शेयर बाजार (Stock Market) सोमवार को शुरुआत से लेकर अंत तक बमबम रहा. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स तूफानी तेजी के साथ खुलने के बाद अंत में 78,600 के पार बंद हुआ, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स रॉकेट की तरह भागते हुए 360 अंक की जोरदार उछाल साथ बंद हुआ. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन आई इस तेजी में IndiGo, TCS, Infosys, Eternal, ITC जैसे बड़े शेयरों का तगड़ा सपोर्ट रहा.
अगर शेयर मार्केट में आई इस तेजी के पीछे के कारणों की बात करें, तो ये घरेलू और विदेशी दोनों है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ बातचीत के ऐलान से लेकर कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट से शेयर बाजार निवेशकों का सेंटीमेंट सुधरा है और ये तेजी देखने को मिली है. आइए ऐसे ही पांच बड़े कारणों के बारे में जानते हैं.
दिनभर सेंसेक्स-निफ्टी ने लगाई दौड़
शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ हुई थी. बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद 78,094 की तुलना में 700 अंक से ज्यादा की छलांग लगाकर 78,883 पर ओपन हुआ था और दिनभर तेज रफ्तार से भागता रहा. हालांकि, अंत में BSE Sensex की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी, फिर भी ये इंडेक्स 544.39 अंकों की बढ़त के साथ 78,639 के लेवल पर क्लोज हुआ.
पहला कारण: Trump का ईरान पर बयान
शेयर मार्केट में तेजी का पहला कारण अमेरिका से जुड़ा है. दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान और अन्य मिडिल ईस्ट देशों ने उनसे किसी भी हमले को रोकने के लिए कहा था, क्योंकि समझौते की सीमाएं तय हो चुकी हैं. उन्होंने समझाया कि इससे होर्मुज स्ट्रेटतुरंत, पूरी तरह खुल जाएगा और ईरान के परमाणु खतरे का अंत हो जाएगा. US-Iran में शांति की उम्मीद ने शेयर मार्केट के सेंटीमेंट में सुधार किया है.
दूसरा कारण: कच्चे तेल की कीमतें क्रैश
बाजार में तेजी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए क्रैश ने भी सपोर्ट किया. डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ समझौते को लेकर दिए गए बयान के बाद से ही तेल की कीमत गिरने का सिलसिला शुरू हो गया था. खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत (Brent Crude Price) 5.10 फीसदी फिसलकर 83 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही थी. वहीं दूसरी ओर WTI Crude Price छह फीसदी फिसलकर 80 डॉलर के नीचे आ गया था. तेल सस्ता होने से महंगाई का खतरा कम हुआ है.
तीसरा कारण: विदेशी निवेशकों की वापसी
लंबे समय तक बिकवाली करने के बाद भारतीय शेयर बाजार में हुई विदेशी निवेशकों की वापसी से भी बाजार की तेजी को सपोर्ट मिला है. NSDL के FPIs इनफ्लो के आंकड़े देखें, तो विदेशी निवेशकों ने जुलाई में 20,200 करोड़ रुपये मूल्य के इक्विटी शेयर खरीदे, जबकि जून में 49,340 करोड़ रुपये, मई में 32,963 करोड़ रुपये, अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये और मार्च में 1,17,775 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की थी.
चौथा कारण: IT-Bank समेत बड़े शेयरों में तेजी
शेयर बाजार में तेजी को कई दिग्गज कंपनियों के स्टॉक्स में आई जोरदार उछाल का सपोर्ट भी मिला है. आईटीसी, बजाज फाइनेंस, HDFC Bank और ICICI Bank के साथ ही रिलायंस जैसी कंपनियों के शेयर उछलने का असर भी भारतीय शेयर बाजार में दिखा. वहीं आईटी शेयरों में तेजी का सिलसिला जारी है. सोमवार को मार्केट क्लोज होने पर TCS Share (3.57%), तो Infosys Share (3.54%) की तेजी के साथ बंद हुए.
पांचवां कारण: भारतीय रुपया में सुधार
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट ने जहां शेयर मार्केट निवेशकों का सेंटीमेंट सुधारा, तो वहीं इस पर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया में बढ़त का भी रोल रहा, जो 31 पैसे की मजबूती के साथ 95.12 पर पहुंच गया. करेंसी मार्केट में कारोबार के दौरान रुपया डॉलर के मुकाबले 95.15 पर खुला था.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क