गुरुग्राम ने रचा इतिहास, 10 करोड़ वर्ग फीट के पार पहुंचा ऑफिस मार्केट

गुरुग्राम के ऑफिस इकोसिस्टम में अब लगभग 5.9 करोड़ वर्ग फीट ग्रीन-सर्टिफाइड ऑफिस संपत्तियां और लगभग 3.5 करोड़ वर्ग फीट संस्थागत स्वामित्व वाला ऑफिस स्टॉक शामिल है, जो प्रीमियम, टिकाऊ और निवेश-योग्य विकास की ओर बाजार के बदलाव को दर्शाता है. 

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गुरुग्राम में ऑफिस स्पेस का नया रिकॉर्ड (Photo-ITG) गुरुग्राम में ऑफिस स्पेस का नया रिकॉर्ड (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:35 PM IST

गुरुग्राम का ऑफिस मार्केट अब एक नए दौर में कदम रख रहा है, जहां सिर्फ इमारतों की संख्या ही नहीं बल्कि उनकी बेहतरीन क्वालिटी भी मायने रख रही है. शहर में कुल बने हुए ऑफिसों का दायरा 10 करोड़ स्क्वायर फीट को पार कर चुका है, इसमें पर्यावरण के अनुकूल बड़े संस्थानों के मालिकाना हक वाले और टॉप-क्वालिटी ऑफिस स्पेस की हिस्सेदारी तेज़ी से बढ़ रही है. यही वजह है कि गुरुग्राम देश के सबसे पसंदीदा और प्रमुख बिजनेस हब के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत कर रहा है.

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सीबीआरई (CBRE) रिसर्च की नई रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम 1980 के दशक की शुरुआत में एक औद्योगिक सैटेलाइट टाउन से विकसित होकर आज भारत के सबसे बड़े व्यावसायिक और आवासीय केंद्रों में से एक बन गया है. आज, यहां डीएलएफ साइबर सिटी, गोल्फ कोर्स रोड, एमजी रोड और एक्सटेंडेड गोल्फ कोर्स रोड जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में फॉर्च्यून 500 कंपनियों, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) और आईटी/आईटीईएस फर्मों का एक बड़ा केंद्र है.

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बड़ी कंपनियां कर रही हैं निवेश

2021 से 2026 की पहली तिमाही के बीच, शहर में लगभग 2.1 करोड़ (21 मिलियन) वर्ग फीट नई ऑफिस आपूर्ति जुड़ी, जबकि इसी अवधि के दौरान लगभग 4 करोड़ (40 मिलियन) वर्ग फीट जगह लीज पर ली गई. बहुराष्ट्रीय कंपनियों की निरंतर मांग को रेखांकित करते हुए, केवल अंतरराष्ट्रीय किरायेदारों की ही इस लीजिंग गतिविधि में लगभग 1.7 करोड़ (1.7 million) वर्ग फीट की हिस्सेदारी रही.

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यह रिपोर्ट गुरुग्राम के व्यावसायिक परिदृश्य को आकार देने वाले नए रुझानों की ओर इशारा करती है. बड़ी कंपनियां तेजी से कैंपस-शैली की ऑफिस परियोजनाएं विकसित कर रही हैं, जिसमें अमेरिकन एक्सप्रेस और इंटरग्लोब एविएशन जैसी कंपनियां बड़े कॉर्पोरेट कैंपस स्थापित कर रही हैं. वहीं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विदेशी विश्वविद्यालय ग्रेड-ए टेक्नोलॉजी पार्कों के भीतर अपने कैंपस स्थापित कर रहे हैं.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट लिमिटेड की कार्यकारी निदेशक और सीएफओ संतोष अग्रवाल का कहना है- '10 करोड़ वर्ग फुट ऑफिस स्पेस का आंकड़ा पार करना गुरुग्राम के कमर्शियल रियल एस्टेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. मजबूत बिजनेस इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक सुविधाओं और बेहतरीन कनेक्टिविटी के दम पर गुरुग्राम  देशी और विदेशी कंपनियों के लिए प्रीमियम वर्कप्लेस और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ का सबसे पसंदीदा केंद्र बना हुआ है. '

वहीं M3M इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड कॉर्पोरेट फाइनेंस, प्रतीक टिबरेवाला का कहना है- ' गुरुग्राम के ऑफिस मार्केट का 10 करोड़ (100 मिलियन) स्क्वायर फीट का आंकड़ा पार करना इसे वैश्विक स्तर पर एक प्रतिस्पर्धी कमर्शियल हब के रूप में स्थापित करता है.  2018 से अब तक मिले 6 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश, 59% ग्रीन-सर्टिफाइड स्पेस और एक-तिहाई संस्थागत स्वामित्व से यह साफ है कि बाजार तेजी से उच्च गुणवत्ता, सस्टेनेबिलिटी और प्रोफेशनल मैनेजमेंट वाले प्रीमियम कमर्शियल एसेट्स की ओर बढ़ रहा है.'

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ब्रह्मा ग्रुप के एवीपी (ऑपरेशंस) आशीष शर्मा ने कहते हैं, "गुरुग्राम देश-विदेश की दिग्गज कंपनियों के लिए पसंदीदा बिजनेस हब के रूप में उभर रहा है.  बाजार में एक-तिहाई हिस्सेदारी संस्थागत स्वामित्व की होने से यह सेक्टर और अधिक संगठित और पेशेवर हुआ है. बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सुविधाओं के दम पर आने वाले समय में भी गुरुग्राम में प्रीमियम ऑफिस स्पेस की मांग मजबूत बनी रहेगी.' 

हरियाणा के विकास पथ पर टिप्पणी करते हुए, CBRE के अध्यक्ष एवं सीईओ (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका) अंशुमन मैगजीन ने कहा "हरियाणा की आर्थिक कहानी अपने पारंपरिक औद्योगिक आधार से आगे बढ़कर विनिर्माण, सेवाओं, निर्यात और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के साथ गहरे एकीकरण द्वारा संचालित एक व्यापक विकास इंजन बन गई है. 2047 तक 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के अपने दृष्टिकोण के साथ, राज्य टिकाऊ विकास, प्रौद्योगिकी-संचालित विकास, सामाजिक समावेशन, पर्यावरणीय लचीलेपन और मजबूत शासन के माध्यम से इस आधार को और विस्तार देने का प्रयास कर रहा है."

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