ग्लोबल मार्केट में मची हलचल के बीच सोने की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है. अमेरिका में ब्याज दरों पर नरमी के संकेत और दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों द्वारा की जा रही जमकर खरीदारी से गोल्ड के भाव 10 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं. (Photo: Getty)
दुनियाभर में गोल्ड को लेकर अलग ही दीवानगी नजर आती है. शादी-ब्याह का सीजन हो या बाजार में अनिश्चितता का माहौल, सुरक्षित निवेश के रूप में ये पीली धातु हमेशा पहली पसंद बनी रहती है. लेकिन इस बार सर्राफा बाजार में जो तेजी दिखी है, उसने निवेशकों का ध्यान तेजी से अपनी तरफ खींचा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4,300 से 4,400 डॉलर प्रति औंस के आंकड़े को पार कर 10 हफ्ते के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गया है. (Photo: Getty)
क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम?
सोने के भाव में तेजी के पीछे ब्याज दरों को लेकर नरम होते संकेत, सेंट्रल बैंकों की खरीदारी और बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता जैसी कई वजहें हैं. अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्ती कम होने की उम्मीद ने भी सोने को सहारा दिया है. मौद्रिक नीति में सख्ती कम होने की उम्मीद से निवेशकों का रुझान गोल्ड की तरफ बढ़ा है. (Photo: Getty)
वहीं सेंट्रल बैंकों की रिकॉर्ड खरीदारी से भी सोने के भाव बढ़ रहे हैं, क्योंकि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने फॉरेक्स रिजर्व में विविधता लाने के लिए सोना खरीद रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले जून महीने में सेंट्रल बैंकों ने करीब 51 टन शुद्ध सोने की खरीदारी की, जिसमें चीन और पोलैंड सबसे आगे रहे.
इसके अलावा जिओपॉलिटिक्स ने भी गोल्ड के दाम बढ़ा दिए हैं. क्रूड ऑयल की कीमतों में आई कमी और मिडिल ईस्ट से जुड़े घटनाक्रमों ने महंगाई के मोर्चे पर राहत दी है, जिससे मौद्रिक नीति में ढील की उम्मीद बढ़ी है. इसके साथ ही चीन की मांग और FOMO का असर भी सोने को महंगा कर रहा है. चीन से आ रही मजबूत डिमांड और रिटेल निवेशकों में तेजी छूट जाने का डर (FOMO) इस बुलिश ट्रेंड को लगातार हवा दे रहा है.
कहां तक जा सकते हैं सोने के भाव?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है और केंद्रीय बैंक इसी रफ्तार से खरीदारी जारी रखते हैं, तब तक सोने का ये बुल रन जारी रह सकता है. विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और वैश्विक अनिश्चितता बनी रहने पर सोने को आगे भी समर्थन मिल सकता है और घरेलू बाजार में भी भावों में लगातार मजबूती बनी रहने के आसार हैं.
निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?
10 हफ्ते के हाई पर पहुंचे सोने को देखकर आम निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या इस वक्त एंट्री लेना सही होगा. एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा भाव पर एकमुश्त बड़ा निवेश करने की जगह सतर्क रुख अपनाना चाहिए. इसके अलावा SIP का रास्ता चुनना भी फायदेमंद हो सकता है. नए सिरे से निवेश करने के लिए डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF या छोटी-छोटी SIP के माध्यम से खरीदारी शुरू करें. (Photo: PTI)
इसके अलावा अपने कुल एसेट एलोकेशन का 10 से 15 फीसदी हिस्सा ही गोल्ड में रखने का सुझाव जानकार दे रहे हैं क्योंकि इससे पोर्टफोलियो को संतुलित रखा जा सकता है. कुल मिलाकर देखा जाए तो सोने में ये तेजी केवल शॉर्ट-टर्म उछाल नहीं, ग्लोबल रिजर्व के तौर पर इसके बढ़ते दबदबे को दर्शाती है. कई निवेशक पोर्टफोलियो में विविधता और जोखिम संतुलन के लिए गोल्ड को शामिल करते हैं.