महंगाई भत्ता (DA) असल में बढ़ती महंगाई को देखते हुए दिया जाने वाला एक अतिरिक्त पैसा होता है. यानी जब रोजमर्रा का खर्च बढ़ता है, तो सरकार अपने कर्मचारियों और पब्लिक सेक्टर (सरकारी कंपनियों) में काम करने वालों की सैलरी में थोड़ा बढ़ोतरी करती है, ताकि उन्हें राहत मिल सके.
पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों को भी यह भत्ता मिलता है, लेकिन वे सीधे सरकारी अधिकारी (सिविल सर्वेंट) नहीं होते. कुछ बड़ी और पुरानी प्राइवेट कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देती हैं.
महंगाई भत्ता, आपकी बेसिक सैलरी (मूल वेतन) का एक प्रतिशत होता है. जैसे-जैसे महंगाई बढ़ती है, वैसे-वैसे DA भी बढ़ाया जाता है ताकि लोगों पर उसका असर कम हो. किसी व्यक्ति को सैलरी या पेंशन मिलती है, जिसमें बाद में DA और कभी-कभी हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी जोड़ दिया जाता है. DA पूरी तरह टैक्स के दायरे में आता है यानी इस पर टैक्स देना पड़ता है.
महंगाई भत्ता इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप किस शहर या इलाके में रहते हैं, क्योंकि हर जगह महंगाई का स्तर अलग होता है.
महंगाई भत्ते दो प्रकार को होते हैं- पहला- रोजगार की शर्तों के तहत मिलने वाला DA (यानि नौकरी के नियमों में शामिल) और दूसरा- रोजगार की शर्तों के तहत न मिलने वाला DA (यानि अलग से दिया जाने वाला).
8वें वेतन आयोग के तहत एक नई जानकारी सामने आई है, जिसके तहत कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 72,000 रुपये होने का दावा किया जा रहा है. हालांकि, अभी तक अधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है.
सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 2 फीसदी महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है, जिसका मतलब है कि अब अप्रैल की सैलरी के साथ बढ़े हुए डीए का भी पैसा आएगा.
पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए बीजेपी ने चुनाव घोषणापत्र जारी कर दिया है. इसे पार्टी ने भरोसा पत्र नाम दिया है. बीजेपी के घोषणापत्र में सरकारी कर्मचारियों के साथ ही महिलाओं और युवाओं पर फोकस है.
सातवें वेतन आयोग के तहत जनवरी से होने वाली महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान अभी तक नहीं किया गया है, लेकिन कर्मचारियों को उम्मीद है कि इसमें जल्द ही सरकार इजाफा कर सकती है. अगर ये बढ़ोतरी होती है तो 4 फीसदी तक इजाफा हो सकता है.
केंद्र सरकार ने अभी तक 7वें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की जानकारी नहीं दी है, जिसका इंतजार सरकारी कर्मचारियों को है. ऐसे में आइए जानते हैं इसमें देरी क्यों हो रही है और महंगाई भत्ता कितना बढ़ सकता है?