अहमदाबाद में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली मोबाइल फोन बेचने के मामले का खुलासा हुआ है. शहर के गीतामंदिर एसटी बस स्टेशन के पास स्थित मोबाइल बाजार में लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) जोन-6 की टीम ने छापेमारी की. पुलिस ने पांच दुकानों और गोदामों से 1,034 संदिग्ध मोबाइल फोन बरामद किए. इनमें सैमसंग, नोकिया और जियो ब्रांड के फोन शामिल हैं. पुलिस ने लैपटॉप, चार्जर, बैटरी, स्टिकर और दूसरी एक्सेसरीज समेत कुल 7.07 लाख रुपये का सामान जब्त किया है.
पुलिस को सूचना मिली थी कि गीतामंदिर मोबाइल बाजार में ग्राहकों को ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली फोन बेचे जा रहे हैं. इसके बाद LCB जोन-6 ने मामले की जांच शुरू की. डीसीपी भागीरथ गढ़वी के मुताबिक, गुरुग्राम की रिएक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और दिल्ली की अस्वथ लीगल के माध्यम से सैमसंग कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर फोन की जांच कराई गई.
जांच में जब्त किए गए फोन नकली पाए गए और कंपनी की मंजूरी के बिना उसके ट्रेडमार्क और लोगो का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई. पुलिस ने गीतामंदिर बाजार में भोलेनाथ मोबाइल और महावीर मोबाइल समेत पांच दुकानों और गोदामों पर कार्रवाई की. वहां से 6.61 लाख रुपये कीमत के 1,034 मोबाइल फोन जब्त किए गए.
इसके अलावा लैपटॉप, चार्जर, बैटरी और दूसरी एक्सेसरीज भी बरामद हुईं, जिन्हें मिलाकर जब्त सामान की कुल कीमत 7.07 लाख रुपये बताई गई है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास इन मोबाइल फोन और सामान की खरीद से संबंधित बिल नहीं थे. जांच के दौरान जियो ब्रांड के मोबाइल फोन को असेंबल करने वाली एक यूनिट भी मिली, जहां अलग-अलग पुर्जों को जोड़कर फोन तैयार किए जाते थे.
जांच में मोबाइल फोन के IMEI नंबर को लेकर भी गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं. पुलिस को कुछ स्टिकर ऐसे मिले, जिन पर 50 से 60 मोबाइल फोन के लिए एक ही IMEI नंबर होने की बात सामने आई. इसके अलावा, कुछ फोन के अंदर दिखने वाला IMEI नंबर और फोन के पीछे लगे स्टिकर पर लिखा नंबर अलग-अलग था.
सैमसंग के अधिकृत प्रतिनिधि ने जांच के बाद जब्त किए गए सैमसंग फोन और एक्सेसरीज को डुप्लिकेट बताया. पुलिस के मुताबिक, कुछ ऐसे मॉडल भी नए बताकर बेचे जा रहे थे, जिनका उत्पादन कंपनी ने 2024 में बंद कर दिया था.
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गीतामंदिर बाजार के कुछ खुदरा विक्रेता कथित तौर पर कालूपुर के रिलीफ रोड स्थित राज कॉम्प्लेक्स और मेट्रो प्लाजा के थोक कारोबारियों से बिना बिल के सामान लाते थे. इसके बाद इन मोबाइल फोन और एक्सेसरीज को बाजार में बेचा जाता था.
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि नकली फोन की सप्लाई कहां से होती थी और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं. जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि फोन असेंबल करने वाली यूनिट का संचालन कौन कर रहा था और इसमें दूसरे लोग भी शामिल थे या नहीं.
इस मामले में कागडापीठ पुलिस ने गीतामंदिर बाजार के छह कारोबारियों और कालूपुर रिलीफ रोड के आठ कथित सप्लायरों समेत कुल 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. गीतामंदिर बाजार के जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें रमेशभाई सोलंकी, जितेंद्र प्रजापति, रवींद्रकुमार छीपा, रूपाराम चौधरी, दिनेशकुमार घांची और महेंद्रभाई मोदी शामिल हैं.
वहीं, कालूपुर के कथित सप्लायरों में अशोकभाई, भईलुभाई, विवेकभाई, गोपीभाई, कुलदीपभाई, राजूभाई, प्रवीणभाई और दर्शनभाई के नाम हैं. पुलिस ने इनके खिलाफ ट्रेडमार्क एक्ट और धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.
पुलिस अब इस नेटवर्क के मुख्य आरोपियों, सप्लाई के स्रोत और नकली फोन के खरीदारों के बारे में जानकारी जुटा रही है. जांच का एक पहलू यह भी है कि क्या इन मोबाइल फोन का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी या म्यूल अकाउंट से जुड़ी गतिविधियों में किया गया था.
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इनका किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि या आतंकवादी गतिविधियों से कोई संबंध तो नहीं है. हालांकि, फिलहाल ऐसी गतिविधियों में इन फोन के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं हुई है. इस मामले में ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे मोबाइल खरीदते समय अधिकृत विक्रेता से खरीदारी करें, पक्का बिल लें और फोन का IMEI नंबर जरूर जांच लें.
ब्रिजेश दोशी