टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी TATA Sons की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) आज यानी 18 अगस्त को होने जा रही है. उम्मीद है कि इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर बात हो सकती है. खासकर, एन चंद्रशेखर के इस्तीफे के बाद नए चेयमैन कौन होगा? इस सवाल पर भी चर्चा की जा सकती है. लेकिन इस बैठक से पहले ही एक दिक्क सामने आई है.
दरअसल, कोरम यानी न्यूनतम सदस्यों की उपस्थिति पूरा न होने की आशंका के कारण इस अहम बैठक के स्थगित होने के आसार दिख रहे हैं. सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) की ओर से संयुक्त प्रतिनिधि नामांकित न कर पाने की कानूनी अड़चन के चलते यह स्थिति पैदा हुई है.
नामांकन को लेकर क्या है नियम
टाटा संस के आर्टिकस ऑफ एसोसिएन (ACT 86) के मुताबिक, जनरल मीटिंग के लिए कम से कम 5 सदस्यों का व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित रहना जरूरी है. इन पांच सदस्यों में से भी सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) द्वारा संयुक्त तौर पर नॉमिनेटेड एक प्रतिनिधि का होना बेहद जरूरी है, क्योंकि इन दोनों की टाटा संस में मिलाकर 40 फीसदी से ज्यादा (करीब 51%) हिस्सेदारी है.
क्यों नही तय हो पाए प्रतिनिधि?
महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के मई के आदेशों के कारण SRTT अपने ट्रस्टियों की बैठक आयोजित नहीं कर सका है. इस वजह से SDTT और SRTT मिलकर एजीएम के लिए अपना संयुक्त प्रतिनिधि तय नहीं कर पाए हैं. चैरिटी कमिश्नर का आदेश है कि किसी पब्लिक ट्रस्ट के बोर्ड में लाइफटाइम या परमानेंट ट्रस्टियों की संख्या 1/4 से अधिक नहीं हो सकती.
वहीं सर रतन टाटा ट्रस्ट का तर्क है कि यह नया नियम है और इसे पुराने नियुक्त किए गए ट्रस्टियों पर लागू नहीं किया जा सकता. बस इसी चीज की जांच चैरिटी कमिश्नर के पास पेंडिंग पड़ी है. जिस कारण प्रतिनिधि का चुनाव नहीं हो पाया है और AGM को लेकर संकट पैदा हो गया है.
AGM में किन फैसलों पर हो सकती है बात
इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026 के वित्तीय परिणामों और बैलेंस शीट की पूरी जानकारी दी जाएगी. साथ ही शेयर होल्डर्स के लिए डिविडेंड का ऐलान भी किया जा सकता है. सबसे बड़ा फैसला, रोटेशन के तहत रिटायर हो रहे निदेशक एन चंद्रशेखरन के पुनर्गठन पर बात हो सकती है.हालांकि, जब तक नई वैध एजीएम नहीं होती, वे निदेशक पद पर बने रहेंगे.
चेयरमैन सेलेक्शन को लेकर असर
गौरतलब है कि 12 अगस्त को एन चंद्रशेखरन ने ऐलान किया था कि वे टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर दूसरा कार्यकाल नहीं लेंगे. ऐसे में सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने नए चेयरमैन की खोज के लिए चयन समिति बनाने का प्रस्ताव पास किया है, लेकिन सर रतन टाटा ट्रस्ट की बैठक न हो पाने के कारण टाटा संस के स्तर पर सर्वसम्मति से नई चयन समिति का गठन मुश्किल दिखाई दे रहा है. हालांकि, कंपनी की ओर से इस बैठक को लेकर कोई अधिकारिक अपडेट सामने नहीं है.
आजतक बिजनेस डेस्क