जरूरत में लेना है ₹5 लाख का कर्ज? जानें गोल्ड लोन vs पर्सनल लोन में क्या रहेगा सही

अचानक कोई बड़ा खर्च सामने आ जाए तो लोन लेना कई बार मजबूरी बन जाता है. ऐसे में पर्सनल लोन और गोल्ड लोन में से किसका चुनाव करें, यह सवाल अहम हो जाता है. पर्सनल लोन की तुलना में गोल्ड लोन सस्ता पड़ता है, लेकिन इसके साथ गहने या सोना गिरवी रखने का जोखिम भी जुड़ा है.

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पर्सनल लोन की तुलना में गोल्ड लोन सस्ता पड़ता है, लेकिन इसके साथ सोना गिरवी रखने का जोखिम भी जुड़ा है. (सांकेतिक तस्वीर) पर्सनल लोन की तुलना में गोल्ड लोन सस्ता पड़ता है, लेकिन इसके साथ सोना गिरवी रखने का जोखिम भी जुड़ा है. (सांकेतिक तस्वीर)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 21 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:26 PM IST

अचानक घर में कोई बड़ा खर्च आ जाए तो सबसे मुश्किल सवाल यही होता है कि पैसों का इंतजाम कहां से किया जाए. इलाज, बच्चों की पढ़ाई, घर की जरूरी मरम्मत या किसी दूसरी बड़ी जरूरत के लिए कई बार उधार लेना मजबूरी बन जाता है. ऐसे समय में पर्सनल लोन और गोल्ड लोन दो आम विकल्प होते हैं. लेकिन दोनों की लागत एक जैसी नहीं होती. खासकर जब रकम बड़ी हो और लोन कई साल के लिए लिया जाए, तो ब्याज का छोटा सा अंतर भी हजारों रुपये का फर्क पैदा कर सकता है.

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अगर ₹5 लाख का लोन 3 साल के लिए लिया जाए और पर्सनल लोन की ब्याज दर 12% हो, जबकि गोल्ड लोन की प्रभावी दर 9.95% हो, तो गोल्ड लोन करीब ₹17,500 तक सस्ता पड़ सकता है. इसकी वजह सिर्फ कम EMI नहीं, बल्कि पूरी अवधि में चुकाया जाने वाला कम ब्याज है.

GL vs PL : ₹5 लाख पर कितना अंतर?

इस तुलना को आसान रखने के लिए दोनों लोन की रकम ₹5 लाख और अवधि 3 साल यानी 36 महीने रखते हैं. 12% सालाना ब्याज वाले पर्सनल लोन पर EMI करीब ₹16,607 बैठेगी. तीन साल में कुल भुगतान करीब ₹5.98 लाख होगा. इसमें करीब ₹97,850 ब्याज के रूप में जाएगा.

वहीं, 9.95% की प्रभावी दर वाले गोल्ड लोन पर EMI करीब ₹16,122 बनती है. तीन साल में कुल भुगतान करीब ₹5.80 लाख रहेगा और कुल ब्याज करीब ₹80,387 होगा. यानी इस उदाहरण में गोल्ड लोन की EMI हर महीने करीब ₹485 कम है. तीन साल में ब्याज का कुल अंतर करीब ₹17,463 यानी लगभग ₹17,500 बैठता है.

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सिर्फ ब्याज दर देखकर न करें फैसला

यहां एक बात समझना जरूरी है. बैंक की वेबसाइट पर दिखने वाली शुरुआती ब्याज दर जरूरी नहीं कि आपको भी उसी दर पर लोन मिल जाए. सितंबर 2026 में SBI का पर्सनल लोन करीब 10% से 15% की रेंज में है. आपकी वास्तविक दर क्रेडिट स्कोर, आमदनी, मौजूदा कर्ज, बैंक के साथ संबंध और आपकी रीपेमेंट क्षमता जैसी चीजों पर निर्भर कर सकती है. इसलिए अगर किसी बैंक से आपको 12% के बजाय 10.5% या 11% पर पर्सनल लोन मिल रहा है, तो पूरी गणना बदल जाएगी. इसी तरह गोल्ड लोन की वास्तविक लागत भी सिर्फ विज्ञापन में बताई गई ब्याज दर से तय नहीं होती.

पर्सनल लोन में क्या फायदा?

पर्सनल लोन की सबसे बड़ी सुविधा यह है कि इसके लिए आपको कोई संपत्ति या सोना गिरवी नहीं रखना पड़ता. इसे अनसिक्योर्ड लोन कहा जाता है. बैंक आमतौर पर आपकी आय, क्रेडिट हिस्ट्री, क्रेडिट स्कोर, मौजूदा EMI और भुगतान क्षमता देखकर लोन मंजूर करता है. अगर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल अच्छी है और आमदनी नियमित है, तो आपको अपेक्षाकृत कम ब्याज दर का ऑफर मिल सकता है. कई ग्राहकों को बैंक की तरफ से प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन भी मिलता है. लेकिन यहां भी यह देखना जरूरी है कि कम दर के साथ प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्ज या दूसरी फीस कितनी है.

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गोल्ड लोन सस्ता क्यों पड़ सकता है?

गोल्ड लोन में ग्राहक अपने सोने के गहने बैंक या लोन देने वाली संस्था के पास गिरवी रखता है. इसलिए यह सिक्योर्ड लोन होता है. बैंक के नजरिए से इसमें जोखिम अपेक्षाकृत कम होता है, क्योंकि लोन के बदले सोना सुरक्षा के तौर पर रखा जाता है. इसी वजह से कई मामलों में गोल्ड लोन की ब्याज दर पर्सनल लोन से कम हो सकती है. लेकिन कम ब्याज का मतलब यह नहीं कि गोल्ड लोन में कोई जोखिम नहीं है.

सबसे बड़ा जोखिम आपका सोना है

गोल्ड लोन लेते समय सबसे जरूरी बात यह समझना है कि आपने अपने गहने गिरवी रखे हैं. अगर आप समय पर EMI या बकाया रकम नहीं चुका पाते, तो लोन देने वाली संस्था नियमों और समझौते की शर्तों के मुताबिक गिरवी रखे सोने पर कार्रवाई कर सकती है. यानी यहां ब्याज कम होने के साथ एक बड़ा भावनात्मक और आर्थिक जोखिम भी जुड़ा है. अगर वे गहने परिवार के लिए महत्वपूर्ण हैं, तो लोन लेने से पहले इस पहलू पर भी विचार करना चाहिए.

EMI कम है तो क्या लोन सस्ता है?

जरूरी नहीं. किसी भी लोन की तुलना करते समय सिर्फ EMI नहीं देखें. आपको यह देखना चाहिए कि पूरी अवधि में बैंक को कुल कितनी रकम वापस करनी है और उसमें ब्याज के अलावा कौन-कौन से शुल्क शामिल हैं. उदाहरण के लिए, ₹5 लाख के 3 साल के लोन में ऊपर दिए गए हिसाब से गोल्ड लोन की EMI करीब ₹485 कम है. लेकिन अंतिम फैसला करने से पहले दोनों लोन की प्रोसेसिंग फीस, अन्य शुल्क, ब्याज की गणना का तरीका और समय से भुगतान न करने की शर्तें भी देखनी चाहिए.

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किसके लिए क्या बात महत्वपूर्ण?

अगर आपके पास सोना है और आप उसे गिरवी रखने को तैयार हैं, तो कम ब्याज दर वाला गोल्ड लोन कुल लागत के लिहाज से कम पड़ सकता है. लेकिन इसके साथ सोने के गिरवी रहने का जोखिम जुड़ा है. दूसरी तरफ, पर्सनल लोन में आपको सोना या कोई दूसरी संपत्ति गिरवी नहीं रखनी पड़ती. लेकिन बिना सिक्योरिटी वाला लोन होने की वजह से इसकी ब्याज दर कई मामलों में ज्यादा हो सकती है. इसलिए जरूरी खर्च के लिए लोन लेने की स्थिति में पहले अपनी वास्तविक जरूरत और EMI चुकाने की क्षमता देखें. इसके बाद दोनों विकल्पों में ब्याज दर, कुल भुगतान, सभी शुल्क और जोखिम की तुलना करें.

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