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1200 ft पर 100 Kmph से दौड़ी वंदे भारत, दुनिया के सबसे ऊंचे पुल पर बना रफ्तार ​का रिकॉर्ड

आजतक बिजनेस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:52 PM IST
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जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ने 2 अक्टूबर को रेलवे के इतिहास में एक और नया अध्याय जोड़ दिया. ट्रेन ने पहली बार चिनाब रेल ब्रिज को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पार किया. इसी परीक्षण के दौरान ट्रेन ने अंजी ब्रिज को भी 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पार किया. बता दें कि चिनाब ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है और अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज है. भारत में इतनी ऊंचाई पर पहली बार किसी ट्रेन ने 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार दर्ज की है.

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यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल हुई है, जब रेलवे ने कटरा-बनिहाल रेल सेक्शन पर ट्रेनों की अधिकतम मंजूर रफ्तार बढ़ाकर 100 किमी प्रति घंटा कर दी है. जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के 100 Kmph की स्पीड से दौड़ने के साथ इस पहाड़ी रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है. अब उम्मीद है कि आगे चलकर यात्रियों का सफर पहले के मुकाबले तेज और सुगम होगा.

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कटरा-बनिहाल का करीब 111 किलोमीटर लंबा रेल सेक्शन पहाड़ों के बीच से गुजरता है. यहां कई सुरंगें और बड़े पुल हैं. पहले इस रूट के अलग-अलग हिस्सों पर ट्रेनों की अधिकतम मंजूर रफ्तार 75 और 85 किमी प्रति घंटा तक थी. अब रेलवे ने इस पूरे सेक्शन पर अधिकतम मंजूर रफ्तार 100 किमी प्रति घंटा कर दी है. यह बदलाव 2 अक्टूबर से लागू हुआ. इसके बाद ही वंदे भारत का 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर स्पीड टेस्ट किया गया.

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जिस पुल पर वंदे भारत ने 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ी, वह कोई सामान्य पुल नहीं है. चिनाब रेल ब्रिज चिनाब नदी के तल से 359 मीटर ऊपर (1,178 फीट) बना है और यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है. इसकी लंबाई करीब 1,315 मीटर है. यह पुल बेहद कठिन पहाड़ी इलाके और खराब मौसम को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. 

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चिनाब ब्रिज की डिजाइन 120 साल की उम्र को ध्यान में रखकर की गई है और यह करीब 260 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं को झेलने के लिए बनाया गया है. यानी जिस पुल पर ट्रेन ने 100 की रफ्तार पकड़ी, वहां तक पहुंचना और उस पर इतनी रफ्तार से ट्रेन चलाना अपने आप में रेलवे के लिए बड़ी उपलब्धि है.

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इसी स्पीड टेस्ट में वंदे भारत ने अंजी ब्रिज को भी 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पार किया. अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज है. यह पुल गहरी अंजी नदी घाटी के ऊपर बना है और कटरा-बनिहाल रेल सेक्शन का अहम हिस्सा है. अंजी ब्रिज नदी की घाटी से करीब 331 मीटर (1,086 फीट) ऊपर है. इसकी लंबाई करीब 725 मीटर है और इसे 96 हाई-टेंसाइल केबल सहारा देते हैं.

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चिनाब और अंजी जैसे बड़े पुलों पर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन का परीक्षण बताता है कि इस मुश्किल पहाड़ी रूट पर रेलवे धीरे-धीरे ट्रेन की रफ्तार बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इस बदलाव का सबसे सीधा फायदा जम्मू-कश्मीर रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को मिल सकता है. रफ्तार बढ़ने से कटरा-बनिहाल सेक्शन पर ट्रेन का संचालन पहले के मुकाबले तेज हो सकता है और यात्रा समय में भी कमी आने की उम्मीद है.

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जम्मू-श्रीनगर रेल सेवा की शुरुआत 8 कोच वाली वंदे भारत से हुई थी. यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए अप्रैल 2026 में इसे बढ़ाकर 20 कोच किया गया. फिलहाल इस कॉरिडोर पर दो जोड़ी वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं. यह सेवा उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (USBRL) के जरिए जम्मू और कश्मीर घाटी के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करती है.
 

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