सुप्रीम कोर्ट पहुंचे एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा, लखन भैया केस में मिली है उम्रकैद की सजा

मुंबई के पूर्व पुलिस अधिकारी एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है. साल 2006 के फर्जी एनकाउंटर केस में उन्हें उच्च न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

Advertisement
पूर्व मुंबई पुलिस अधिकारी और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा. (फाइल फोटो) पूर्व मुंबई पुलिस अधिकारी और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा. (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 01 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 9:01 PM IST

मुंबई के पूर्व पुलिस अधिकारी एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है. साल 2006 के फर्जी एनकाउंटर केस में उन्हें उच्च न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. 21 मार्च को उनकी ओर से वकील देविना सहगल विशेष अनुमति याचिका दायर की है, जो कि कोर्ट की वेबसाइट पर मौजूद है.

Advertisement

19 मार्च को उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और गौरी गोडसे की खंडपीठ ने गैंगस्टर छोटा राजन के करीबी सहयोगी रामनारायण गुप्ता के फर्जी एनकाउंटर मामले में प्रदीप शर्मा को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा दी थी. इस मामले में 13 अन्य आरोपियों की आजीवन करावास की सजा को भी बरकरार रखा था. इनमें 12 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.

फैसला सुनाते हुए उच्च न्यायालय ने कहा था, "अभियोजन पक्ष ने साबित कर दिया है कि रामनारायण गुप्ता को पुलिस ने मार दिया था. इसके बाद इसे एक वास्तविक मुठभेड़ की तरह दिखाया गया था." इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने सबूतों की कमी के कारण प्रदीप शर्मा को बरी करने के सत्र न्यायालय द्वारा पारित 2013 के फैसले को भी रद्द कर दिया था.

11 नवंबर 2006 को एक पुलिस टीम ने नवी मुंबई के वाशी इलाके से रामनारायण गुप्ता उर्फ ​​लखन भैया को उसके दोस्त अनिल भेड़ा के साथ उठाया. उसी शाम पश्चिमी मुंबई के वर्सोवा के पास एक फर्जी मुठभेड़ में उसे मार डाला. दोषियों में पूर्व पुलिसकर्मी नितिन सरतापे, संदीप सरकार, तानाजी देसाई, प्रदीप सूर्यवंशी, रत्नाकर कांबले, विनायक शिंदे, देवीदास सपकाल, अनंत पटाडे, दिलीप पलांडे, पांडुरग कोकम, गणेश हरपुडे, प्रकाश कदम शामिल हैं.

Advertisement

उच्च न्यायालय ने छह अन्य की आजीवन कारावास की सजा को पलट दिया था, जिससे वे बरी हो गए थे. इनमें मनोज मोहन राज, सुनील सोलंकी, मोहम्मद शेख, सुरेश शेट्टी, अखिल खान और शैलेन्द्र पांडे के नाम शामिल हैं. प्रदीप शर्मा मुकेश अंबानी के आवास के घर जिलेटिन की छड़ों की बरामदगी से संबंधित व्यवसायी मनसुख हिरन की हत्या के मामले में भी आरोपी हैं. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें मामले में जमानत दे दी है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »