AI की दुनिया में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाने वाले चीन में जन्मे AI रिसर्चर टोनी युहुआई वू (Tony Yuhuai Wu) इन दिनों टेक इंडस्ट्री से लेकर सोशल मीडिया तक छाए हुए हैं. खबर है कि उन्होंने सिलिकॉन वैली के पास कैलिफ़ोर्निया के सबसे महंगे और आलीशान इलाकों में से एक हिल्सबोरो (Hillsborough) में एक विशाल विला खरीदा है. इस संपत्ति की कीमत 7 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 670 करोड़ भारतीय रुपये) बताई जा रही है.
'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' के मुताबिक, टोनी वू द्वारा खरीदे गए इस आलीशान बंगले का नाम 'विला डी वेरानो' (Villa de Verano) है. 12 एकड़ के विशाल दायरे में फैले इस बंगले में 6 लग्जरी बेडरूम हैं. इसकी खासियतें किसी साधारण घर जैसी नहीं, बल्कि किसी 5-स्टार रिसॉर्ट जैसी हैं. इस प्रॉपर्टी में अपना खुद का 9-होल गोल्फ कोर्स, 150 लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक ओपन-एयर थिएटर (Amphitheatre) और 2,100 गैलन पानी की क्षमता वाला एक विशाल खारे पानी का एक्वेरियम मौजूद है. हालांकि, टोनी वू ने इस खरीदारी की आधिकारिक पुष्टि खुद नहीं की है, लेकिन चीनी सोशल मीडिया पर उनके इस कदम की जमकर चर्चा हो रही है.
गणित के जीनियस से 'मशीन रीज़निंग' के एक्सपर्ट तक
टोनी वू का जन्म चीन के हांगझाउ (Hangzhou) शहर में हुआ था. हाई स्कूल की पढ़ाई के दौरान ही वे कनाडा चले गए थे. उन्होंने 2015 में यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू ब्रंसविक से गणित में ग्रेजुएशन किया, इसके बाद 2021 में उन्होंने प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो से मशीन लर्निंग में पीएचडी की डिग्री हासिल की. पीएचडी के दौरान उनके मेंटर जिमी बा (Jimmy Ba) थे, जो AI दुनिया के जाने-माने नाम हैं.
पढ़ाई के दौरान ही वू की प्रतिभा को देखते हुए बड़ी टेक कंपनियों ने उन्हें अपने साथ जोड़ा, उन्होंने OpenAI और Google DeepMind जैसी दिग्गज कंपनियों में इंटर्नशिप की और फिर 2021 में Google में बतौर रिसर्च साइंटिस्ट काम शुरू किया.
एलन मस्क की xAI और 'Grok' का सफर
साल 2023 टोनी वू के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ, जब वे एलन मस्क (Elon Musk) की AI कंपनी xAI की शुरुआती फाउंडिंग टीम में शामिल हुए. xAI में उनका मुख्य काम AI को गणित सिखाना और मशीनों को इंसानों की तरह तर्क (Machine Reasoning) करना सिखाना था, उन्होंने एलन मस्क के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट और चैटबॉट 'Grok' को विकसित करने में अहम भूमिका निभाई.
महज 6 साल का करियर और xAI से विदाई
फरवरी में, जब एलन मस्क की अंतरिक्ष कंपनी SpaceX ने xAI का अधिग्रहण किया (जिसमें SpaceX की वैल्यूएशन 1 ट्रिलियन डॉलर और xAI की 250 बिलियन डॉलर आंकी गई), उसी के ठीक बाद टोनी वू ने कंपनी छोड़ने का ऐलान कर दिया. महज 6 साल के पेशेवर करियर में इतनी बड़ी ऊंचाइयों को छूने के बाद वू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा-
"अब मेरे जीवन के अगले अध्याय का समय है. यह असीम संभावनाओं का दौर है, जहां AI की ताकत से लैस एक छोटी सी टीम भी पहाड़ हिला सकती है और नई मिसाल कायम कर सकती है."
अमेरिकी AI सेक्टर में चीनी प्रतिभाओं का दबदबा
टोनी वू की यह सफलता सिर्फ उनकी व्यक्तिगत कहानी नहीं है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि कैसे अमेरिका के टेक और AI सेक्टर में चीन में जन्मे वैज्ञानिकों का दबदबा बढ़ रहा है. मैक्रोपोलोग्लोबल AI टैलेंट ट्रैकर के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में काम करने वाले दुनिया के शीर्ष AI शोधकर्ताओं में से लगभग 38% मूल रूप से चीन से हैं, जो कि खुद अमेरिका के स्थानीय शोधकर्ताओं (37%) से भी ज्यादा हैं. OpenAI, Meta और xAI जैसी बड़ी कंपनियों में आज चीनी मूल के वैज्ञानिक बेहद अहम पदों पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
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