'बच्चा तेरे जैसा नहीं दिखता', दोस्तों का ताना सुनकर बौखलाया पिता, 6 साल के मासूम बेटे को नदी में फेंककर मार डाला

कराड में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने शक के चलते अपने ही 6 साल के बेटे को कृष्णा नदी में फेंककर मार डाला. 20 दिन बाद जब पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा किया तो हर कोई सन्न रह गया. पढ़ें इस सनसनीखेज वारदात की पूरी कहानी.

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मासूम की हत्या का राज 20 दिन बाद खुला (सांकेतिक फोटो-ITG) मासूम की हत्या का राज 20 दिन बाद खुला (सांकेतिक फोटो-ITG)

दिव्येश सिंह

  • कराड,
  • 14 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:44 PM IST

महाराष्ट्र के कराड से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है. वहां एक पिता ने अपने ही 6 साल के मासूम बेटे की हत्या कर दी. शक और खतरनाक सोच ने उस बाप को हैवान बना दिया. हैरानी की बात ये है कि इस खौफनाक वारदात को उसने करीब 20 दिनों तक छुपाकर रखा. लेकिन पुलिस की सख्त जांच और सर्विलांस के चलते इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री से पर्दा उठ गया, और जो सच्चाई सामने आई है, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है.

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18 मार्च की सुबह कराड तालुका के वडोली भिकेश्वर इलाके में कृष्णा नदी के किनारे एक मासूम बच्चे की लाश मिली थी. लाश की हालत संदिग्ध थी और उसकी पहचान भी नहीं हो पा रही थी. पुलिस के सामने यह मामला पूरी तरह उलझा हुआ था. शुरुआती जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिला. लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी और लगातार जांच, तकनीकी मदद और अलग-अलग एंगल से पड़ताल शुरू की. लेकिन यह मामला पुलिस के लिए एक ब्लाइंड मर्डर केस बन गया, जिसे सुलझाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी.

जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह लाश कर्नाटक के विजयपुर जिले के नागठाणे गांव के रहने वाले 6 साल के मासूम सिद्धार्थ मल्लिकार्जुन आरेकरी की है. इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय स्थापित किया. महाराष्ट्र और कर्नाटक पुलिस की संयुक्त कार्रवाई शुरू हुई. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, शक की सुई धीरे-धीरे बच्चे के अपने परिवार की ओर घूमने लगी, जिससे मामला और भी गंभीर बना दिया.

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सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पुलिस को पता चला कि इस मासूम का कातिल कोई और नहीं बल्कि उसका सगा पिता मल्लिकार्जुन आरेकरी ही है. जांच में सामने आया कि 16 मार्च को आरोपी ने अपनी पत्नी से झूठ बोला कि वह बेटे को स्कूल में एडमिशन दिलाने ले जा रहा है. लेकिन असल में यह एक सोची-समझी साजिश थी. वह विजयपुर से कराड तालुका के उंब्रज पहुंचा और फिर शिवडे गांव के पास सुनसान कृष्णा नदी के किनारे पहुंच गया.

वहीं आरोपी ने मौके का फायदा उठाकर अपने ही 6 साल के बेटे को नदी में फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. हैवानियत की हद तो तब पार हो गई जब वारदात से पहले उसने बच्चे को नए कपड़े पहनाए और हत्या के बाद ऐसे घर लौटा जैसे कुछ हुआ ही नहीं. उसने परिवार और आसपास के लोगों को भी गुमराह किया और करीब 20 दिनों तक इस राज को छुपाए रखा.

मासूम के कत्ल की वजह
इस खौफनाक हत्या के पीछे की वजह और भी चौंकाने वाली है. आरोपी को अपने बेटे को लेकर शक था. उसके दोस्तों ने उसे ताना दिया था कि बच्चा उसके जैसा नहीं दिखता और शायद उसका बेटा नहीं है. यही बात उसके दिमाग में जहर बनकर बैठ गई. उसने अपनी पत्नी भाग्यश्री के चरित्र पर शक करना शुरू कर दिया था. पिछले डेढ़ साल से इस बात को लेकर घर में विवाद चल रहा था और आखिरकार इसी शक ने एक मासूम की जान ले ली.

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1 अप्रैल को सिद्धार्थ का जन्मदिन था. इस दिन उसकी मां भाग्यश्री ने अपने बेटे के बारे में पूछताछ की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. बार-बार पूछने पर भी आरोपी ने सही जानकारी नहीं दी. मां का शक गहराया और उसने पुलिस में बेटे के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई. यही इस केस का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. कर्नाटक पुलिस ने जांच तेज की और आरोपी के झूठ की परतें एक-एक कर खुलने लगीं.

पुलिस की सख्त पूछताछ के आगे आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं पाया और आखिरकार उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया. विजयपुर ग्रामीण पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और घटनास्थल पर ले जाकर पूरे घटनाक्रम को दोबारा रीकंस्ट्रक्ट भी किया गया है. यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि जब शक हद से आगे बढ़ जाता है, तो इंसान अपनी इंसानियत तक खो देता है.

(कराड से सकैलन मुलाणी का इनपुट)

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