सस्ते घरों की मांग 23% गिरी, लेकिन खूब बिके ₹50 करोड़ वाले लग्जरी फ्लैट

किफायती घरों की सेल कम होने वाले आंकड़े साफ करते हैं कि मध्यम वर्ग फिलहाल खरीदारी में सावधानी बरत रहा है, जबकि रईस वर्ग महंगे घरों में जमकर निवेश कर रहा है.

Advertisement
ईरान-अमेरिका तनाव का असर भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर पर (Photo-ITG) ईरान-अमेरिका तनाव का असर भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर पर (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:21 PM IST

भारत के रियल एस्टेट बाजार में पिछले कुछ समय से जारी जबरदस्त तेजी अब कुछ हद तक ठहरती नजर आ रही है. नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 की पहली तिमाही में देश के आठ प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 4% की गिरावट दर्ज की गई है.
 
इस दौरान कुल 84,827 घर बिके, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 88,361 था. बाजार के जानकारों का मानना है कि यह गिरावट लंबे समय से चली आ रही तेज ग्रोथ के बाद बाजार के 'नॉर्मल' होने का संकेत है. हालांकि, इस नरमी के पीछे वैश्विक कारण भी अहम हैं.  

Advertisement

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव जैसे भू-राजनीतिक संकटों ने निवेशकों और आम खरीदारों के बीच एक तरह की आर्थिक अनिश्चितता पैदा कर दी है. यही वजह है कि अब खरीदार बड़े निवेश करने से पहले 'रुको और देखो' की रणनीति अपना रहे हैं, जिससे प्रॉपर्टी बाजार की रफ्तार में थोड़ी कमी आई है.

यह भी पढ़ें: बुर्ज खलीफा के इस पेंटहाउस का जितना साल का किराया, भारत में खरीद लेंगे 10 लग्जरी फ्लैट

किफायती घरों की मांग कम

दिलचस्प बात यह है कि बाजार में अब कम बजट वाले घरों की मांग घट रही है और झुकाव प्रीमियम और लग्जरी घरों की ओर बढ़ गया है. जहां ₹50 लाख से कम के घरों की बिक्री में 23% की भारी गिरावट आई है, वहीं ₹1 करोड़ से अधिक कीमत वाले घरों की मांग में 11% की बढ़ोतरी हुई है. विशेष रूप से ₹1 से 2 करोड़ वाले सेगमेंट की कुल बिक्री में 29% हिस्सेदारी रही. रईसों के बीच अल्ट्रा-लग्जरी घरों का क्रेज इस कदर बढ़ा है कि ₹20 से 50 करोड़ वाले सुपर-प्रीमियम सेगमेंट की बिक्री में 80% का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है.

Advertisement

भारत के प्रमुख रियल एस्टेट बाजारों के प्रदर्शन में इस बार काफी विविधता देखी गई है. मुंबई जैसे बड़े मार्केट में बिक्री 7% गिरकर 23,185 यूनिट रह गई, जबकि दिल्ली-एनसीआर और पुणे दोनों में ही 11% की भारी गिरावट दर्ज की गई है. इसके उलट, दक्षिण भारत के शहरों में मांग काफी मजबूत रही. बेंगलुरु में बिक्री 5%, हैदराबाद में 1% और चेन्नई में 9% की बढ़ोतरी देखी गई. इसके अलावा अहमदाबाद और कोलकाता के बाजारों में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज हुई है.

यह भी पढ़ें: दिल्ली की 'रईस' कॉलोनियां, जहां ₹3 लाख तक है 2 BHK का किराया

घरों के दाम नहीं हुए कम

नए घरों की सप्लाई की बात करें तो इस तिमाही में इसमें 2% की मामूली गिरावट आई है और कुल 94,855 यूनिट्स लॉन्च की गईं. बेंगलुरु, चेन्नई और अहमदाबाद को छोड़कर बाकी सभी शहरों में नई लॉन्चिंग की रफ्तार सुस्त रही. एनसीआर (NCR) में नई लॉन्चिंग में 8% की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई, जबकि हैदराबाद और कोलकाता में 6-6 प्रतिशत की कमी आई. मुंबई और पुणे में यह गिरावट क्रमशः 1% और 5% के साथ तुलनात्मक रूप से कम रही.

घरों की बिक्री में आई गिरावट के बावजूद, प्रॉपर्टी की कीमतों में कमी नहीं देखी गई है और कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं. नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में कीमतों में क्रमशः 13% और 11% का सबसे अधिक उछाल देखा गया. वहीं, मुंबई भारत का सबसे महंगा रेजिडेंशियल मार्केट बना हुआ है, जहां प्रॉपर्टी की औसत दर ₹36,049 प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई हैं.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »