दिल्ली से लेकर ओडिशा और बिहार तक सामने आई तीन घटनाओं ने एक बार फिर सार्वजनिक जगहों पर अकेले या साथ घूम रहे युवक-युवतियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. तीनों घटनाओं की जगह और परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन आरोपों में एक समानता नजर आती है- युवक-युवती को रास्ते में रोकना, घेरना, डराना और उनके साथ जबरदस्ती या अभद्रता करना.
कहीं आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर डराया तो कहीं सुनसान रास्ते पर बाइक सवार दंपती को रोक लिया गया. बिहार के जमुई में तो कोचिंग से लौट रहे नाबालिग लड़के और लड़की को रास्ते में घेरकर उनके साथ बदसलूकी का वीडियो सामने आया.
दिल्ली: खाकी का डर दिखाकर नाबालिग से गैंगरेप
राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में सोमवार शाम जो हुआ, वह कानून व्यवस्था पर करारा थप्पड़ है. 17 साल की एक नाबालिग लड़की अपने दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद शाम करीब 7:30 बजे आस्था कुंज पार्क में टहलने गई थी. पार्क में बैठी थी. तभी तीन दरिंदे पहुंचे. खुद को 'पुलिसवाला' बताया और पकड़े जाने का डर दिखाया.
हथियार के बल पर वे लड़की को पार्क के एक सुनसान, खंडहरनुमा जगह पर ले गए और तीनों ने बारी-बारी से उसके साथ दरिंदगी की. पकड़े गए आरोपियों में से एक वकालत का छात्र है, तो दूसरा बीएसएससी गणित का. यानी पढ़े-लिखे कानून के जानकार ही भक्षक बन गए. दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद एक मुख्य आरोपी को गोली मारकर पकड़ा, जबकि हरियाणा के फरीदाबाद से बाकी दो भाइयों को दबोचा.
ओडिशा का कपिलाश मंदिर मार्ग: श्रद्धालुओं का रास्ता रोका
दूसरी घटना ओडिशा के ढेंकानाल जिले की है. एक युवा जोड़ा अपनी बाइक से कपिलाश पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर की ओर जा रहा था. हरे-भरे शांत माहौल में अचानक कुछ स्थानीय उपद्रवियों ने उनकी बाइक रोक ली.
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आरोपियों ने लड़के की पिटाई शुरू कर दी, जबकि लड़की बदहवास होकर रोती-चीखती रही और मदद की गुहार लगाती रही. वीडियो में युवती बार-बार लोगों से उसे छोड़ देने की गुहार लगाती नजर आती है. इसके बावजूद वहां मौजूद कुछ लोग उसके साथ आक्रामक व्यवहार करते दिखाई देते हैं. किसी ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो वायरल हो गया. पुलिस ने मामले पर संज्ञान लेते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
बिहार के जमुई का वीडियो देखकर हर कोई रह गया हैरान
तीसरी घटना बिहार के जमुई की है, जिसने पूरे राज्य में बहस छेड़ दी. 19 सितंबर को कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग लड़के और लड़की को कथित तौर पर युवकों के एक समूह ने रास्ते में रोक लिया. वीडियो में दोनों को घेरकर उनके साथ मारपीट और लड़की के साथ अभद्रता करते हुए देखा गया. लड़का और लड़की समूह से उन्हें छोड़ देने की गुहार लगाते दिखाई दिए.
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की. पुलिस के मुताबिक इस मामले में अब तक पांच लोगों को पकड़ा गया है, जिनमें तीन नाबालिग हैं. मंगलवार को मुख्य आरोपियों में शामिल नंदन यादव को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार उसके पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथ मौजूद हरराम यादव भागने की कोशिश में घायल हुआ. दोनों का अस्पताल में इलाज कराया गया.
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इन तीनों घटनाओं में एक पैटर्न साफ है- अकेले लड़का-लड़की को देखना और उन्हें अपनी हवस, ताकत या नैतिकता के नाम पर निशाना बनाना. चाहे दिल्ली में पुलिस बनकर डराना हो, ओडिशा में राह चलते कपल को पीटना हो या बिहार में मॉरल पुलिसिंग- यह सब दिखाता है कि अपराधी बेखौफ हैं. कानून-व्यवस्था का काम सिर्फ पुलिस एनकाउंटर करना या गिरफ्तारी का आंकड़ा जारी करना नहीं है. असली चुनौती उस मानसिकता को कुचलने की है, जो दो युवाओं को साथ देखकर खुद को कानून से ऊपर समझने लगती है.
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