एंटीलिया केस के 40 दिन, NIA ने धीरे-धीरे खोज निकाले सभी सवालों के जवाब

एनआईए ने गिरगांव के एक रेस्टारेंट पर छापा मारा. उसके बारे में कहा जा रहा है कि उसी रेस्टोरेंट को सचिन वाज़े ने अपना अड्डा बना रखा था और वहीं उसने एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन की हत्या का प्लान बनाया था. जांच अधिकारियों को शक है कि वहां सचिन वाज़े ने कई बार बैठकें की थीं.

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एटीएस के बाद एनआईए ने एंटीलिया केस के हर सवाल का जवाब तलाश कर लिया है एटीएस के बाद एनआईए ने एंटीलिया केस के हर सवाल का जवाब तलाश कर लिया है

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 05 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 11:03 PM IST

मुंबई में एंटीलिया के बाहर स्कॉर्पियो कार किसने खड़ी की? उसमें जिलेटिन की छड़ें किसने रखी? क्यों रखी? कार किसकी थी? लाया कौन? जिलेटिन किसने खरीदी? कार के मालिक को किसने मारा? कैसे मारा? कहां मारा? क्यों मारा? इस साज़िश में कौन कौन शामिल था? ऐसे कई दर्जन सवालों के जवाब एनआईए की टीम ने पिछले 40 दिनों में धीरे धीरे खोज निकाले हैं. इसी दौरान उस मिस्ट्री वुमन का पता भी चल चुका है, जो सचिन वाज़े के साथ पैसों और पैसे गिनने वाली मशीन लेकर मुंबई के पांच सितारा होटल में दाखिल होते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी.

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एनआईए ने आखिरकार अब उस मिस्ट्री वुमन को भी गिरफ्त में ले लिया है. एनआईए के पास वो सीसीटीवी फुटेज भी हैं, जिसमें 16 फरवरी को सचिन वाज़े इस मिस्ट्री वुमन के साथ भारी भरकम बैग्स लेकर होटल में दाखिल होता दिख रहा है. सचिन वाज़े अपनी उस मिस्ट्री वुमन के साथ यहां 20 फरवरी तक रहा. लेकिन उसके बाद ये मिस्ट्री वुमन ऐसे गायब हुई जैसे कभी थी ही नहीं. हालांकि बिना इस मिस्ट्री वूमन के इस मामले में कड़ी पूरी तरह से तब तक नहीं सुलझ सकती थी, जब तक ये मिस्ट्री वुमन एनआईए के हाथ ना आ जाए. क्योंकि इसी से इस मामले के सारे कनेक्शन बार-बार जुड़ रहे थे.

इस मिस्ट्री वुमन का नाम है मीना जॉर्ज. एनआईए को इस मिस्ट्री वुमन के बारे में जानकारी तो पहले ही लग गई थी. लेकिन वो बड़े सलीके से पहले इस मिस्ट्री वुमन के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही थी और फिर पूरी तैयारी के साथ उसे पकड़ लिया गया. हालांकि पुख्ता खबर तो नहीं है लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि इस मिस्ट्री वुमन को एनआईए ने एयरपोर्ट पर तब पकड़ा जब वो मुंबई से निकलने की फिराक में थी. जिसके बाद उसे मीरा रोड पर उसके फ्लैट पर ले जाया गया. जहां उससे पूछताछ भी की गई और फ्लैट की तलाशी भी ली गई. 

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बीते शुक्रवार मीना को एनआईए के दफ्तर लाया गया. ज़ाहिर है एनआईए की टीम ने उससे सचिन वाज़े को लेकर कई सवाल किए. लेकिन पूछताछ में एनआईए अधिकारियों के होश फाख्ता तब हो गए, जब उन्हें पता चला कि ये मिस्ट्री वुमन तो एंटीलिया के मास्टरमाइंड से सचिन वाज़े से भी चार हाथ आगे है. खबर है कि मीना जॉर्ज काले पैसे को सफेद करने का ना सिर्फ हुनर जानती है बल्कि उसमें माहिर भी है. इतना ही नहीं वो इस गोरखधंधे की मुंबई में सबसे अहम कड़ी भी है. वो सचिन के काले धन को भी सफेद किया करती थी. 

हालांकि इन तमाम बातों की पुष्टि अभी एनआईए की तरफ से होनी बाकी है. फिलहाल अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक मीना जॉर्ज मीरा रोड में 7/11 कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट में रहती थी. जो पिछले दो हफ्तों से बंद पड़ा था. पता चला है कि ये फ्लैट पीयूष गर्ग के नाम है. लेकिन पीयूष कौन है. क्या उसका सचिन वाज़े से कोई कनेक्शन है. इस बारे में फिलहाल अभी और जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि ये जगह सचिन वाज़े के घर के करीब है. यहां से एनआईए ने कई दस्तावेज भी जब्त किए हैं. एनआईए के सूत्रों के मुताबिक सचिन वाज़े की मदद करने वाली मीना जॉर्ज के पास दो आईडी मिली हैं और उसके पास नोट गिनने वाली मशीन भी थी.

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पिछले हफ्ते गुरुवार को एक तरफ एनआईए की एक टीम मीना जॉर्ज को फॉलो कर रही थी. वहीं दूसरी तरफ एनआईए की दूसरी टीम सचिन वाज़े के कई ठिकानों पर छापे मार रही थी. टीम ने साउथ मुंबई के एक रेस्टारेंट पर के साथ-साथ ठाणे के वसई और मीरारोड के एक फ्लैट पर भी छापेमारी की. एनआईए ने गिरगांव के जिस रेस्टारेंट पर छापा मारा. उसके बारे में कहा जा रहा है कि इसी रेस्टोरेंट को सचिन वाज़े ने अपना अड्डा बना रखा था और यहीं उसने एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन की हत्या का प्लान बनाया था. 

जांच अधिकारियों को शक है कि वहां सचिन वाज़े ने कई बार बैठकें की थीं. इस मामले में रेस्तरां का मैनेजर भी संदेह के घेरे में है. जिससे पूछताछ भी की गई. साथ ही ये जानने की कोशिश की गई कि वाज़े ने कब-कब और किन-किन लोगों के साथ वहां बैठक की थी. एनआईए ने इस रेस्टोरेंट से 65 दिन के CCTV फुटेज भी जब्त किए हैं और वो दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल फर्जी सिमकार्ड हासिल करने के लिए किया गया था.

एनआईए के हाथ वसई इलाके की सीसीटीवी तस्वीरें भी लगीं हैं, जिसमें वाज़े इस मामले में गिरफ्तार एक और आरोपी विनायक शिंदे के साथ नजर आ रहा है. वर्ली सी लिंक की एक सीसीटीवी तस्वीर भी एनआईए को मिली है, जिसमें वाज़े और शिंदे एक ऑडी कार में नजर आ रहे हैं. इस ऑडी कार को एनआईए पहले ही ज़ब्त कर चुकी है.

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एनआईए अब इस मामले में काले पैसों को सफेद करने और जैश उल हिंद का नाम आने की वजह और कनेक्शन भी जोड़ने की कोशिश कर रही है. एंटीलिया के बाहर जिलेटिन वाली स्कॉर्पियो खड़ी करने के बाद आतंकवादी संगठन जैश उल हिंद के नाम से एक मैसेज आया था. जिसमें दावा किया गया था कि स्कॉर्पियो में जिलेटिन उसी संगठन ने रखे थे. एनआईए की जांच में इस केस में भी सचिन वाज़े और एक सीनियर आईपीएस अधिकारी रडार पर हैं. एनआईए इस केस में दाऊद गैंग के एक गुर्गे से भी पूछताछ कर सकती है, जो मुंबई के चर्चित जे. जे. शूटआउट में कनविक्ट हुआ था.

सूत्रों के मुताबिक दाऊद गैंग के इस शख्स से पहले कहा गया था कि वो दुबई से किसी के जरिए वहां के सर्वर से ये मैसेज भेजे. लेकिन उसने दिल्ली की तिहाड़ जेल से ये मैसेज किसी आरोपी के टेलीग्राम अकाउंट से भिजवा दिया. जब ये मैसेज सार्वजनिक हुआ तो वाज़े को डर लगा कि आतंकवादी संगठन के नाम से आए इस मैसेज से केंद्रीय जांच एजेंसियां सक्रिय हो जाएंगी. इसलिए एक दिन बाद जैश-उल-हिंद के नाम से फिर एक मैसेज भिजवाया गया कि हमारी पिछले मैसेज भेजने में कोई भूमिका नहीं है.

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खबरें इस तरह की आईं थी कि एक प्राइवेट साइबर एजेंसी ने मुंबई पुलिस को रिपोर्ट दी कि जैश-उल-हिंद के नाम से आए ये दोनों मैसेज दिल्ली की तिहाड़ जेल से भेजे गए. लेकिन अब पता चला है कि उस प्राइवेट एजेंसी के नाम से रिपोर्ट मेन्युप्लेट की गई. दिल्ली पुलिस की स्पेशल जेल ने इसका संज्ञान लेते हुए तिहाड़ जेल में इंडियन मुजाहिदीन के आरोपी तहसीन अख्तर की बैरक में रेड डाली और वहां से कुछ मोबाइल जब्त भी किए गए. वो मोबाइल फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं.

खबर ये भी है कि जे. जे. शूटआउट के अभियुक्त ने अपने किसी आदमी के जरिए तहसीन अख्तर की बैरक के पास से जैश-उल-हिंद के नाम से ये मैसेज भिजवाए. ताकि मोबाइल लोकेशन की वजह से शक उस पर नहीं हो और सबका ध्यान तहसीन अख्तर पर जाए. इस केस में सचिन वाज़े के अलावा मुंबई पुलिस का एक सीनियर आईपीएस अधिकारी और कुछ दूसरे अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं.

(रिपोर्ट- आजतक ब्यूरो)

 

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