SBI Life की धांसू स्कीम, हर महीने तय इनकम, प्रीमियम का 110% रिफंड!

SBI Life Smart Platina Plus: अगर आप हर महीने तय इनकम चाहते हैं और शेयर बाजार के जोखिम से दूर रहना चाहते हैं, तो एसबीआई लाइफ की स्मार्ट प्लेटिना प्लस स्कीम एक विकल्प हो सकता है. इस प्लान में न्यूनतम 50,000 रुपये सालाना प्रीमियम से शुरुआत की जा सकती है. जानिए प्रीमियम अवधि, लोन सुविधा और पॉलिसी से जुड़ी अहम शर्तें.

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एसबीआई लाइफ की स्मार्ट प्लेटिना प्लस स्कीम में न्यूनतम 50,000 रुपये सालाना प्रीमियम से शुरुआत की जा सकती है. (File Photo) एसबीआई लाइफ की स्मार्ट प्लेटिना प्लस स्कीम में न्यूनतम 50,000 रुपये सालाना प्रीमियम से शुरुआत की जा सकती है. (File Photo)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 22 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:08 PM IST

अगर आप शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहकर भविष्य के लिए एक तय इनकम का इंतजाम करना चाहते हैं, तो एसबीआई लाइफ का स्मार्ट प्लेटिना प्लस (SBI Life Smart Platina Plus) एक विकल्प हो सकता है. यह एक नॉन-लिंक्ड सेविंग्स प्लान है, जिसमें पॉलिसी की शर्तों के मुताबिक गारंटीड इनकम और लाइफ इंश्योरेंस कवर मिलता है.

इसमें न्यूनतम सालाना प्रीमियम 50,000 रुपये है, जबकि न्यूनतम बीमा राशि 5.50 लाख रुपये तय की गई है. आइए, समझते हैं कि इस प्लान में इनकम के कौन-कौन से विकल्प हैं, प्रीमियम कितने साल तक देना होगा और पॉलिसी पूरी होने पर क्या लाभ मिलेंगे.

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एसबीआई लाइफ स्मार्ट प्लेटिना प्लस

एसबीआई लाइफ का स्मार्ट प्लेटिना प्लस एक नॉन-लिंक्ड और नॉन-पार्टिसिपेटिंग लाइफ इंश्योरेंस सेविंग्स प्लान है. नॉन-लिंक्ड होने का मतलब है कि इसका रिटर्न सीधे शेयर बाजार से जुड़ा नहीं है. वहीं, नॉन-पार्टिसिपेटिंग प्लान में पॉलिसीधारक को बीमा कंपनी के मुनाफे में बोनस के रूप में हिस्सा नहीं मिलता.

इस प्लान में मिलने वाले गारंटीड लाभ पॉलिसी की शर्तों के अनुसार तय होते हैं. हालांकि, इसे चुनने से पहले यह समझना जरूरी है कि गारंटीड इनकम, मैच्योरिटी और डेथ बेनिफिट की राशि और भुगतान का समय चुने गए विकल्प और पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर कर सकता है.

इनकम के मिलते हैं दो विकल्प

इस पॉलिसी में पॉलिसीधारकों को अपनी जरूरत के हिसाब से दो विकल्प चुनने का मौका मिलता है.

गारंटीड इनकम ऑप्शन: इसमें पॉलिसी की शर्तों के मुताबिक नियमित और तय इनकम मिलती है.

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लाइफ इनकम ऑप्शन: इसमें निर्धारित पेआउट अवधि के दौरान नियमित गारंटीड इनकम पाने का विकल्प मिलता है.

इनकम का भुगतान सालाना, छमाही, तिमाही या मासिक आधार पर लिया जा सकता है. भुगतान की उपलब्ध फ्रीक्वेंसी और उससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि पॉलिसी खरीदने से पहले करनी चाहिए.

कितने साल तक देना होगा प्रीमियम?

स्मार्ट प्लेटिना प्लस में प्रीमियम भुगतान के लिए चार विकल्प दिए गए हैं. पॉलिसीधारक 6, 7, 8 या 10 साल की प्रीमियम भुगतान अवधि चुन सकते हैं. इस प्लान के लिए न्यूनतम सालाना प्रीमियम 50,000 रुपये है. वहीं, न्यूनतम सम एश्योर्ड यानी बीमा राशि 5,50,000 रुपये रखी गई है. ध्यान रखें कि बीमा राशि और प्रीमियम दो अलग-अलग चीजें हैं. बीमा राशि वह रकम है, जिसके आधार पर पॉलिसी के तहत मिलने वाले लाभ तय होते हैं, जबकि प्रीमियम वह रकम है जो पॉलिसीधारक बीमा कंपनी को चुकाता है.

मैच्योरिटी पर कितना पैसा मिलेगा?

इस प्लान की प्रमुख विशेषताओं में मैच्योरिटी पर कुल चुकाए गए प्रीमियम का 110% वापस मिलने का प्रावधान शामिल है. हालांकि, इस लाभ की सटीक शर्तें और भुगतान का तरीका पॉलिसी के चुने गए विकल्प और आधिकारिक दस्तावेजों से समझना जरूरी है. उदाहरण के लिए, अगर किसी पॉलिसी में कुल पात्र प्रीमियम 5 लाख रुपये बनता है, तो उसका 110% यानी 5.50 लाख रुपये होगा. यह सिर्फ प्रतिशत समझाने के लिए गणना है, किसी वास्तविक पॉलिसी का कोटेशन या मिलने वाली कुल रकम का दावा नहीं. वास्तविक लाभ पॉलिसी की शर्तों के अनुसार तय होगा.

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पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर क्या?

पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) को पॉलिसी के नियमों के मुताबिक डेथ बेनिफिट दिया जाता है. गारंटीड इनकम विकल्प में इनकम भुगतान शुरू होने के बाद भी कुछ परिस्थितियों में भुगतान जारी रहने का प्रावधान हो सकता है. इसकी पात्रता और भुगतान की शर्तें संबंधित विकल्प के दस्तावेज में देखनी चाहिए.

जरूरत पड़ने पर लोन की सुविधा

इस योजना में पॉलिसी के बदले लोन लेने का विकल्प भी दिया गया है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कम से कम दो साल का पूरा प्रीमियम चुकाने और सरेंडर वैल्यू बनने के बाद पॉलिसीधारक उस वैल्यू के 50% तक लोन ले सकते हैं. लोन की पात्रता, ब्याज दर और अन्य शर्तों की पुष्टि बीमा कंपनी से करना जरूरी है.

अतिरिक्त सुरक्षा के लिए राइडर

पॉलिसी के साथ कुछ अतिरिक्त राइडर लेने का विकल्प भी उपलब्ध बताया गया है. इनमें एसबीआई लाइफ एक्सीडेंटल बेनिफिट राइडर शामिल है, जो तय शर्तों के तहत दुर्घटना से मृत्यु या आंशिक विकलांगता से संबंधित लाभ दे सकता है. इसके अलावा, वेवर ऑफ प्रीमियम राइडर का विकल्प भी है. राइडर के लिए अतिरिक्त प्रीमियम और अलग नियम लागू हो सकते हैं.

प्लान लेने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

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स्मार्ट प्लेटिना प्लस उन लोगों के लिए विचार करने योग्य विकल्प हो सकता है, जो बाजार से जुड़े रिटर्न के बजाय पॉलिसी के तहत तय लाभ और लाइफ कवर चाहते हैं. लेकिन इसे चुनने से पहले सिर्फ मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम न देखें. यह भी समझें कि इनकम कब शुरू होगी, कितने समय तक मिलेगी, कुल कितना प्रीमियम चुकाना होगा और बीच में पॉलिसी बंद करने पर क्या नुकसान हो सकता है.

ध्यान दें: यहां दी गई जानकारी सामान्य सूचना के लिए है, निवेश या बीमा खरीदने की व्यक्तिगत सलाह नहीं. पॉलिसी खरीदने से पहले एसबीआई लाइफ के आधिकारिक ब्रोशर, बेनिफिट डिटेल्स, नियम व शर्तें जरूर पढ़ें. जरूरत हो तो सर्टिफाइड फाइनेंशियल एक्सपर्ट से सलाह लें.

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