पुणे पोर्श कांड: DNA टेस्ट के लिए कलेक्ट किए गए आरोपी की मां के ब्लड सैंपल

किशोर के माता-पिता को पहले एक स्थानीय अदालत ने 5 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया था. क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि मंगलवार को महिला के ब्लड सैंपल लिए गए और इसे डीएनए सैंपलिंग के लिए एफएसएल को भेज दिया गया है.

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आरोपी के पिता, दादा और मां को भी गिरफ्तार किया जा चुका है आरोपी के पिता, दादा और मां को भी गिरफ्तार किया जा चुका है

aajtak.in

  • पुणे,
  • 04 जून 2024,
  • अपडेटेड 5:55 PM IST

Pune Porsche Case: पुणे पोर्श कांड के आरोपी किशोर की मां के ब्लड सैंपल डीएनए टेस्ट के लिए कलेक्ट किए गए हैं. इस मामले की जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह सैंपल ये जानने के लिए लिया गया है कि शराब के सेवन की पुष्टि करने के लिए फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) में टेस्ट के लिए ससून जनरल अस्पताल में किशोर की जगह गिरफ्तार की गई महिला के नमूने का इस्तेमाल किया गया था या नहीं?

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इससे पहले, पुलिस ने इस सिलसिले में ससून अस्पताल के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. अजय तावड़े और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीहरि हल्नोर के साथ-साथ एक अन्य कर्मचारी को गिरफ्तार किया था. उन पर शराब की जांच को प्रभावित करने और ब्लड सैंपल की अदला-बदली करने के लिए आरोपी किशोर के माता-पिता के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप है.

किशोर के माता-पिता को पहले एक स्थानीय अदालत ने 5 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया था. क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि मंगलवार को महिला के ब्लड सैंपल लिए गए और इसे डीएनए सैंपलिंग के लिए एफएसएल को भेज दिया गया है. 

इस बीच, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वे मामले में एक विशेष वकील की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं और जल्दी से जल्दी आरोप पत्र दाखिल करने की कोशिश कर रहे हैं.

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जांच अधिकारी ने कहा, 'हम प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज कर रहे हैं, महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटा रहे हैं, साथ ही अदालत में पेश करने के लिए दुर्घटना स्थल का डिजिटल पुनर्निर्माण भी कर रहे हैं. मुख्य फोकस एक विशेष वकील की नियुक्ति, जल्दी से आरोप पत्र दाखिल करना और तेजी से सजा सुनिश्चित करने के लिए मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाना है.'

एक आरोप पत्र किशोर न्याय बोर्ड में नाबालिग के खिलाफ और दूसरा माता-पिता और गिरफ्तार डॉक्टरों के खिलाफ नियमित अदालत में दाखिल किया जाएगा. यह मामला खून के नमूने की अदला-बदली और ड्राइवर को बंधक बनाने से संबंधित होगा.' 

सूत्रों ने यह भी बताया कि पुलिस 5 जून को किशोर के पर्यवेक्षण गृह में रहने की अवधि को और बढ़ाने की मांग कर सकती है, जब प्रारंभिक अवधि समाप्त हो जाएगी.

आपको बताते चलें कि 19 मई की सुबह पुणे के कल्याणी नगर इलाके में एक तेज रफ्तार पोर्श कार ने मध्य प्रदेश के रहने वाले दो आईटी पेशेवरों की मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी थी. वो पोर्श कार नशे में धुत एक नाबालिग लड़का चला रहा था. इस मामले में पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया था. बाद में उसके पिता को गिरफ्तार किया गया था. फिर उसके दादा की गिरफ्तारी हुई थी. और बीते शनिवार को आरोपी किशोर की मां को गिरफ्तार किया गया था.

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