देश के रेजिडेंशियल रियल एस्टेट मार्केट में तेज ग्रोथ का दौर अब कुछ थमता हुआ दिख रहा है. 2026 के पहले 9 महीनों में कुल घरों की बिक्री स्थिर रही, लेकिन नए लॉन्च लगातार बिक्री से ज्यादा हैं और घर बिकने में लगने वाला समय बढ़ गया है. NCR सबसे ज्यादा दबाव में नजर आ रहा है.
सपनों का घर खरीदना आम इंसान के लिए जिंदगी के सबसे बड़े फैसलों में से एक होता है. लेकिन देश के बड़े शहरों के रेजिडेंशियल रियल एस्टेट मार्केट में खरीदार पहले के मुकाबले ज्यादा सोच-समझकर फैसला लेते दिखाई दे रहे हैं. नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 2026 के पहले 9 महीनों में देश के 8 प्रमुख शहरों में रेजिडेंशियल बिक्री 2,58,238 यूनिट रही, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले लगभग स्थिर है.
बिक्री से ज्यादा घरों के लॉन्च
रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी से सितंबर 2026 के बीच 2,79,899 नए घर लॉन्च किए गए. लॉन्च में सालाना 4% की बढ़ोतरी हुई है. खास बात है कि नए घरों का लॉन्च लगातार 16वीं तिमाही में बिक्री से ज्यादा रहा है. इसका सीधा असर इन्वेंट्री पर पड़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक क्वार्टर्स टू सेल यानी किसी घर को बेचने में लगने वाला औसत समय Q3 2025 के 5.8 क्वार्टर से बढ़कर Q3 2026 में 6.1 क्वार्टर हो गया है. ये लगातार चौथी तिमाही की बढ़ोतरी है और Q2 2023 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है, यानी मार्केट में घरों की बिक्री पूरी तरह नहीं रुकी है, लेकिन प्रॉपर्टी को बेचने में पहले से ज्यादा समय लग रहा है. यही बढ़ती इन्वेंट्री और धीमी होती एब्जॉर्प्शन का संकेत है.
NCR में बिक्री 11% घटी
देश के बाकी बड़े शहरों की तुलना में दिल्ली-NCR का रियल एस्टेट मार्केट सबसे ज्यादा दबाव में नजर आ रहा है. जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान NCR में 35,574 घर बिके, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 11% कम है. नाइट फ्रैंक के मुताबिक NCR देश के 8 प्रमुख बाजारों में एकमात्र ऐसा मार्केट रहा, जहां रेजिडेंशियल बिक्री में गिरावट दर्ज हुई. NCR की गिरती बिक्री का असर खास तौर पर प्रीमियम सेगमेंट में देखने को मिला है. 5 से 10 करोड़ रुपये कीमत वाले घरों की बिक्री 39% घटकर 4,033 यूनिट रह गई. इसी अवधि में इस सेगमेंट में 5,002 यूनिट लॉन्च हुईं यानी जितने घर बिके, उससे ज्यादा नए घर इस प्राइस कैटेगरी में बाजार में आए. रिपोर्ट के मुताबिक NCR की अनसोल्ड इन्वेंट्री में गुरुग्राम की हिस्सेदारी 57% रही.
मुंबई-बेंगलुरु में बिक्री बढ़ी
रेजिडेंशियल मार्केट की तस्वीर हर शहर में एक जैसी नहीं है. मुंबई में 72,804 घर बिके और बिक्री 1% बढ़ी. बेंगलुरु में 43,140 घरों की बिक्री के साथ 5% की बढ़ोतरी दर्ज हुई. वहीं कोलकाता में बिक्री 4%, हैदराबाद में 2% और अहमदाबाद में 2% बढ़ी. पुणे में बिक्री पिछले साल के लगभग बराबर रही यानी देशभर में घरों की डिमांड पूरी तरह कमजोर नहीं हुई है. मार्केट अलग-अलग शहरों और प्राइस सेगमेंट में अलग रफ्तार से चल रहा है.
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50 लाख से सस्ते घरों की बिक्री घटी
रिपोर्ट में सबसे बड़ा बदलाव अफोर्डेबल और लोअर प्राइस सेगमेंट में देखने को मिला है. 50 लाख रुपये से कम कीमत वाले घरों की बिक्री 14% घटकर 47,660 यूनिट रह गई. वहीं 50 लाख से 1 करोड़ रुपये वाले घरों की बिक्री भी 5.9% कम हुई. इसके उलट महंगे घरों की डिमांड मजबूत बनी हुई है. 1 से 2 करोड़ रुपये वाले घरों की बिक्री 6.8% बढ़कर 77,087 यूनिट रही. 2 से 5 करोड़ रुपये वाले घरों की बिक्री में 19.4% की बढ़ोतरी दर्ज हुई. इसका असर पूरे मार्केट के प्राइस मिक्स पर भी दिख रहा है. 1 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों की कुल रेजिडेंशियल बिक्री में हिस्सेदारी 50% से बढ़कर 55% हो गई है.
कीमतों में बढ़ोतरी की रफ्तार सुस्त
मार्केट में बिक्री की रफ्तार भले ही थमी है, लेकिन घरों की कीमतों में अभी गिरावट नहीं आई है. नाइट फ्रैंक के मुताबिक Q3 2026 में सभी ट्रैक किए गए बाजारों में रेजिडेंशियल कीमतें बढ़ी हैं. NCR और बेंगलुरु को छोड़कर ज्यादातर शहरों में सालाना कीमत बढ़ोतरी 3% से 6% के बीच रही. NCR में गुरुग्राम की कीमतें 4%, नोएडा की 7%, ग्रेटर नोएडा की 11% और गाजियाबाद की 14% बढ़ीं.
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आदित्य के. राणा