झारखंडः डायन बता बुजुर्ग दंपति को गांव से भगाया, जमीन हड़पने की साजिश का लगाया आरोप

मामला गुमला के एक गांव का है, जहां एक बुजुर्ग दंपति को डायन बताकर गांववालों ने मार-मारकर गांव से भगा दिया. दंपति का कहना है कि गांववालों ने ये सब उनकी जमीन हड़पने के लिए किया है.

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77 साल की बुद्धनी देवी 77 साल की बुद्धनी देवी

मुकेश कुमार सोनी / सत्यजीत कुमार

  • गुमला,
  • 23 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 5:32 PM IST
  • गांव में बीमारी फैली, तो दंपति को डायन बताया
  • दंपति का आरोप- गांववाले जमीन हड़पना चाहते हैं

इतनी तरक्की के बाद भी देश के कई हिस्से ऐसे हैं, जहां आज भी अंधविश्वास चल रहा है. ऐसा ही अंधविश्वास का एक मामला झारखंड के गुमला जिले के एक गांव में सामने आया. जहां एक बुजुर्ग दंपति को डायन बताकर गांववालों ने मार-मारकर भगा दिया. ये दंपति पिछले तीन साल से अपनी बेटी के यहां रह रहा है. दंपति का कहना है कि उनकी जमीन हड़पने के लिए गांववालों ने उन्हें डायन बताकर गांव से भगा दिया. 

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मामला शहर से सटे 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बड़ा लोरो गांव का है. यहां जमीन हथियाने के लिए डायन बिसाही के आरोप में महली उरांव (82 साल) और बुद्धनी देवी (77 साल) को अपने ही गांव से मार-पीटकर भगा दिया गया. इसके बाद से ही पिछले तीन साल से दंपति अपनी बेटी के घर रहने को मजबूर है.

बीमारी फैली, तो दंपति को डायन बता दिया
गांववालों का कहना है कि कुछ समय पहले गांव में गंभीर बीमारी फैली थी, जिससे कई लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद महली उरांव और उनकी पत्नी बुद्धनी देवी के ऊपर गांववालों ने डायन बिसाही करने का आरोप लगाया और मार-मारकर गांव से बाहर निकाल दिया. 

82 वर्षीय महली उरांव

बुजुर्ग दंपति का क्या है कहना?
दंपति से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने गांववालों पर उनकी जमीन हड़पने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "कुछ लोग मेरी जमीन को हड़पकर बेचने का काम कर रहे हैं. गांव में जब तक मैं था, तब तक जमीन पर मेरा कब्जा था. गांव के लोगों ने जमीन के लालच और उसे हड़पने की नीयत से हम दोनों पति-पत्नी को डायन बता दिया. इसके बाद लोग हमें प्रताड़ित करने लगे. घर से बाहर निकलने पर जानलेवा हमला भी किया. आए दिन मार-पीट और गाली-गलौच भी की गई. ऐसे में अपनी जान बचाने के लिए हम पिछले तीन साल से अपनी बेटी के घर पर हैं. अपनी जान-माल की रक्षा के लिए सरकार से भी गुहार लगाई है."

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प्रशासन का क्या है कहना?
एक NGO को जब इस बारे में पता चला, तो उसने गांव में पहुंचकर बुजुर्ग दंपति से मुलाकात की. इसके बाद जिला प्रशासन के सामने इस बात को उठाया कि कैसे जमीन हड़पने के मकसद से डायन बिसाही का आरोप लगाकर एक बुजुर्ग दंपति को तीन साल से गांव से बाहर कर दिया गया है. इस पर जिले के उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार डायन प्रथा के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इसके बाद भी जो लोग नहीं समझ रहे, उन्हें सख्ती से समझाने की जरूरत है. उन्होंने बताया कि दोषियों के खिलाफ एक टीम गठित कर जांच की जा रही है. कानून को अपने हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

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