवाई सीमा की ओर बढ़े. इनमें F-16 भी शामिल थे. भारतीय राडार ने इन्हें पकड़ा और श्रीनगर स्थित 51 स्क्वॉड्रन के विमान अलर्ट पर उड़े. विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान मिग-21 बाइसन उड़ा रहे थे. Photo: PTI
पाकिस्तानी विमान भारतीय क्षेत्र में घुसे तो डॉगफाइट शुरू हो गई. अभिनंदन ने एक F-16 को लॉक किया. उन्होंने R-73 मिसाइल दागी और दावा है कि एफ-16 को मार गिराया. पीछा करते हुए वे नियंत्रण रेखा पार कर पाक अधिकृत कश्मीर में चले गए. इसी दौरान उनके मिग-21 पर पाकिस्तानी मिसाइल (संभवतः AMRAAM या सतह से हवा में) लगी. उन्होंने इजेक्ट किया. पैराशूट से होरान गांव के पास उतरे, जो एलओसी से करीब 7 किलोमीटर अंदर था. Photo: PTI
पैराशूट पर भारतीय झंडा देखकर गांववाले समझ गए कि भारतीय पायलट हैं. कुछ ने झूठ बोला कि यह भारत है. अभिनंदन ने 'भारत माता की जय' का नारा लगाया. जब सच पता चला तो भीड़ ने घेर लिया. उन्होंने पिस्तौल से हवा में फायर किए, कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज निगल लिए और तालाब में कूदने की कोशिश की. गांववालों ने मारपीट की, फिर पाकिस्तानी सेना ने कस्टडी में ले लिया.
पाकिस्तान ने खून से सने चेहरे का वीडियो जारी किया, जो जिनेवा कन्वेंशन के खिलाफ माना गया. बाद में चाय पीते और अच्छा व्यवहार बताते वीडियो भी आए. अभिनंदन ने बाद में कहा कि शारीरिक यातना नहीं दी गई लेकिन मानसिक दबाव था. Photo: AFP
भारत में गुस्सा फैल गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ संदेश दिया कि अभिनंदन को नुकसान पहुंचाया तो गंभीर परिणाम होंगे. रिपोर्ट्स के अनुसार रॉ प्रमुख अनिल धस्माना ने आईएसआई प्रमुख असीम मुनीर को सुरक्षित लाइन पर फोन कर सख्त चेतावनी दी. संदेश था – हमारे हथियार दिवाली के लिए नहीं हैं. भारत ने आगे एस्केलेशन की तैयारी दिखाई. मिसाइल स्ट्राइक की अफवाहें भी फैलीं. भारत ने साफ कहा कि कोई सौदा या बातचीत नहीं होगी. सिर्फ सुरक्षित वापसी ही विकल्प है. Photo: PTI
अमेरिका, सऊदी अरब, यूएई और अन्य देशों ने दोनों पक्षों से संपर्क किया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे शांति के प्रयास कर रहे हैं और अच्छी खबर मिल सकती है. यूएई के क्राउन प्रिंस ने मोदी और इमरान दोनों से बात की. अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस ने जैश प्रमुख मसूद अजहर पर प्रतिबंध की कोशिश तेज की.
28 फरवरी को पाकिस्तान संसद में इमरान खान ने अभिनंदन को 'शांति के लिए' के रूप में अगले दिन रिहा करने का ऐलान किया. पाकिस्तान ने दावा किया कि कोई दबाव नहीं था, लेकिन भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सूत्रों के अनुसार कूटनीतिक और सैन्य दबाव ने भूमिका निभाई. कुछ पाकिस्तानी नेताओं ने बाद में कहा कि भारत के हमले के डर से फैसला लिया गया. Photo: PTI
1 मार्च 2019 की रात करीब 9:20 बजे अभिनंदन वाघा-अटारी बॉर्डर से भारत लौटे. काली आंख और चोटों के साथ वे पहुंचे. चिकित्सा जांच में पसली में फ्रैक्चर जैसी चोटें मिलीं लेकिन गंभीर नहीं. मोदी ने कहा कि देश उनके साहस पर गर्व करता है. उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया. Photo: PTI
यह घटना परमाणु शक्ति संपन्न दो देशों को युद्ध के कगार पर ले गई. भारत ने बालाकोट से आतंक की लागत बढ़ाई. डॉगफाइट में पुराने मिग-21 से आधुनिक एफ-16 का दावा भारतीय पक्ष का है, जिसे पाकिस्तान खारिज करता है. अभिनंदन की कैद सिर्फ 58-60 घंटे चली क्योंकि भारत ने मजबूत संदेश दिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दबाव बनाया.
इमरान खान ने इसे शांति का कदम बताया तो भारत ने इसे अपनी दृढ़ता की जीत माना. पीछे की कहानी में रॉ-आईएसआई संवाद, वैश्विक कूटनीति और एस्केलेशन की धमकी शामिल थी. अभिनंदन की कहानी साहस, कूटनीति और आधुनिक युद्ध की जटिलता को दर्शाती है.