कानपुर, कुनेरु ट्रेन हादसों की जांच के लिए एनआईए ने दर्ज किया मामला

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कानपुर के रूरा और आंध्र प्रदेश के कुनेरु में हुए ट्रेन हादसे के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है. गुरुवार को ही गृह मंत्रालय ने दोनों केस NIA को जांच के लिए सौंपे हैं. अब एनआईए की टीम कुल मिलाकर तीन रेल हादसों की जांच कर रही है.

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एनआईए कानपुर और कुनेरु समेत तीन रेल हादसों की जांच कर रही है एनआईए कानपुर और कुनेरु समेत तीन रेल हादसों की जांच कर रही है

परवेज़ सागर / जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 27 जनवरी 2017,
  • अपडेटेड 4:41 PM IST

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कानपुर के रूरा और आंध्र प्रदेश के कुनेरु में हुए ट्रेन हादसे के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है. गुरुवार को ही गृह मंत्रालय ने दोनों केस NIA को जांच के लिए सौंपे हैं. अब एनआईए की टीम कुल मिलाकर तीन रेल हादसों की जांच कर रही है.

गृह मंत्रालय के निर्देश पर और आंध्र प्रदेश में हुए ट्रेन हादसों की जांच एनआईए करेगी. एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि कुनेरु और रूरा ट्रेन हादसों की जांच अब एनआईए को मिली है. इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है.

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इसके अलावा एनआईए ने घोड़ासहन रेल पटरी पर हुई साजिश के मामले में भी केस दर्ज कर लिया है. जानकारी के मुताबकि NIA की 6 सदस्यीय टीम शनिवार सुबह कानपुर के रूरा में ट्रेन हादसे वाली साइट पर जाकर जांच करेगी. इस टीम के साथ फोरेंसिक टीम भी मौजूद रहेगी.

NIA बिहार पुलिस के पास मौजूद तीन आरोपियों उमाशंकर पटेल, मोतीलाल पासवान और मुकेश पासवान को पूछताछ के लिए जल्द ही अपनी कस्टडी में ले लेगी. की एक टीम मोतिहारी में मौजूद है. जिसमे आईजी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं.

NIA कानपुर, आंध्र प्रदेश के और घोड़ासहन में हुए ट्रेन हादसों में टेरर एंगल की जांच में जुटी है. सूत्रों के मुताबिक यूपी और बिहार में ट्रेन धमाकों को अंजाम देने का काम पाकिस्तान में बैठे शेख शफी ने नेपाल में ISI एजेंट शम्सुल हुदा को दिया था.

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शेख शफी देश में जाली नोटों के कारोबार का सबसे बड़ा किंग पिन है. वह कराची में बैठ कर ISI की मदद से भारत में नेपाल, बांग्लादेश और थाईलैंड के रास्ते जाली नोटों का रैकेट चलाता रहा है.

NIA तीनों रेल हादसों की जांच से यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि मोतिहारी में पकडे गए 3 आरोपी क्या इस पूरी साज़िश का हिस्सा हैं या फिर कोई दूसरा ग्रुप इसके पीछे काम कर रहा था. NIA को शक है कि इतनी जल्दी जल्दी ट्रेन हादसे साज़िश के तहत ही कराए जा रहे थे.

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