AI की मदद से लिखी मर्डर की स्क्रिप्ट... ऐसे मां-बाप और बहन की कातिल बनी बेटी, हैरान कर देगी ये कहानी

बेंगलुरु के चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में बेटी और उसके लिव-इन पार्टनर ने कथित तौर पर AI की मदद से हत्या की योजना बनाई. जानिए कैसे 6 महीने तक AI से सवाल पूछकर रची गई कत्ल की खौफनाक साजिश? और पुलिस ने जांच में किए क्या खुलासे?

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पुलिस ने कातिल बेटी और उसके लिव इन पार्टनर को अरेस्ट कर लिया है (फोटो-ITG) पुलिस ने कातिल बेटी और उसके लिव इन पार्टनर को अरेस्ट कर लिया है (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • बेंगलुरु,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:51 PM IST

क्या किसी कत्ल के मामले में टेक्नोलॉजी को आरोपी बनाकर उस पर मुकदमा चलाया जा सकता है? सुनने में ये सवाल अजीब लग सकता है. लेकिन बेंगलुरु में एक ऐसी ही खूनी वारदात सामने आई कि पुलिस ये बात सोचने पर मजबूर हो गई. वहां एक लड़की ने अपने लिव इन पार्टनर के साथ मिलकर अपने मां-बाप और छोटी बहन को बेरहमी के साथ मौत के घाट उतार दिया. इस मामले की छानबीन और तफ्तीश में पता चला कि कत्ल करने से लेकर सबूत मिटाने तक आरोपियों ने AI की मदद ली. वहीं से उन्हें सारे आइडिया मिले.

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बेंगलुरु के केआर पुरम में मौजूद है साई ग्रीन होम अपार्टमेंट. अपार्टमेंट के बाहर पुलिसवाले पहुंचे थे. पुलिस क्यों आई थी या इस अपार्टमेंट के एक फ़्लैट के अंदर क्या हुआ था? उसे जानने से पहले बेंगलुरु के एक दूसरे घर की सीसीटीवी फुटेज की बात करते हैं. फुटेज में तस्वीरें रात की हैं. तारीख़ थी 22 जून और सीसीटीवी के कैमरे की घड़ी में रात के 9 बजकर 2 मिनट हुए हैं. अब दो अलग-अलग कैमरों के दो फ्रेम में दो लोग दिखते हैं. पहले फ्रेम में बाईं तरफ उस घर का दरवाज़ा खुलता है और अंदर से एक लड़का और लड़की बाहर निकलते हैं और चल पड़ते हैं. दूसरे फ्रेम में वही लड़का और लड़की तेज़ कदमों से सामने की तरफ जाते दिखाई पड़ते हैं.

अब दोनों फ्रेम को मिलाकर इन दोनों को जब देखा गया तो किसी को भी उनकी चाल या चलने से ये अंदाज़ा नहीं लग सकता था कि बस थोड़ी ही देर पहले उन दोनों ने मिलकर तीन क़त्ल किए थे. जी हां, तीन क़त्ल. और कत्ल भी किसका? फुटेज में दिखने वाली लड़की के अपने ही मां, बाप और बहन का. एक बेटी ने लिव-इन में रह रहे अपने दोस्त के साथ मिलकर अपने मां-बाप और बहन पर अपने हाथों से चाकू के 50 से ज़्यादा वार किए थे. इनमें से सिर्फ 26 वार तो इस लड़की ने अकेले अपनी मां पर किए थे, क्योंकि उसे सबसे ज़्यादा नफ़रत अपनी मां से ही थी.

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ये देश का पहला ऐसा मर्डर केस बनते बनते रह गया, जिसमें दो इंसानों के साथ साथ एक टेक्नोलॉजी को भी बेंगलुरु पुलिस इस ट्रिपल मर्डर का सह-आरोपी यानि को-एक्यूज़्ड बनाने जा रही थी. जानते हैं इंसानों की बनाई वो मशीन या टेक्नोलॉजी कौन सी है? वही जिसे लेकर इस वक्त पूरी दुनिया में बाते हो रही हैं AI यानि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस. 

अब आप सोचेंगे कि कत्ल तो इन दोनों ने किया फिर AI कैसे क़ातिल हो सकता है. तो हक़ीकत ये है कि बेशक कत्ल इन दोनों ने किए लेकिन कत्ल की पूरी तैयारी और हर प्लानिंग के साथ साथ इन तीन क़त्ल का राज़दार इन दोनों के अलावा अगर कोई था तो सिर्फ और सिर्फ AI.

अब पहले थोड़ी सी कहानी समझ लेते हैं. सीसीटीवी कैमरे में कैद उस लड़की का नाम श्वेता है. 24 साल की श्वेता के साथ मौजूद उस लड़के का नाम केनेथ है. 25 साल का केनेथ और श्वेता दोनों पिछले काफी वक्त से बेंगलुरु के साईं ग्रीन होम अपार्टमेंट में रह रहे हैं. दोनों ही अच्छे परिवार से हैं. श्वेता के पिता सोमा सुंदर एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में नौकरी करते हैं. जबकि केनेथ के पिता एयरक्राफ्ट बनाने वाली एक पीएसयू में नौकरी करते हैं. 

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खुद श्वेता बेंगलुरु के एक आईटी कंपनी में काम करती थी. जबकि केनेथ भी टेक कंपनी से जुड़ा हुआ था. बीच में श्वेता की नौकरी चली गई. तब उसने अपनी मां मुथुलक्ष्मी से 50 लाख रुपये उधार लिए थे. ये पैसे उसने अपने लिव-इन पार्टनर केनेथ पर खर्च कर दिए. अब श्वेता को लगा कि उसकी मां पैसे वापस मांगेगी. पर पैसे उसके पास थे नहीं और वो उसे लौटाना भी नही चाहती थी. बस इसी 50 लाख रुपये के लिए एक बेटी ने अपने लिव-इन पार्टनर के साथ मिलकर अपने पूरे परिवार को ही मार डालने का फैसला किया. परिवार में मां मुथुलक्ष्मी के अलावा श्वेता के पिता सोमा सुंदर और छोटी बहन सुप्रिया थी.

मां-बाप और बहन को मारने का फैसला श्वेता और केनेथ ने 6 महीने पहले किया था. इसके बाद पिछले 6 महीने से दोनों इस बात की प्लानिंग कर रहे थे कि एक साथ तीन तीन कत्ल कैसे किया जाएं. अब चूंकि दोनों टेक्नोलॉजी के माहिर थे, लिहाजा फुल प्रूफ ट्रिपल मर्डर के लिए उन्होंने टेक्नोलॉजी की मदद लेने का फैसला किया. और इसी के बाद उनकी साजिश में AI की एंट्री होती है. AI इसलिए कि ये वो राजदार बन सकता था, जो इंसानों की तरह धोखा नहीं देता, ना राज़ फाश करता, ना अपना मुंह खोलता. और बस यहीं से AI से तीन कत्ल के तरीके और फिर पुलिस से कैसे बचा जाए उसके जवाब पूछने शुरु कर दिए.

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जानते हैं श्वेता और केनेथ ने AI से कौन कौन से सवाल पूछे थे? चलिए बताते हैं- 

- तीन लोगों का मर्डर एक साथ कैसे किया जा सकता है? 
- वो कौन सा केमिकल है जो ख़ून के धब्बों को मिटा देता है? 
- कत्ल के बाद लाश की पैकिंग कैसे की जाती है? 
- लाश को घर के बाहर कैसे ले जाया जाता है? 
- घर के अंदर कोई हमला करे तो उसका सामना कैसे किया जाए? 
- क्या क्लाउड किचन के लिए बनाई गई भट्टी में लाशों को जलाकर सबूत मिटाए जा सकते हैं?

पूरे 6 महीने तक AI टूल की मदद से श्वेता और केनेथ क़त्ल के तरीके सीखते रहे. फिर AI के बताए जवाब के हिसाब से ही केनेथ ने इसी अपार्टमेंट के अपने घर में एक क्लाउड किचन तैयार किया. AI की मदद से ही उसने खुद से लोहे की भट्टी तैयार की. दरअसल, केनेथ खुद अपना क्लाउड किचन शुरु करने की सोच रहा था. जब सारी तैयारी मुकम्मल हो गई तब कत्ल की बारी आई.

22 जून को श्वेता ने सबसे पहले अपनी मां को बहाने से साई ग्रीन होम के अपार्टमेंट में मिलने के लिए बुलाया. अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर G03 में श्वेता और केनेथ साथ रहते थे. इसी फ्लैट में मां के दाखिल होते ही केनेथ और श्वेता ने अचानक चाकुओं से मां पर हमला बोल दिया. श्वेता की मां पर दोनों ने चाकू के कुल 26 वार किए थे. 

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मां की मौत के थोड़ी देर बाद अब श्वेता के पिता और छोटी बहन को उसी फ़्लैट में बुलाया जाता है. इसके बाद उन दोनों पर भी उसी तरह चाकू से अनगिनत वार किए जाते हैं. चाकू के वार के बाद श्वेता और केनेथ को लगता है कि तीनों मर चुके हैं. इसी के बाद घर में तीनों लाश छोड़कर फ्लैट को बंद कर अब श्वेता और केनेथ श्वेता की मां के घर पहुंचते हैं. वहां से जो भी कैश या जेवर मिलते हैं, उन्हें समेट कर दोनों एक बैग में सारा सामान डालकर पुडुचेरी के लिए निकल जाते हैं.

सीसीटीवी में कैद एक तस्वीर उसी वक्त की है, जिसमें केनेथ और श्वेता बाइक पर बैठे नजर आते हैं. और श्वेता के हाथों में एक बैग दिखता है. लेकिन, उधर होता ये है कि श्वेता के पिता चाकू के अनगिनत वार के बावजूद जिंदा बच गए थे. वह किसी तरह रेंगते हुए घर के बाहर सीढ़ियों तक पहुंच जाते हैं. तब तक कुछ पड़ोसियों की नज़र उन पर पड़ती है. वो पुलिस को ख़बर देते हैं. पुलिस जब मौके पर पहुंचती है तो श्वेता के पिता सोमा सुंदर जिंदा थे. 

वो सोमा सुंदर ही थे, जिन्होंने पुलिस को पहली बार बताया कि उनकी पत्नी मुथुलक्ष्मी और बेटी सुप्रिया फ्लैट के अंदर हैं. और उन तीनों पर उनकी अपनी बेटी श्वेता और उसके दोस्त केनेथ ने हमला किया है. बाद में पुलिस तीनों को फौरन अस्पताल ले गई. मुथुलक्ष्मी और सुप्रिया पहले ही मर चुके थे. अस्पताल पहुंचने के बाद सोमा सुंदर की भी मौत हो गई.

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चूंकि मौत से पहले सोमा सुंदर गवाही दे चुके थे. लिहाजा, पुलिस फौरन श्वेता और केनेथ की तलाश में जुट गई. कत्ल के बाद श्वेता और केनेथ कुछ वक्त तक तो बेंगलुरु के बाहरी इलाकों में मोटरसाइकिल पर घूमते रहे. फिर दोनों अलग-अलग बस पकड़ कर पुडुचेरी पहुंच गए. बाद में पुलिस ने सबसे पहले पुडुचेरी से श्वेता को गिरफ्तार किया. उसके बाद केनेथ को पुडुचेरी में ही एक बार से पकड़ा गया. फिर दोनों को बेंगलुरु लाया गया. 

पूछताछ में श्वेता ने पुलिस को बताया कि मेरी मां ने पूरी ज़िंदगी मुझे कंट्रोल किया. उसने कभी मुझे आज़ादी से कुछ करने नहीं दिया. मेरी मां ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी, इसीलिए मैंने उसे मार डाला. श्वेता ने ये भी कहा कि उसने अकेले ही अपने मां बाप और बहन को मारा. केनेथ ने सिर्फ उसकी मदद की थी. दोनों से इसी पूछताछ के बाद कत्ल की सारी कहानी सामने आई और उसी कहानी में AI की कहानी भी थी. 

दोनों के बयाान के बाद जब पुलिस ने उनके लैपटॉप को खंगाला तो सर्च इंजन में केनेथ और श्वेता की तीन कत्ल को लेकर पूछे गए सारे सवाल और उनके जवाब भी मिल गए. अब चूंकि क़त्ल के तरीके को लेकर जवाब AI दे रहा था तो बेंगलुरु पुलिस ने ये तय किया कि इस ट्रिपल मर्डर में श्वेता और केनेथ के साथ-साथ उस AI टूल को भी आरोपी बनाया जाए. हालांकि अभी तक ऐसा हुआ नहीं है. लेकिन बेंगलुरु पुलिस ने उस कंपनी से AI के बारे में और जानकारी जरूर मांगी है.

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क्या AI पर चल सकता है मुकदमा?
मौजूदा भारतीय कानून के तहत आपराधिक जिम्मेदारी (Criminal Liability) सामान्यतः किसी प्राकृतिक व्यक्ति या कुछ मामलों में किसी कानूनी इकाई (जैसे कंपनी) पर तय की जाती है. AI एक तकनीकी उपकरण है, जिसकी अपनी स्वतंत्र कानूनी पहचान या आपराधिक मंशा (Mens Rea) नहीं मानी जाती. इसलिए मौजूदा कानूनी ढांचे में किसी AI टूल पर हत्या का मुकदमा चलाना संभव नहीं माना जाता.

हालांकि यदि किसी अपराध में AI का इस्तेमाल किया गया हो, तो जांच एजेंसियां उस AI सेवा के रिकॉर्ड, लॉग या संबंधित कंपनी से जानकारी मांग सकती हैं. ऐसे मामलों में कानूनी जिम्मेदारी उन व्यक्तियों की होती है, जिन्होंने अपराध की योजना बनाई, उसे अंजाम दिया या AI का दुरुपयोग किया. इसलिए इस मामले में भी जांच का केंद्र श्वेता और केनेथ ही हैं, जबकि AI की भूमिका डिजिटल साक्ष्य और जांच के एक पहलू के रूप में देखी जा रही है.

(बेंगलुरु से सगाय राज का इनपुट)

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