गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे से रियल एस्टेट सेक्टर को कैसे मिलेगा बूस्ट, एक्सपर्ट्स ने बताया

जुलाई 2026 में चालू होने वाले इसके पहले फेज से दक्षिणी एनसीआर के रियल एस्टेट, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर्स को एक नई उड़ान मिलने की उम्मीद है.

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गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे बदलेगा दक्षिणी एनसीआर की सूरत (Photo-ITG) गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे बदलेगा दक्षिणी एनसीआर की सूरत (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 13 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:16 PM IST

दिल्ली-एनसीआर के बुनियादी ढांचे को एक और बड़ी रफ्तार मिलने जा रही है. आगामी गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे न केवल दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय को आधा कर देगा, बल्कि यह दक्षिणी एनसीआर के पूरे रियल एस्टेट और औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए तैयार है.

इस नए मार्ग से प्रॉपर्टी की मांग बढ़ने, नए व्यवसायों को आकर्षित करने और एनसीआर के दक्षिणी हिस्सों में कनेक्टिविटी में सुधार होने की पूरी उम्मीद है. 46 किलोमीटर लंबा यह हाईवे गुरुग्राम और रेवाड़ी के बीच के सफर को घटाकर महज 45 मिनट का कर देगा. इससे द्वारका एक्सप्रेसवे, न्यू गुरुग्राम, मानेसर, आईएमटी (IMT) मानेसर और रेवाड़ी जैसे प्रमुख स्थानों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा, जिससे दैनिक यात्रियों और व्यवसायों दोनों की राह सुगम होगी.

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यह हाईवे द्वारका एक्सप्रेसवे पर सेक्टर 88B के पास से शुरू होगा और सीधे कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करके, यह मौजूदा सड़कों पर वाहनों के दबाव को कम करेगा और सेंट्रल गुरुग्राम को भी राहत देगा.

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यह प्रोजेक्ट दो चरणों में आम जनता के लिए खोला जाएगा. इसका पहला 10 किलोमीटर का हिस्सा जुलाई 2026 में चालू होने की उम्मीद है. यह हाईवे माल ढुलाई को काफी बेहतर बना देगा, जिससे यह पूरा क्षेत्र मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, बड़े गोदामों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए बेहद आकर्षक बन जाएगा.

इसके साथ ही, रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स को भी उम्मीद है कि गुरुग्राम के बिजनेस डिस्ट्रिक्ट्स तक पहुंच तेज होने के कारण इस पूरे कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्रों में रेसिडेंशियल और कमर्शियल परियोजनाओं की मांग में भारी उछाल आएगा.

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

एम3एम इंडिया के प्रेसिडेंट रॉबिन मंगला कहते हैं-, ' रियल एस्टेट के नजरिए से यह आगामी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट इस पूरे बेल्ट में प्रॉपर्टी मार्केट की मांग और कीमतों को बढ़ाने वाला सबसे बड़ा गेम-चेंजर साबित होने जा रहा है. हाईवे के शुरू होने से गुरुग्राम के मुख्य बिजनेस डिस्ट्रिक्ट्स तक पहुंचना बेहद तेज और आसान हो जाएगा, जिससे द्वारका एक्सप्रेसवे और केएमपी (KMP) एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ने वाले न्यू गुरुग्राम, मानेसर और आईएमटी मानेसर जैसे उभरते क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की संपत्तियों की मांग में भारी उछाल आएगा.' 

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ब्रह्मा ग्रुप के एवीपी (ऑपरेशंस) आशीष शर्मा ने कहा, ' गुरुग्राम भारत के सबसे मजबूत और स्थिर रियल एस्टेट बाजारों में से एक है. इसका असर कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर में भी साफ दिखाई देता है. '

ओरिजिन रियल्टी के चेयरमैन दीपक सांगवान कहते हैं-  ' यह पहले से विकसित क्षेत्रों और तेजी से उभर रहे रिहायशी इलाकों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करेगा. इस पूरे क्षेत्र में सुनियोजित शहरी विकास और दीर्घकालिक रियल एस्टेट निवेश के नए अवसर पैदा होंगे. घर खरीदारों के लिए इसका मतलब बेहतर कनेक्टिविटी, अच्छी लाइफस्टाइल और लंबे समय में संपत्ति के मूल्य में बेहतर बढ़ोतरी है.'

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बेहतर कनेक्टिविटी ही किसी भी क्षेत्र के रियल एस्टेट मार्केट की रीढ़ होती है, द्वारका एक्सप्रेसवे और केएमपी से सीधे जुड़ने वाला यह नया हाईवे आने वाले दिनों में लॉजिस्टिक्स, कमर्शियल और रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमतों में भारी उछाल लाने के लिए तैयार है.

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