गुरुग्राम का द्वारका एक्सप्रेसवे या नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, कहां मिलेगा प्रॉपर्टी में तगड़ा रिटर्न!

घरों के दामों और किराए से होने वाली कमाई में द्वारका एक्सप्रेसवे सबसे आगे है, वहीं दूसरी तरफ निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स की मांग और ग्रोथ के मामले में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का दबदबा देखने को मिल रहा है.

Advertisement
दिल्ली-एनसीआर के 2 सबसे हिट कॉरिडोर (Photo-Pexels) दिल्ली-एनसीआर के 2 सबसे हिट कॉरिडोर (Photo-Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 13 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:34 PM IST

दिल्ली-एनसीआर का प्रीमियम हाउसिंग मार्केट अब थोड़ा थमने के दौर में पहुंच रहा है. हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर रफ्तार पकड़ने वाले दो कॉरिडोर अपनी-अपनी जगहों पर बाकी मार्केट को पीछे छोड़ रहे हैं गुरुग्राम का द्वारका एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे. सेविल्स इंडिया (Savills India) की 'दिल्ली-एनसीआर रेजिडेंशियल मार्केट वॉच H1 2026' रिपोर्ट के मुताबिक, द्वारका एक्सप्रेसवे रेडी-टू-मूव घरों के रेट बढ़ने, प्लॉट की कीमतों और किराए की कमाई में सबसे आगे है. वहीं दूसरी तरफ, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे अंडर-कंस्ट्रक्शन घरों के मामले में ज्यादा मजबूत बढ़त दिखा रहा है.

Advertisement

साल 2026 की पहली छमाही (H1) में द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला रेजिडेंशियल इलाका बनकर उभरा है, बने-बनाए घरों की कीमतें साल-दर-साल (YoY) 6% बढ़ी हैं, जबकि पूरे गुरुग्राम में यह बढ़त सिर्फ 2% रही. इस कॉरिडोर पर रेजिडेंशियल प्लॉट के दाम 16% बढ़े, जिसने इसे इस मामले में भी गुरुग्राम का सबसे मजबूत इलाका बना दिया.

यहां का रेंटल मार्केट तो और भी ज्यादा मजबूत रहा है. H1 2026 में किराए के रेट सालाना आधार पर 22% तक उछले हैं. इसकी तुलना में गोल्फ कोर्स रोड पर 11%, न्यू गुरुग्राम में 3% और GCER व SPR में सिर्फ 2% की बढ़ोतरी हुई. सेविल्स के मुताबिक, इसकी मुख्य वजह बेहतर होती कनेक्टिविटी, बढ़िया सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर और कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स, विदेशी नागरिकों (NREs/Expats) और अमीर खरीदारों की बढ़ती दिलचस्पी है, जो अच्छी कनेक्टिविटी वाले प्रीमियम घर चाहते हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: चीन का रियल एस्टेट फिर संकट में! जमीनों की लीज खत्म, क्या डूब जाएंगे खरबों रुपये

यह कॉरिडोर नए प्रीमियम प्रोजेक्ट्स को आकर्षित करने में भी आगे है. हालांकि, गुरुग्राम में लग्जरी घरों की लॉन्चिंग सालाना आधार पर 28% घटकर 4,549 यूनिट रह गई (जो पिछले साल 6,350 यूनिट थी), लेकिन नई लॉन्चिंग का लगभग 70% हिस्सा अकेले GCER & SPR और द्वारका एक्सप्रेसवे में ही केंद्रित रहा. इससे साफ होता है कि यह शहर का सबसे मुख्य ग्रोथ कॉरिडोर है.

नोएडा एक्सप्रेसवे: भविष्य की संभावनाओं में आगे

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे निवेश के लिहाज से एक अलग मौका देता है. पूरे नोएडा में बने-बनाए घरों की कीमतें जहां 2% गिरी हैं, वहीं इस एक्सप्रेसवे पर इसमें 3% का इजाफा हुआ, जिससे यह शहर का सबसे टिकाऊ प्रीमियम इलाका साबित हुआ.

इसकी सबसे मजबूत परफॉर्मेंस अंडर-कंस्ट्रक्शन घरों में देखने को मिली. नोएडा में इस कैटेगरी में औसतन 15% की बढ़त हुई, लेकिन नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर कीमतें सालाना आधार पर 28% तक उछल गईं. यह सेक्टर 150 में हुई 13% की बढ़ोतरी और नोएडा के बाकी हिस्सों में हुई 4% की बढ़ोतरी से काफी ज्यादा है. सेविल्स का मानना है कि स्पोर्ट्स सिटी से जुड़े रेगुलेटरी फैसलों के बाद मार्केट में भरोसा लौटा है, जिससे यह तेजी आई है.

Advertisement

H1 2026 में नोएडा के कुल लग्जरी प्रोजेक्ट्स की 73% लॉन्चिंग इसी कॉरिडोर पर हुई. हालांकि, कुल लॉन्चिंग 33% घटकर 400 यूनिट रह गई (जो पिछले साल 600 यूनिट थी), जिससे पता चलता है कि बिल्डर अब सोच-समझकर उन्हीं जगहों पर प्रोजेक्ट ला रहे हैं जहां खरीदारों की मांग ज्यादा है.

खरीदारों के लिए कौन सा कॉरिडोर बेहतर है?

द्वारका एक्सप्रेसवे: अगर आप बने-बनाए घर में तुरंत बढ़िया किराया और प्रॉपर्टी के बढ़ते दाम चाहते हैं, तो द्वारका एक्सप्रेसवे बेहतर विकल्प है। 22% की रेंटल ग्रोथ और 6% की वैल्यू ग्रोथ बताती है कि आज यहां मांग काफी मजबूत है.

बीपीटीपी के सीईओ और प्रेसिडेंट मानिक मलिक कहते हैं- 'गुरुग्राम का द्वारका एक्सप्रेसवे आज राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सबसे प्रमुख और प्रतिष्ठित लग्जरी आवासीय क्षेत्रों में शामिल हो चुका है. इसका तेज़ी से विकसित होता इंफ्रास्ट्रक्चर, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट और प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों से सीधी और आसान कनेक्टिविटी इसकी सबसे बड़ी ताकत है. आसपास लगातार मजबूत हो रहे सामाजिक बुनियादी ढांचे के कारण यह क्षेत्र उन होमबायर्स के लिए पहली पसंद बन गया है, जो एक सुविधाजनक और उच्च-स्तरीय जीवनशैली की तलाश में हैं.

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे: अगर आप लंबे समय के नजरिए से निवेश करना चाहते हैं, तो यह आपके लिए सही रहेगा. बन रहे घरों के दामों में 28% का उछाल और एक्वा लाइन एक्सटेंशन, एफएनजी (FNG) एक्सप्रेसवे व प्रस्तावित गाजियाबाद-जेवर RRTS कॉरिडोर जैसी योजनाएं भविष्य में इसकी कनेक्टिविटी और मांग को और मजबूत करेंगी. 

Advertisement

हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर कहते हैं, जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से ग्रेटर नोएडा का पूरा परिदृश्य बदल गया है, जिससे निवेश, रोजगार और रियल एस्टेट सेक्टर को जबर्दस्त रफ्तार मिलेगी. मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और तेजी से बनते कमर्शियल और रेजिडेंशियल इकोसिस्टम के चलते यह क्षेत्र निवेशकों और होमबायर्स के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन साबित हो रहा है.

एम3एम नोएडा के डायरेक्टर यश गर्ग कहते हैं- ' नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे अब महज बेहतर कनेक्टिविटी का जरिया नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के तेजी से विकसित हो रहे रियल एस्टेट और कमर्शियल इकोसिस्टम की मुख्य रीढ़ बन चुका है. मजबूत रोड नेटवर्क, मेट्रो कनेक्टिविटी, रोजगार के नए अवसरों और विकसित होते सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर ने यहां आवासीय और व्यावसायिक दोनों ही सेगमेंट में मांग को तेज़ी से बढ़ाया है.'

सेविल्स का अनुमान है कि 2026 की दूसरी छमाही (H2) में दिल्ली-एनसीआर का लग्जरी हाउसिंग मार्केट स्थिर रहेगा. खरीदार उन प्रोजेक्ट्स को ज्यादा तरजीह देंगे जहां कनेक्टिविटी अच्छी हो, घर बड़े हों, प्रीमियम सुविधाएं मिलें, काम समय पर पूरा हो और बिल्डर भरोसेमंद हो.

फिलहाल, मौजूदा मार्केट परफॉर्मेंस के मामले में द्वारका एक्सप्रेसवे बाजी मार रहा है, तो वहीं बन रहे प्रोजेक्ट्स के मामले में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे आगे निकल रहा है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: लाखों के फ्लैट, सड़कों पर रेंगती गाड़ियां...नोएडा एक्सटेंशन के 'महाजाम' का अंत कब

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »