न्यूयॉर्क में महंगे घरों पर लगा नया टैक्स, छूट पाने के लिए जुगाड़ लगा रहे मकान मालिक

ममदानी प्रशासन ने कहा है कि इस टैक्स का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लग्जरी सेकंड-होम के मालिक अपना उचित हिस्सा चुकाएं और न्यूयॉर्क शहर के बजट घाटे को कम करने में मदद के लिए सालाना अनुमानित $500 मिलियन डॉलर जुटाएं.

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न्यूयॉर्क के मकान मालिक क्यों हैं परेशान (Photo-Pixabay) न्यूयॉर्क के मकान मालिक क्यों हैं परेशान (Photo-Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:37 PM IST

न्यूयॉर्क शहर में रहने वाले हजारों मकान मालिकों को सरकार की तरफ से नोटिस मिले हैं. इन नोटिसों में कहा गया है कि अगर वे साबित नहीं कर पाते कि उनका घर उनका मुख्य निवास है, तो उन्हें एक नया 'पिएड-ए-तैर' (Pied-à-terre) टैक्स देना होगा.

अब लोग यह साबित करने की भागदौड़ में लगे हैं कि वे सच में उसी घर में रहते हैं ताकि वे इस भारी-भरकम टैक्स से बच सकें, न्यूयॉर्क शहर के वित्त विभाग ने उच्च-मूल्य वाली आवासीय संपत्तियों के उन मालिकों को नोटिस भेजे हैं, जिनकी संपत्तियों के बारे में यह अनुमान है कि वे उनके प्राथमिक निवास नहीं हैं.

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जिन मकान मालिकों को लगता है कि उन्हें गलत श्रेणी में रखा गया है, उन्हें यह साबित करने वाले दस्तावेज़ जमा करके प्राथमिक निवास छूट के लिए आवेदन करना होगा कि वे उसी घर में रहते हैं.

'न्यूयॉर्क पोस्ट' ने मैनहट्टन की निवासी करेन यंग के मामले का हवाला दिया, जिन्होंने बताया कि वह सालों से अपने अपार्टमेंट में रह रही हैं, लेकिन फिर भी उन्हें छूट प्रक्रिया से गुजरने के लिए कहा गया है. छूट न मिलने की स्थिति में, उन्हें लगभग $42,824 (डॉलर) का अतिरिक्त वार्षिक टैक्स बिल भरना पड़ सकता है.

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पिएड-ए-तैर (Pied-à-terre) टैक्स क्या है?

पिएड-ए-तैर टैक्स न्यूयॉर्क शहर का एक नया नियम है. इसके तहत, अगर किसी के पास वहां बहुत महंगा घर है और वह खुद उसमें नहीं रहता यानी उसने उसे 'सेकंड होम' या खाली संपत्ति की तरह रखा है, तो उसे हर साल एक अतिरिक्त टैक्स देना होगा.

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इस कदम को अक्सर "पिएड-ए-तैर टैक्स" कहा जाता है, जो न्यूयॉर्क राज्य के बजट कानून में शामिल होने के बाद कानून बन गया. इस प्रस्ताव की संयुक्त घोषणा अप्रैल 2026 में न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी और न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने की थी, और बाद में मई 2026 में राज्य बजट कानून के माध्यम से इसे लागू किया गया.

यह नया टैक्स एक निश्चित कीमत से ज़्यादा महंगे हर तरह के घरों पर लागू होता है, चाहे वह स्वतंत्र मकान हो, फ्लैट हो या को-ऑप अपार्टमेंट. शर्त बस इतनी है कि उस घर में ना तो मकान मालिक खुद मुख्य रूप से रहता हो, ना उसका कोई करीबी परिवार वाला और ना ही कोई किरायेदार.

साल 2026 से 2028 के बीच, यह टैक्स 5 मिलियन डॉलर से ज्यादा की कीमत वाले मकानों पर लगेगा. वहीं फ्लैट्स और अपार्टमेंट्स के लिए यह कीमत सीमा अलग तय की गई है. हालांकि, जो लोग असल में उसी घर में रह रहे हैं, वे आवेदन करके इस टैक्स से छूट पा सकते हैं.

टैक्स से बचने के लिए मकान मालिक क्या कर रहे हैं?

जिन मकान मालिकों को लगता है कि उन्हें गलती से इस टैक्स की लिस्ट में डाल दिया गया है, वे छूट पाने के लिए न्यूयॉर्क के टैक्स विभाग में अप्लाई कर रहे हैं. छूट के लिए उन्हें कागजात दिखाकर यह साबित करना होगा कि वे उसी घर में रहते हैं, इसके लिए वे टैक्स रिटर्न, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी या पते का कोई दूसरा सबूत दे सकते हैं.

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वहीं, अगर घर में कोई किरायेदार या रिश्तेदार रहता है, या घर किसी कंपनी/ट्रस्ट के नाम पर है, तो कुछ और एक्स्ट्रा कागज़ात जमा करने होंगे. कई मकान मालिकों ने इस जटिल छूट प्रक्रिया से निपटने के लिए टैक्स वकीलों और रियल एस्टेट विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली हैं. कुछ लोगों ने ऑनलाइन पोर्टल में तकनीकी कमियों, बहुत अधिक दस्तावेज़ों की मांग और अपील प्रक्रिया को लेकर भ्रम की शिकायत की है, जिसके चलते शहर को छूट आवेदन दाखिल करने की समय सीमा बढ़ानी पड़ी है.

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