8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद क्या होगा? समझें 5 चरण का पूरा प्रोसेस

8th Central Pay Commission: 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट मई-जून 2027 तक आने की उम्मीद है, लेकिन केंद्रीय कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी के लिए उसके बाद भी इंतजार करना पड़ सकता है. रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार सिफारिशों की समीक्षा करेगी और तय करेगी कि कौन से प्रस्ताव मंजूर होंगे.

Advertisement
8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद बढ़ी हुई सैलरी हाथ में नहीं आने लगेगी, उसके पहले कुछ और काम सरकार को करने होंगे. (Photo: ITG/@Gfx) 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद बढ़ी हुई सैलरी हाथ में नहीं आने लगेगी, उसके पहले कुछ और काम सरकार को करने होंगे. (Photo: ITG/@Gfx)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 01 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:00 PM IST

केंद्रीय कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है. उम्मीद है कि आयोग मई-जून 2027 तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप देगा. लेकिन रिपोर्ट पेश होते ही कर्मचारियों की सैलरी नहीं बढ़ जाएगी. सरकार पहले आयोग की सिफारिशों की समीक्षा करेगी, उन पर फैसला लेगी और फिर नए वेतनमान को लागू करने के लिए आधिकारिक आदेश जारी करेगी.बढ़ी हुई सैलरी और एरियर मिलने से पहले कई अहम चरण पूरे होने होंगे.

Advertisement

8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था. आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय मिला है. इस हिसाब से आयोग की रिपोर्ट मई 2027 तक आने की उम्मीद है. हालांकि, इसे मई-जून 2027 के आसपास पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है. सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई तीन सदस्यीय 8वें वेतन आयोग की अध्यक्षता कर रही हैं.

आयोग के अन्य दो सदस्य आईआईएम बैंगलोर के प्रोफेसर पुलक घोष और सीनियर आईएएस अफसर पंकज जैन हैं. वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों की सैलरी, पेंशन, भत्तों और उनसे जुड़े दूसरे भुगतानों में बदलाव की सिफारिश करेगा. आयोग ने 8 अक्टूबर को बेंगलुरु और 23 अक्टूबर को मुंबई में अहम बैठकें की हैं. इससे पहले दिल्ली, लद्दाख, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी संबंधित पक्षों के साथ चर्चा की गई है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission: महंगाई भत्ता 63% हुआ... बदलेगा फिटमेंट फैक्टर? समझें सैलरी का गणित

फिटमेंट फैक्टर पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर

8वें वेतन आयोग की सिफारिशों में फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) सबसे अहम मुद्दों में से एक होगा. इसी गुणक के आधार पर मौजूदा बेसिक-पे से नया बेसिक-पे तय किया जाता है. इसलिए फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी में उतनी ही बड़ी बढ़ोतरी की संभावना बनेगी. पिछले वेतन आयोगों की बात करें तो छठे वेतन आयोग ने 1.86 का फिटमेंट फैक्टर सुझाया था, जबकि सातवें वेतन आयोग में इसे 2.57 रखा गया था.

सातवें वेतन आयोग के लागू होने पर न्यूनतम बेसिक पे 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया था. इस बार कर्मचारी संगठन और यूनियनें इससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं. भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने 4 गुना फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है, जबकि नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के स्टाफ साइड ने 3.833 का प्रस्ताव दिया है.

हालांकि, 8वें वेतन आयोग के लिए अभी कोई फिटमेंट फैक्टर तय नहीं हुआ है. अंतिम आंकड़ा आयोग की सिफारिश और केंद्र सरकार के फैसले के बाद ही सामने आएगा. एक बात कर्मचारियों को समझनी जरूरी है कि फिटमेंट फैक्टर सीधे पूरी टेक-होम सैलरी पर लागू नहीं होता. इसका इस्तेमाल बेसिक-पे तय करने के लिए किया जाता है. भत्तों और दूसरी सुविधाओं में बदलाव अलग-अलग सरकारी फैसलों के आधार पर होगा.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission: बेसिक-पे ज्यादा तो DA, HRA, सैलरी सबमें फायदा? समझें गणित

आयोग की रिपोर्ट आने के बाद के 5 बड़े कदम

1. सरकार सबसे पहले रिपोर्ट की समीक्षा करेगी

आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार उसकी सभी सिफारिशों की जांच करेगी. इसमें फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम और अधिकतम बेसिक-पे, भत्तों, पेंशन और सेवा से जुड़ी शर्तों पर दिए गए सुझाव शामिल होंगे. सरकार यह भी देखेगी कि इन बदलावों का सरकारी खजाने पर कितना असर पड़ेगा.

2. सिफारिशें मंजूर, संशोधित या खारिज होंगी

रिपोर्ट में दी गई हर सिफारिश को सरकार के लिए मानना जरूरी नहीं है. सरकार प्रशासनिक जरूरतों, वित्तीय स्थिति और लागू नियमों को ध्यान में रखते हुए कुछ सुझाव स्वीकार कर सकती है, कुछ में बदलाव कर सकती है और कुछ को खारिज भी कर सकती है. यानी आयोग की सिफारिशें आने के बाद भी अंतिम फैसला सरकार का ही होगा.

3. कुछ मुद्दों पर अलग से विचार हो सकता है

भत्तों, पेंशन और वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से जुड़े कुछ मामलों में अतिरिक्त जांच की जरूरत पड़ सकती है. ऐसे मुद्दों पर सरकार अलग से समीक्षा करा सकती है या किसी कमेटी की मदद ले सकती है. इसलिए सभी सिफारिशों पर एक साथ फैसला होना जरूरी नहीं है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission: बेसिक-पे में मर्ज होगा महंगाई भत्ता? 5वें, 6वें और 7वें CPC में क्या हुआ था

4. नोटिफिकेशन और CPC लागू होने की तारीख

समीक्षा और फैसले के बाद केंद्र सरकार नए वेतन ढांचे को लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन और जरूरी आदेश जारी करेगी इसमें बदली हुई बेसिक सैलरी, भत्तों, पेंशन से जुड़े नियम और वेतन आयोग लागू होने की तारीख बताई जाएगी. इसी तारीख के आधार पर तय होगा कि कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी किस अवधि से मिलेगी.

5. विभाग तय करेंगे नई सैलरी और एरियर

सरकारी आदेश जारी होने के बाद संबंधित विभाग कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी और पेंशन की गणना करेंगे. अगर आयोग की सिफारिशें किसी पिछली तारीख से लागू की जाती हैं, तो उस तारीख से वास्तविक भुगतान शुरू होने के बीच की बकाया रकम एरियर के तौर पर दी जा सकती है. एरियर कितना मिलेगा और कब भुगतान होगा, यह सरकार के अंतिम आदेशों पर निर्भर करेगा.

अभी सैलरी बढ़ने की तारीख तय नहीं

8वें वेतन आयोग के गठन को 3 नवंबर 2026 को एक साल पूरा हो जाएगा. आयोग को रिपोर्ट देने के लिए कुल 18 महीने मिले हैं. यानी तय समय का करीब दो-तिहाई हिस्सा पूरा होने वाला है और अगले 7-8 महीनों में रिपोर्ट आने की उम्मीद है. हालांकि, रिपोर्ट पेश होने और नई सैलरी खाते में आने के बीच समय लग सकता है. फिटमेंट फैक्टर, वेतन में वास्तविक बढ़ोतरी, भत्तों में बदलाव, एरियर और लागू होने की तारीख पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. इसलिए कर्मचारी संगठनों की ओर से रखी गई मांगों और अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के आंकड़ों को फिलहाल प्रस्ताव के तौर पर ही देखना चाहिए. अंतिम तस्वीर केंद्र सरकार के फैसले और आधिकारिक नोटिफिकेशन के बाद ही साफ होगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »