दिल्ली के तिलक नगर में 21 साल की कंटेंट क्रिएटर मुस्कान शर्मा की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है. 25 सितंबर को तीस हजारी कोर्ट में दाखिल की गई 300 से ज्यादा पन्नों की इस चार्जशीट में 30 से 40 गवाहों के बयान शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, मुस्कान की हत्या उसके घर में चाकू मारकर की गई थी. इस मामले में इमरान को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जबकि दिग्विजय पर उसकी मदद करने और उसे पनाह देने का आरोप है.
पुलिस की जांच के मुताबिक, वारदात से कुछ देर पहले दिग्विजय ही इमरान को गाड़ी से मुस्कान के घर लेकर गया था. इमरान घर के अंदर गया और कथित तौर पर मुस्कान पर चाकू से हमला किया. इस दौरान दिग्विजय करीब 15 मिनट तक बाहर उसका इंतजार करता रहा. इसके बाद उसने इमरान को मौके से भागने में मदद की और बाद में उसे अपने ठिकाने पर पनाह भी दी. पुलिस ने इसी आधार पर दिग्विजय को भी इस मामले में आरोपी बनाया है.
यह वारदात 26 अगस्त को पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर इलाके में हुई थी. पुलिस के अनुसार, इमरान पिछले कुछ दिनों से मुस्कान को परेशान कर रहा था और कथित तौर पर उस पर अपने साथ जुड़ने का दबाव बना रहा था. मुस्कान ने उसके साथ रहने या जुड़ने से इनकार कर दिया था. इसके बाद उसके साथ कथित तौर पर लगातार परेशान करने का सिलसिला चला और आखिरकार 26 अगस्त को उसके घर में उसकी हत्या कर दी गई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT का गठन किया था. यह टीम पश्चिमी दिल्ली के DCP हरेश्वर स्वामी की निगरानी में काम कर रही थी. जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल को दोबारा रीक्रिएट किया और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. पुलिस का दावा है कि इन फुटेज में इमरान की मौजूदगी और उसकी गतिविधियों के बारे में अहम सुराग मिले.
जांच में सामने आया कि CCTV फुटेज में इमरान शाम करीब 5 बजकर 45 मिनट पर मुस्कान के घर में दाखिल होता दिखाई दिया. पुलिस के मुताबिक, वह करीब 6 बजे घर से बाहर निकला. इसके बाद अलग-अलग जगहों पर लगे CCTV कैमरों की मदद से उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया गया. पुलिस ने घटनास्थल से जैविक नमूने भी जुटाए और दावा किया कि इन नमूनों से भी इमरान की मौके पर मौजूदगी की पुष्टि करने में मदद मिली.
पुलिस की जांच आगे बढ़ने के बाद इमरान की लोकेशन राजौरी गार्डन में ट्रेस की गई. 27 अगस्त की रात करीब 11 बजकर 15 मिनट पर पुलिस टीम ने उसे नाला रोड स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के पास घेर लिया. पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान इमरान ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की ओर चार गोलियां चलाईं, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा और खतरे को निष्क्रिय करने के लिए सात राउंड फायर किए.
इस मुठभेड़ के दौरान इमरान के पैरों में तीन गोलियां लगीं. इसके बाद उसे इलाज के लिए रघुबीर नगर स्थित गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल ले जाया गया. पुलिस ने बाद में उसके साथी दिग्विजय को भी गिरफ्तार कर लिया. जांच में पुलिस ने दोनों की भूमिका को अलग-अलग तरीके से दर्ज किया है. जहां इमरान पर सीधे हत्या करने का आरोप है, वहीं दिग्विजय पर अपराध में मदद करने और आरोपी को पनाह देने का आरोप लगाया गया है.
चार्जशीट में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 103 के तहत हत्या का आरोप लगाया है. इसके अलावा दिग्विजय के खिलाफ अपराधी को पनाह देने से संबंधित BNS की धारा 249 लगाई गई है. पुलिस ने अदालत से इस मामले की सुनवाई को फास्ट ट्रैक करने का अनुरोध भी किया है. चार्जशीट में शामिल गवाहों के बयान और CCTV समेत अन्य जांच सामग्री को अभियोजन पक्ष ने मामले के अहम साक्ष्य के तौर पर रखा है.
जांच के दौरान पुलिस को इमरान के पुराने आपराधिक मामलों की जानकारी भी मिली. पुलिस के मुताबिक, साल 2018 में तिलक नगर में एक नाबालिग के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में उसके खिलाफ POCSO Act के तहत केस दर्ज हुआ था. इसके बाद साल 2021 में भी वह एक ऐसे मामले में आरोपी रहा, जिसमें एक व्यक्ति पर कथित तौर पर हमला किया गया था और उसके सिर में गंभीर चोटें आई थीं. अब 21 वर्षीय मुस्कान शर्मा की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
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