भारत की पहली बुलेट ट्रेन का सपना जल्द पूरा होने जा रहा है. हर दिन बीतने के साथ अब यह मंजिल और ज्यादा करीब आने लगी है. देश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम तेजी से जारी है. इसी बीच प्रोजेक्ट को लेकर नया अपडेट सामने आया है. सूरत और बिलिमोरा के बीच पहला सेक्शन अगले साल चालू करने का लक्ष्य है, जबकि वापी-सूरत सेक्शन का सिविल कंस्ट्रक्शन दिसंबर 2026 तक पूरा हो सकता है.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को अहमदाबाद में बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम मजबूत रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के बड़े हिस्से में निर्माण कार्य उम्मीद से तेज गति से चल रहा है. रेल मंत्री के मुताबिक, सूरत और बिलिमोरा के बीच का सेक्शन अगले साल चालू करने का लक्ष्य रखा गया है. यह कॉरिडोर का शुरुआती ऑपरेशनल हिस्सा होगा. ऐसे में आने वाले महीनों में इस सेक्शन की प्रोग्रेस पर खास नजर रहेगी.
वापी-सूरत सेक्शन पर सिविल कंस्ट्रक्शन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस हिस्से का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है. इसके साथ ही कॉरिडोर के दूसरे बड़े हिस्सों में भी काम तेजी से चलने की बात कही गई है. मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की आधारशिला सितंबर 2017 में रखी गई थी. सरकार का लक्ष्य इस परियोजना के जरिए देश में हाई स्पीड रेल नेटवर्क की शुरुआत करना है.
टेस्टिंग के लिए पहला कोच तैयार
बुलेट ट्रेन के इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ट्रेनसेट के निर्माण और टेस्टिंग की तैयारियां भी आगे बढ़ रही हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल में ट्रेन मैन्युफैक्चरिंग की प्रोग्रेस का रिव्यू किया था. इसके बाद बताया गया कि टेस्टिंग के लिए पहला कोच तैयार हो चुका है. मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है. यह महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा.
इस रूट पर कुल 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं. इनमें मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं. स्टेशनों की डिजाइन को संबंधित शहर की स्थानीय पहचान और चरित्र से जोड़ने की कोशिश की गई है. आधुनिक आर्किटेक्चर और यात्री सुविधाओं के साथ मल्टीमोडल कनेक्टिविटी पर भी जोर दिया गया है.
अहमदाबाद से मुंबई 2.58 घंटे में
यह देश की सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है. इसका प्रमुख उद्देश्य मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय कम करना है. बुलेट ट्रेल की अधिकतम रफ्तार 320 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने की उम्मीद है. उस हिसाब से अहमदाबाद से मुंबई के बीच की यात्रा 2 घंटे, 58 मिनट में पूरी होगी. इसके साथ यात्रियों को बेहतर आराम, सुरक्षा और तेज कनेक्टिविटी देने पर भी फोकस है. सरकार के मौजूदा अनुमान के मुताबिक, इस कॉरिडोर पर पहली हाई स्पीड रेल सर्विस अगस्त 2027 में शुरू होने की उम्मीद है. फिलहाल सबसे अहम पड़ाव सूरत-बिलिमोरा सेक्शन है, जिसे अगले साल चालू करने का लक्ष्य रखा गया है.
वहीं, दिसंबर 2026 तक वापी-सूरत के सिविल कंस्ट्रक्शन को पूरा करने की डेडलाइन पर भी नजर रहेगी. अगर ये लक्ष्य तय समय के मुताबिक पूरे होते हैं, तो भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना अपने सबसे अहम चरण में प्रवेश कर जाएगी. आने वाले महीनों में निर्माण की रफ्तार और टेस्टिंग से इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की तस्वीर और साफ होगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले कह चुके हैं कि देश के इस पहले हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के पूरे 508 किलोमीटर के सेक्शन को दिसंबर 2029 तक ऑपरेशनल कर दिया जाएगा.
आजतक बिजनेस डेस्क