पंजाब के सरकारी कर्मचारियों (Punjab Govt Employees) और पेंशनरों को बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट ने उनके बकाया महंगाई भत्ता एरियर (DA Arrear Due) को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने इस मामले में पंजाब सरकार की ओर से दायर की कई अपील को खारिज कर दिया है और सिंगल बेंच के फैसले को बरकरार रखते हुए कर्मचारियों और पेंशनर्स को DA एरियर और DR एरियर का भुगतान करने का निर्देश दिया है.
सरकार को हाई कोर्ट से लगा झटका
पंजाब हाई कोर्ट (Punjab High Court) में राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी जीत मिली है, जबकि अदालत ने पंजाब सरकार की अपील को खारिज कर दिया है. हाईकोर्ट ने बकाया डीए-डीआर पर अपना फैसला सुना दिया है और ये राज्य के करीब 6,00,000 पेंशनर्स और सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत भरा है. दरअसल, हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार की लेटर्स पेटेंट अपील (LPA) को खारिज किया है और ऐसा करके सिंगल बेंच के फैसले को बरकरार रखा गया है.
हाई कोर्ट ने सुनाया ये फैसला
हाई कोर्ट की ओर से पंजाब सरकार की एलपीए को खारिज करते हुए पंजाब सरकार को निर्देश दे दिया गया है कि वो सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का बकाया DA एरियर और DR एरियर दे. अदालत ने ये भी साफ किया है कि यह बकाया राशि 6 फीसदी के ब्याज के साथ उन्हें दी जानी चाहिए.
लंबे समय से उठ रही थी मांग
बता दें कि राज्य के कर्मचारी और पेंशनर्स लंबे समय से अपने बकाया डीए-डीआर का इंतजार कर रहे हैं और याचिकाकर्ताओं की डिमांड पर पंजाब सरकार की ओर से लगातार विरोध किया गया. हालांकि, अब हाई कोर्ट के फैसले ने उन्हें बड़ी राहत दी है. इससे पहले मार्च महीने में भी पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा था कि DA/DR कर्मचारियों और पेंशनर्स का कानूनी अधिकार है.
पंजाब सरकार की ओर से राज्य के पेंशनर्स और कर्मचारियों का 1 जुलाई 2021 से 31 मार्च 2024 के बीच बढ़ा हुआ DA/DR के एरियर का भुगतान टाल दिया था, जिसका ऐलान सरकार की ओर से 2025 में किया गया था. इसे लेकर लगातार मांग उठाई जा रही थी. अब अदालत का फैसला इन लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के पक्ष में फैसला सुनाया है.
अमन भारद्वाज