शेयर बाजार और सोने को टक्कर दे रहा मुंबई का प्रॉपर्टी मार्केट, लोग जमकर लगा रहे हैं पैसा

आज के दौर में अमीर खरीदार न केवल लग्जरी लाइफस्टाइल बल्कि लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन को ध्यान में रख रहे हैं, और इसी रणनीति के तहत वे अपने निवेश पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा जानबूझकर मुंबई जैसे महानगरों के महंगे और प्रीमियम घरों में लगा रहे हैं.

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अब मुंबई की प्रॉपर्टी में 'लॉन्ग-टर्म वेल्थ' ढूंढ रहे खरीदार (Photo-ITG) अब मुंबई की प्रॉपर्टी में 'लॉन्ग-टर्म वेल्थ' ढूंढ रहे खरीदार (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 जून 2026,
  • अपडेटेड 3:51 PM IST

मुंबई के हाउसिंग मार्केट में एक बड़ा बदलाव आ रहा है. अब लोग घर खरीदते समय सिर्फ उसकी लोकेशन या सुविधाओं को नहीं देख रहे, बल्कि म्यूचुअल फंड या शेयर की तरह यह भी देख रहे हैं कि उस घर से कितना फायदा, किराया और भविष्य में कितनी कीमत मिलेगी.

एस रहेजा कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राम रहेजा का कहना है कि आज घर का मुकाबला सिर्फ दूसरे हाउसिंग प्रोजेक्ट्स से नहीं है. अब जमीन-जायदाद का मुकाबला शेयर बाजार, एफडी और सोने जैसे निवेश के विकल्पों से है. अब खरीदार केवल घर के नक्शे या पजेशन की तारीख पर बात नहीं करते, बल्कि इस बात पर चर्चा करते हैं कि नए हाईवे या मेट्रो बनने से घर के दाम कितने बढ़ेंगे.

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आजकल लोगों के पास निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं, फिर भी लोग घरों में जमकर पैसा लगा रहे हैं. 'नाइट फ्रैंक इंडिया' के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में मुंबई में 1.5 लाख से ज्यादा प्रॉपर्टी रजिस्ट्री हुईं, जो पिछले 14 सालों में सबसे अधिक हैं. प्रॉपर्टी महंगी होने के बावजूद लोगों ने रिकॉर्ड घर खरीदे. रहेजा कहते हैं कि यह दिखाता है कि लोग अब घर को सिर्फ रहने की चीज नहीं, बल्कि भविष्य की जमा-पूंजी मान रहे हैं.

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महंगे घरों की मांग सबसे ज्यादा

बाजार में यह बदलाव महंगे घरों की बिक्री से साफ दिखता है. जेएलएल (JLL) के आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 के शुरुआती 9 महीनों में भारत के टॉप 7 शहरों में बिकने वाले कुल घरों में से 62% घर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के थे. मुंबई इस रेस में सबसे आगे रहा. अमीर खरीदार अपने निवेश पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा जानबूझकर महंगे घरों में लगा रहे हैं.

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मुंबई में बन रहे बड़े प्रोजेक्ट्स जैसे नई मेट्रो लाइनें, कोस्टल रोड और मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक प्रॉपर्टी बाजार को बदल रहे हैं. रहेजा बताते हैं कि लोग इन प्रोजेक्ट्स के शुरू होने से सालों पहले ही वहां घर खरीद रहे हैं, ताकि भविष्य में कनेक्टिविटी सुधरने पर उन्हें मोटा मुनाफा मिल सके. यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे लोग किसी कंपनी के मुनाफे की उम्मीद में उसके शेयर पहले ही खरीद लेते हैं.

जमीन की कमी है सबसे बड़ा फायदा

शेयर या सोने की तरह मुंबई में जमीन को बढ़ाया नहीं जा सकता. यहां जमीन सीमित है और नए प्रोजेक्ट्स लाना काफी मुश्किल है. इसी कमी की वजह से मुंबई में प्रॉपर्टी के दाम हमेशा मजबूत रहते हैं, जो इसे निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और बेहतर जगह बनाता है.

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विशेषज्ञों का कहना है कि मुंबई में घर खरीदने वालों की कमी नहीं है. यहां नौकरीपेशा लोग, बिजनेसमैन, विदेशों में रहने वाले भारतीय और अपने घर को बड़ा करने वाले लोग लगातार आते रहते हैं. भले ही घर पूरी तरह से शेयर बाजार या सोने की जगह न ले पाए, लेकिन अब खरीदार घर को जोखिम, रिटर्न और मुनाफे के तराजू पर तौलकर ही खरीद रहे हैं. मुंबई का प्रॉपर्टी बाजार अब सिर्फ सिर छिपाने की छत से आगे बढ़कर लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट का हिस्सा बन चुका है.

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