कतर में बदला वीजा नियम! समय से ज़्यादा रुके तो रोजाना देना होगा तगड़ा जुर्माना

जो निवासी अपने रेजिडेंस परमिट को नए पासपोर्ट पर ट्रांसफर करना चाहते हैं, वे इस प्रक्रिया को 'मेट्रैश' ऐप के माध्यम से आसानी से पूरा कर सकते हैं.

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कतर जाने वालों को झटका (Photo-ITG) कतर जाने वालों को झटका (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:39 PM IST

खाड़ी देश कतर में नौकरी और व्यवसाय करने वाले प्रवासी नागरिकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. कतर सरकार ने नया नियम लागू करते हुए रेजिडेंस परमिट रद्द होने के बाद देश में रुकने की अवधि को आधा कर दिया है. अब प्रवासियों को वीजा रद्द होने के बाद देश छोड़ने या अपनी स्थिति को वैध करने के लिए महज दो हफ्ते का ही समय मिलेगा.

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गल्फ न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार अब 'ग्रेस पीरियड'  को 30 दिनों से घटाकर 14 दिन कर दिया गया है. इस बदलाव की घोषणा आंतरिक मंत्रालय के एक अधिकारी ने मंत्रालय के जनसंपर्क विभाग द्वारा सुरक्षित यात्रा प्रक्रियाओं को लेकर आयोजित एक वेबिनार के दौरान की.   

एयरपोर्ट पासपोर्ट विभाग के कप्तान अली अहमद अली अल कुवारी ने कहा कि रेजिडेंस परमिट रद्द होने के बाद देश में रुकने की अवधि को कम कर दिया गया है, जो कोई भी इन 14 दिनों के बाद कतर में रुकेगा, उसे प्रतिदिन 10 कतरी रियाल (लगभग ₹230 भारतीय रुपये) का जुर्माना देना होगा. यह घोषणा कतर में रहने और काम करने वाले हजारों भारतीय प्रवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिन्हें अब अपना रेजिडेंस परमिट रद्द होने के तुरंत बाद देश छोड़ने या नौकरी की दूसरी व्यवस्था करने के लिए तेजी से कदम उठाने होंगे.

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अल कुवारी ने विजिटर्स से भी अपने वीजा की वैधता और पासपोर्ट पर वीजा स्टैंप में दर्ज रुकने की अवधि को ध्यान से जांचने का आग्रह किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि विजिट वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में रुकने पर प्रतिदिन 200 कतरी रियाल (लगभग ₹4,600 भारतीय रुपये) का भारी जुर्माना लगाया जाता है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा करने से पहले 'मेट्रैश' (Metrash) मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए अपने वीजा स्टेटस की जांच जरूर कर लें.

अधिकारी के अनुसार, यात्रियों को ऐप पर यह भी जांच लेना चाहिए कि उनका कोई ट्रैफिक चालान, ओवरस्टे पेनल्टी या अन्य कोई बकाया तो नहीं है, क्योंकि इससे उनकी यात्रा प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा, उन्होंने यात्रियों को इमिग्रेशन प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए हमाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगे इलेक्ट्रॉनिक गेट सिस्टम का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया. एयरपोर्ट पासपोर्ट विभाग वर्तमान में अराइवल डिपार्चर टर्मिनलों पर कुल 76 ई-गेट संचालित कर रहा है.

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