सलमान खान से दुश्मनी, आमिर खान टारगेट और टाइगर पर हमला... साजिश से शूटर्स की गिरफ्तारी तक पूरी कहानी

टाइगर श्रॉफ शूटआउट केस में मुंबई पुलिस की जांच से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं. टाइगर पर हमले से पहले शूटरों ने आमिर खान के घर की रेकी की थी. जानिए लॉरेंस गैंग की साजिश और आरोपियों की गिरफ्तारी की पूरी कहानी.

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इस मामले की जांच में कई खुलासे हो रहे हैं (फोटो-ITG) इस मामले की जांच में कई खुलासे हो रहे हैं (फोटो-ITG)

मुस्तफा शेख / दिव्येश सिंह

  • मुंबई,
  • 27 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:22 PM IST

बॉलीवुड में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की दहशत फैलाने की साजिश के बीच टाइगर श्रॉफ पर हुए शूटआउट को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. मुंबई पुलिस की जांच के मुताबिक, शूटरों का पहला निशाना टाइगर श्रॉफ नहीं, बल्कि आमिर खान थे. इसके लिए तीनों शूटर करीब एक महीने तक मुंबई में रहे और आमिर खान के घर की तीन बार रेकी भी की. लेकिन जब आमिर खान को निशाना बनाना मुश्किल लगा, तो उन्होंने टाइगर श्रॉफ को टारगेट कर लिया. आखिर कैसे रची गई ये साजिश और इसमें क्या है सोनीपत कनेक्शन?

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मुंबई पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसमें कोई शक नहीं कि बॉलीवुड में लॉरेंस गैंग का पहला और सबसे बड़ा टारगेट 2018 से ही सलमान खान हैं. लेकिन सलमान के घर की पहले रेकी, फिर शूटआउट, उसके बाद सलमान के करीबी दोस्त बाबा सिद्दीकी के कत्ल के बाद से ही सलमान की सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई. मुंबई पुलिस के अलावा उनके अपने निजी सुरक्षा गार्ड भी हर वक्त सलमान के साथ होते हैं. साथ ही सलमान जब भी कहीं जाते हैं, तो अपनी बुलेटप्रूफ गाड़ी में जाते हैं.

बतौर मुंबई पुलिस, इसी भारी-भरकम सुरक्षा को देखते हुए लॉरेंस गैंग को ये अहसास हो गया कि अब सलमान के करीब जाना मुमकिन नहीं. इसीलिए मुंबई में अपनी दहशत कायम करने के इरादे से वो किसी न किसी को निशाने पर लेना चाहते हैं. हालांकि टाइगर पर शूटआउट के बाद लॉरेंस गैंग से जुड़े अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर वजह ये बताई कि जो भी सलमान के करीब होगा, उसका यही अंजाम होगा.

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लेकिन मुंबई पुलिस सूत्रों की मानें, तो ये वजह सही नहीं थी. दरअसल, टाइगर श्रॉफ पर गोलियां सिर्फ इसलिए चलाई गईं, क्योंकि लॉरेंस गैंग मुंबई में अपना दबदबा कायम करना चाहता है. साथ ही फिल्म इंडस्ट्री को डराकर पैसे वसूलना चाहता है.

दरअसल, 23 अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने टाइगर श्रॉफ शूटआउट की साजिश में शामिल तीन आरोपियों जतिन पांचाल, समीर खतरी और अंकित खटक की पुलिस रिमांड मांगते हुए कोर्ट में जो रिमांड एप्लीकेशन दाखिल की, उसमें यही लिखा है कि टाइगर श्रॉफ पर गोलियां चलाने का मकसद सिर्फ इतना है कि लॉरेंस गैंग मुंबई में अपना दबदबा कायम करना चाहता है और फिल्म इंडस्ट्री को डराकर पैसे वसूलना चाहता है.

इत्तेफाक ये कि इसी मुंबई पुलिस ने इससे पहले सलमान खान के घर के बाहर हुए शूटआउट, बाबा सिद्दीकी मर्डर केस और फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई गोलीबारी के सिलसिले में कोर्ट में जो चार्जशीट दाखिल की, उसमें भी वजह यही बताई गई कि लॉरेंस गैंग मुंबई में अपनी जगह बनाना चाहता है और डरा-धमकाकर उगाही करना चाहता है. इस बीच टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाने वाले तीनों शूटरों ने पूछताछ में एक और खुलासा किया है.

मुंबई पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 18 अक्टूबर की शाम 7 बजे जब टाइगर श्रॉफ पर गोलियां चलीं और जैसे ही ये खबर न्यूज चैनल पर ब्रेकिंग न्यूज के तौर पर आनी शुरू हुई, शूटरों का कोई एक आका लगातार न्यूज चैनल देख रहा था. शूटआउट के फौरन बाद ही शूटरों की गोली चलाते हुए तस्वीरें टीवी पर आ चुकी थीं. तीनों शूटर शूटआउट के बाद जुहू नरसी पार्क से अंधेरी गए थे, जहां उन्होंने अपनी बाइक अंधेरी पुलिस चौकी के बाहर छोड़ दी और फिर अंधेरी स्टेशन से लोकल ट्रेन पकड़ी.

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मुंबई पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही तीनों शूटरों के चेहरे टीवी पर दिखाए जाने लगे, न्यूज चैनल देख रहे शूटरों के आका ने फौरन तीन शूटरों में से एक रेहान को मैसेजिंग ऐप के जरिए एक मैसेज भेजा. मैसेज में लिखा था, टीवी पर तुम्हारे चेहरे आ चुके हैं, फौरन निकलो वहां से. इसके बाद न्यूज चैनल पर लाइव न्यूज देख-देखकर शूटरों को इसी तरह मैसेज के जरिए पुलिस की मूवमेंट और बाकी जानकारियां दे रहे थे. यहां तक कि न्यूज चैनल देखकर ही शूटरों को ये भी जानकारी दी गई कि पुलिस ने उनकी बाइक अंधेरी पुलिस चौकी से बरामद कर ली है.

यहां तक कि पुलिस को ये भी पता चल चुका है कि तुम तीनों अंधेरी स्टेशन गए हो. पुलिस अब स्टेशन और ट्रेन के जरिए तुम तक पहुंच सकती है. पुलिस सूत्रों की मानें, तो इस जानकारी के बाद ही शूटरों ने बोरीवली से ट्रेन छोड़ दी और पुलिस को गुमराह करने के लिए बोरीवली के बाहर से कैब के जरिए सूरत जाने का फैसला किया. सूरत पहुंचने के बाद भी उनका इरादा ट्रेन की बजाय बस से ही दिल्ली या हरियाणा पहुंचने का था, लेकिन देर रात लंबी दूरी की कोई बस थी नहीं और वो एक ही जगह पर रुककर कई घंटे इंतजार नहीं कर सकते थे.

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इसीलिए मजबूरी में तीनों सूरत रेलवे स्टेशन पहुंचे और फिर पुणे-जयपुर एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में सवार हो गए. बाद में कोटा में उसी ट्रेन से तीनों को पकड़ लिया गया. इससे पहले तीनों शूटर जब मुंबई पहुंचे, तब वो बांद्रा के इसी होटल में रुके थे. रूम नंबर 201. शूटरों ने फर्जी आधार कार्ड पर रूम बुक किया था. 18 अक्टूबर की शाम सवा चार बजे तीनों शूटर इसी होटल से जुहू नरसी पार्क के लिए निकले थे, लेकिन फिर लौटे नहीं. रात को जब होटल वालों ने उन्हें फोन किया, तो उनका मोबाइल बंद था.

इसी साल 18 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली गई. वो पोस्ट खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े आरजू बिश्नोई और टायसन बिश्नोई के नाम से डाली गई थी. इस पोस्ट के जरिए आमिर खान को धमकी दी गई थी. दरअसल, इस पोस्ट से 13 दिन पहले आमिर खान ने तीसरी शादी की थी. तीसरी शादी उन्होंने गौरी स्प्रैट से की थी. इसी शादी को लेकर आमिर खान को ये धमकी दी गई थी. पोस्ट के साथ-साथ तब आरजू बिश्नोई ने एक ऑडियो मैसेज भी सोशल मीडिया पर डाला था.

इस पोस्ट और ऑडियो मैसेज के ठीक 3 महीने बाद 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू नरसी पार्क के बाहर टाइगर श्रॉफ पर गोलियां चलाई गई थीं. पोस्ट डालने की तारीख और टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की तारीख एक ही थी, 18 तारीख. दरअसल, शूटरों के निशाने पर टाइगर श्रॉफ कभी थे ही नहीं. असल टारगेट आमिर खान थे. वो आमिर खान ही थे, जिन्हें निशाना बनाने के लिए तीन शूटर लगभग एक महीने तक मुंबई में रहे.

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दरअसल, टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाने वाले तीनों शूटर यानी रेहान, फूल सिंह और ऋतिक 20 सितंबर को ही मुंबई पहुंचे थे. मुंबई पहुंचने के बाद 20 सितंबर को ही तीनों ने बांद्रा ईस्ट में एक लॉज में चेक-इन किया. ये लॉज इन्होंने साजिश के तहत ही चुना था, क्योंकि इस लॉज से आमिर खान के घर की दूरी ज्यादा नहीं थी. मुंबई पहुंचने के बाद तीनों शूटरों ने कुल तीन बार आमिर खान के घर की रेकी की.

लेकिन हर बार इन्होंने पाया कि आमिर खान ज्यादातर शूटिंग के सिलसिले में अलग-अलग जगहों पर होते हैं. और जब वो घर आते हैं, तो फिर घर आने के बाद घर से बाहर नहीं निकलते. तीन बार रेकी करने के बाद उन्हें अंदाजा हो गया था कि आमिर खान का रूटीन पता करना मुश्किल है. वो कहां आते-जाते हैं, ये भी जानना मुश्किल है. इसी के बाद अक्टूबर के पहले हफ्ते में तीनों ने आमिर खान की रेकी की रिपोर्ट दी और कहा कि आमिर खान को निशाना बनाना मुश्किल है. इसी रिपोर्ट के बाद इन शूटरों ने नए टारगेट पर फोकस शुरू किया.

इसी दौरान इन शूटरों की नजर इंस्टाग्राम पर टाइगर श्रॉफ की कुछ रील्स पर पड़ी. ये रील्स जुहू नरसी पार्क में टाइगर श्रॉफ के फुटबॉल खेलते समय की थीं. तब इन्हें अहसास हुआ कि टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाना कहीं ज्यादा आसान है. तब तक शूटरों को ये भी पता चल चुका था कि टाइगर हर संडे शाम 5 से 7 बजे जुहू नरसी पार्क में फुटबॉल खेलने आते हैं. इसी के बाद पहले 11 अक्टूबर को टाइगर पर हमला करने की साजिश रची गई. लेकिन उस दिन फैन्स की भीड़ ज्यादा होने के चलते प्लान टाल दिया गया और फिर 18 अक्टूबर को शूटआउट हुआ.

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शूटरों ने पूछताछ में ये भी बताया कि मुंबई आने के बाद ही इन्हें दो हथियार दिए गए थे. इनमें से एक पिस्टल था और दूसरा देसी कट्टा. दोनों हथियारों को टेस्ट करने के लिए शूटर किसी सुनसान जगह की तलाश में थे. फिर उन्होंने मुंबई की ही आरए कॉलोनी के जंगल में जाकर 5 राउंड गोलियां चलाईं. लेकिन इनमें से एक गोली पिस्टल में ही फंस गई. होटल पहुंचने के बाद शूटरों ने फंसी गोली निकालने की कोशिश की, पर तभी पिस्टल से मिसफायर हो गया. गोली रूम की दीवार में जा लगी. हालांकि फायरिंग की आवाज होटल में किसी को सुनाई नहीं दी.

तीनों शूटरों से पूछताछ के बाद साजिश में शामिल एक और शख्स का नाम सामने आया- अंकित. अंकित का कनेक्शन भी हरियाणा के सोनीपत से था. मुंबई और हरियाणा पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में अंकित को हरियाणा के गोहाना के बरौदा इलाके से गिरफ्तार किया गया. अंकित वो शख्स है, जो अनिल पंडित के पैसों का लेनदेन करता है. उस ऑपरेशन के लिए होने वाले सारे खर्च के पैसे अंकित के जरिए ही शूटरों तक पहुंचे थे.

शूटआउट में शामिल तीनों शूटरों को पेशगी के तौर पर 37 हजार रुपये दिए गए थे. उन्हें बाकी पैसे देने के साथ-साथ काम हो जाने के बाद विदेश भेजने का भी वादा किया गया था. जैसा कि हाल के वक्त में लॉरेंस गैंग के नाम पर हुए हर शूटआउट में शूटरों से वादा किया जाता है.

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टाइगर श्रॉफ शूटआउट केस में अब तक मुंबई पुलिस कुल 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें से 10 का कनेक्शन सीधे-सीधे हरियाणा के सोनीपत से है. अब सवाल ये है कि अब तक देश को बड़े-बड़े पहलवान और अच्छे-अच्छे खिलाड़ी देने वाला सोनीपत धीरे-धीरे गैंगस्टरों की चपेट में कैसे आता जा रहा है?

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