₹15,000 के किराए के कमरे से ₹1.81 लाख के 5BHK तक, बेंगलुरु की उद्यमी की सफलता की कहानी

बेंगलुरु की उद्यमी वर्तिका शुक्ला ने अपनी हाउसिंग जर्नी साझा करते हुए बताया कि कैसे ₹15,000 के 1RK से शुरू हुआ उनका सफर आज ₹1.81 लाख महीने के 5BHK तक पहुंच चुका है .

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बिना विरासत के वर्तिका ने ऐसे बनाई अपनी पहचान (Photo-ITG) बिना विरासत के वर्तिका ने ऐसे बनाई अपनी पहचान (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 02 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:02 PM IST

दृढ़ संकल्प और करियर में लगातार आगे बढ़ने का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए एंटरप्रेन्योर वर्तिका शुक्ला ने सोशल मीडिया पर अपनी हाउसिंग जर्नी साझा की है. बिना किसी पारिवारिक संपत्ति या बिजनेस बैकग्राउंड के, केवल अपनी इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई के दम पर उन्होंने शून्य से शुरुआत की और वित्तीय स्वतंत्रता हासिल की.
 
वर्तिका का मानना है कि किराए के एक छोटे कमरे से 5BHK के आलीशान घर तक पहुंचना बेशक एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन उनकी असली जीत खुद के दम पर हर फैसला लेने की आजादी पाना है.

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वर्तिका ने अपने किराए के इस सफर का ब्योरा देते हुए बताया कि साल 2020 में उन्होंने 1-कमरे और किचन (1RK) के लिए ₹15000 प्रति महीने का किराया देना शुरू किया था. इसके बाद करियर में बढ़त के साथ साल 2021 में वे ₹1,00,000 प्रति माह के किराए पर 2BHK घर में शिफ्ट हुईं और 2023 तक आते-आते वे ₹2,00,000 प्रति माह के किराए वाले 3BHK में रहने लगीं, वर्तमान में वे ₹1,81,000 प्रति महीने के किराए पर एक 5BHK के आलीशान घर में रह रही हैं.

वर्तिका लिखती हैं, "जब मैं 22 साल की थी, तब ₹50,000 महीने की सैलरी पर घर छोड़ा था. न कोई विरासत में मिला बिजनेस था, न पैतृक संपत्ति और न ही आगे का कोई तय रास्ता. बस एक जिद थी कि मुझे अपनी जिंदगी वैसी नहीं जीनी जैसी दूसरों ने तय की है. मैंने सही फैसले लिए, नौकरियां बदलीं, अपना करियर संवारा, MBA किया और खुद पर निवेश किया."

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अपनी इस यात्रा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, वहां बैठकर अपनी पुरानी असफलताओं और संघर्षों को याद करना बेहद सुखद अनुभव देता है. उन्होंने कहा, "आज मैं जिस घर में रह रही हूं, 22 साल की उम्र में उसकी कल्पना भी नहीं कर सकती थी. सफलता का मतलब बड़ा घर होना नहीं है, बल्कि यह एहसास है कि मैं अपनी शर्तों पर जिंदगी बना सकी. अगर आज की वर्तिका उस 22 साल की लड़की से मिलती, तो यही कहती तुम पीछे नहीं हो, तुम बस अपना आधार बना रही हो."

स्ट्रगल कर रहे युवाओं और आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों को हिम्मत देते हुए उन्होंने लिखा कि शुरुआती तंगहाली सिर्फ आपकी नींव मजबूत करने का एक चरण है. अगर आज आप 1RK के छोटे से कमरे में रहने को मजबूर हैं, तो निराश न हों  आपका मौजूदा चैप्टर आपकी आखिरी मंजिल नहीं है.

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