'मैंने हर उम्मीद खो दी है, मुझे जेल में मरने दें...' आंखों में आंसू लिए जज से बोले जेट एयरवेज के फाउंडर नरेश गोयल

जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल ने अदालत से अनुरोध किया- मुझे जेजे अस्पताल न भेजा जाए और इसके बजाय जेल में ही मरने दिया जाए. मैंने जीवन की हर उम्मीद खो दी है और ऐसी स्थिति में जीवित रहने से बेहतर है कि मुझे मर जाना चाहिए.

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जेट एयरवेज के फाउंडर नरेश गोयल ने कोर्ट सें गुहार लगाई है कि उन्हें जेल में ही मरने दिया जाए. (PTI Photo) जेट एयरवेज के फाउंडर नरेश गोयल ने कोर्ट सें गुहार लगाई है कि उन्हें जेल में ही मरने दिया जाए. (PTI Photo)

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 07 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 9:00 AM IST

जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल शनिवार को मुंबई की एक विशेष अदालत में पेशी के दौरान भावुक हो गए. गोयल ने 'हाथ जोड़कर' अदालत से कहा कि उन्होंने 'जीवन की हर उम्मीद खो दी है' और वह अपनी वर्तमान स्थिति में जीने की अपेक्षा 'जेल में मरना पसंद करेंगे'. बता दें कि नरेश गोयल 538 करोड़ रुपये के केनरा बैंक धोखाधड़ी केस में आरोपी हैं.

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कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, 'सत्तर वर्षीय नरेश गोयल की आंखों में आंसू आ गए. उन्होंने कोर्ट से कहा कि वह अपनी पत्नी अनीता को बहुत मिस करते हैं, जो कैंसर के एडवांस स्टेज में हैं'. ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में पिछले साल 1 सितंबर को गोयल को गिरफ्तार किया था. वह फिलहाल मुंबई की आर्थर रोड जेल में न्यायिक हिरासत में हैं.

नरेश गोयल ने जज से किया था व्यक्तिगत पेशी का अनुरोध

गोयल ने विशेष न्यायाधीश एम जी देशपांडे के समक्ष जमानत याचिका दायर की थी. उन्हें शनिवार को अदालत में पेश किया गया और कार्यवाही के दौरान जेट एयरवेज के संस्थापक ने कुछ मिनटों की व्यक्तिगत सुनवाई का अनुरोध किया, जिसे न्यायाधीश ने अनुमति दे दी. अदालत के 'रोजनामा' (दैनिक सुनवाई का रिकॉर्ड) के अनुसार, 'नरेश गोयल ने हाथ जोड़कर कहा कि उनका स्वास्थ्य बहुत खराब है. इस दौरान वह लगातार कांप रहे थे'.

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न्यायाधीश ने कहा, 'मैंने उन्हें धैर्यपूर्वक सुना और जब उन्होंने अपनी बात रखी तो उस पर गौर भी किया. मैंने पाया कि उनका पूरा शरीर कांप रहा था. उन्हें खड़े होने के लिए भी सहायता की जरूरत है'. नरेश गोयल ने अपने घुटनों की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनमें सूजन और दर्द है और वह अपने पैरों को मोड़ने में असमर्थ हैं. जेट एयरवेज़ के संस्थापक ने अदालत के संज्ञान में लाया कि उन्हें पेशाब करते समय गंभीर दर्द होता है और कभी-कभी मूत्र के माध्यम से रक्त भी निकलता है, साथ ही असहनीय दर्द भी होता है. उन्होंने कोर्ट को बताया, 'अधिकांश समय, मुझे सहायता नहीं मिल पाती है. जेल स्टाफ की भी मदद करने की अपनी सीमाएं हैं'.

गोयल ने अदालत से उन्हें जेजे अस्पताल नहीं भेजने को कहा

अदालत के रोजनामा के अनुसार नरेश गोयल ने आंखों में आंसू के साथ न्यायाधीश से कहा, 'मैं बहुत कमजोर हो गया हूं और मुझे जेजे अस्पताल रेफर करने का कोई मतलब नहीं है. आर्थर रोड जेल से अस्पताल तक अन्य कैदियों के साथ यात्रा बहुत परेशानी भरी और थकाऊ है, जिसे मैं सहन नहीं कर सकता. हमेशा मरीजों की लंबी कतार लगी रहती है और मैं समय पर डॉक्टर के पास नहीं पहुंच पाता. और जब भी डॉक्टर मेरी जांच करते हैं तो आगे का फॉलो-अप संभव नहीं हो पाता है. ये चीजें मेरे स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डाल रही हैं. मेरी पत्नी अनीता कैंसर की एडवांस स्टेज में है और उसका इलाज चल रहा है. उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है. क्योंकि मेरी इकलौती बेटी भी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही है'. 

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उन्होंने अदालत से अनुरोध किया, 'मुझे जेजे अस्पताल न भेजा जाए और इसके बजाय जेल में ही मरने दिया जाए. मैंने जीवन की हर उम्मीद खो दी है और ऐसी स्थिति में जीवित रहने से बेहतर है कि मुझे मर जाना चाहिए'. नरेश गोयल ने यह भी कहा कि उनका स्वास्थ्य उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने की अनुमति नहीं देता है. इस बार, उनकी ही इच्छा थी कि उन्हें अदालत के सामने पेश किया जाए ताकि वह व्यक्तिगत रूप से सारी बातें कह सकें. गोयल की बात सुनने के बाद न्यायाधीश ने कहा, 'मैंने उनके द्वारा कही गई हर बात पर ध्यान दिया है. उनको यह भी आश्वासन दिया है कि उन्हें असहाय नहीं छोड़ा जाएगा और उचित इलाज के साथ उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की हर संभव देखभाल की जाएगी'.

'मैंने जीवन की हर उम्मीद खो दी है, अब मुझे जेल में मरने दें'

अदालत ने नरेश गोयल के वकीलों को उनके स्वास्थ्य को लेकर उचित कदम उठाने का निर्देश दिया. पिछले महीने दायर अपनी जमानत याचिका में, गोयल ने हृदय रोग, प्रोस्टेट और आर्थोपेडिक जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला दिया था और दावा किया था कि उनके पास यह मानने के लिए पर्याप्त और उचित आधार हैं कि 'वह दोषी नहीं हैं'. ईडी ने उनकी जमानत याचिका पर जवाब दाखिल कर दिया है और मामले की आगे की सुनवाई 16 जनवरी को होगी. 

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ईडी ने केनरा बैंक में 538 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में जेट एयरवेज, नरेश गोयल, उनकी पत्नी अनीता और अब बंद हो चुकी निजी एयरलाइन कंपनी के कुछ पूर्व अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत का मामला दर्ज किया है. एफआईआर केनरा बैंक की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसने जेट एयरवेज (इंडिया) लिमिटेड को 848.86 करोड़ रुपये के क्रेडिट और लोन मंजूर किए थे, जिनमें से 538.62 करोड़ रुपये बकाया हैं.

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