पिछले कुछ समय से भारतीय शेयर बाजार तेजी से गिर रहा है. हर दिन निवेशकों को भारी गिरावट का सामना करना पड़ रहा है. यह गिरावट तब हो रही है, जब अमेरिका-ईरान के बीच जंग जारी है और कच्चे तेल की कीमतें ऊपर जा रही हैं.
तमाम एक्सपर्ट्स शेयर बाजार में मंदी की बात कर रहे हैं, क्योंकि इंडेक्स अपने हाई से 12 फीसदी से अधिक टूट चुका है. निफ्टी ने इसी साल 26400 का हाई लगाया था, और बुधवार को गिरकर 23500 से नीचे फिसल गया. हालांकि तकनीकी रूप से मंदी में तब माना जाता है, जब इंडेक्स अपने उच्चतम स्तर से 20% या उससे अधिक टूट जाए और यह गिरावट लंबी अवधि तक बनी रहे. हालांकि पिछले करीब 4 महीने से बाजार का गिरावट का सिलसिला जारी है.
बुधवार को भी शेयर बाजार में ओपनिंग के साथ सेंसेक्स-निफ्टी के गिरने (Stock Market Crash) का जो सिलसिला शुरू हुआ, वो बाजार बंद होने तक जारी रहा. दिनभर दोनों इंडेक्स बिखरते रहे. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex खुलने के साथ ही 500 अंक फिसल गया था, तो वहीं क्लोजिंग पर ये 813 अंक की गिरावट लेकर बंद हुआ.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के Nifty की बात करें, इसका हाल भी बेहाल नजर आया. रेड जोन में खुलने के बाद ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स भी 200 अंक से ज्यादा फिसलकर क्लोज हुआ. इस बड़ी गिरावट के चलते शेयर बाजार निवेशकों के 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा स्वाहा हो गए.
सेंसेक्स-निफ्टी दिनभर बिखरे
बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 75,577 की तुलना में गिरकर 75,216 के लेवल पर खुला था और शेयर मार्केट में कारोबार बंद होते-होते ये 1.08 फीसदी या 813.35 अंक टूटकर 74,764 पर आ गया. इसकी तरह एनएसई निफ्टी ने भी अपने पिछले बंद 23,635 के मुकाबले गिरावट के साथ 23,522 पर कारोबार की शुरुआत की और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए अंत में 203.60 अंक टूटकर 23,431.50 पर बंद हुआ.
निवेशकों को तगड़ा नुकसान
शेयर मार्केट क्रैश होने के चलते निवेशकों को बुधवार को भारी-भरकम नुकसान उठाना पड़ा. दिनभर के कारोबार के बाद अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप (BSE MCap) भी सेंसेक्स-निफ्टी की तरह तेजी से फिसला और गिरते हुए 4,84,17,376 करोड़ रुपये पर आ गया. जबकि बीते कारोबारी दिन मंगलवार को क्लोजिंग के समय ये 4,87,64,321 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था. इस हिसाब से देखें, तो शेयर बाजार निवेशकों के 3,46,945 करोड़ रुपये स्वाहा हो गए.
IT शेयरों में सबसे तेज गिरावट
शेयर बाजार सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन मचे हाहाकार के बीच सबसे ज्यादा नुकसान आईटी कंपनियों के शेयरों में निवेश करने वालों को हुआ. दरअसल, तमाम दिग्गज IT Stock Crash नजर आए. बीएसई लार्जकैप में शामिल HCL Tech Share (4.55%), Infosys Share (4.43%), Tech Mahindra Share (3.87%), TCS Share (2.26%) की गिरावट में बंद हुए. तो मिडकैप में शामिल Coforge Share (5.24%), Persistent Share (2.65%) फिसलकर बंद हुआ.
अन्य गिरावट वाले शेयरों पर नजर डालें, तो गोदरेज प्रॉपर्टीज, मुथूट फाइनेंस करीब ढाई फीसदी, जबकि HDFC Bank, HUL, Reliance, Dixon, ITC और Bajaj Finance जैसे शेयर भी 1-2 फीसदी तक फिसले.
शेयर बाजार टूटने की वजह क्या?
अगर शेयर बाजार में गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें, तो कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल के चलते दुनिया में महंगाई का जोखिम फिर से बढ़ता नजर आ रहा है. ब्रेंट क्रूड की कीमत 101 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है. इसके अलावा गोल्डमैन सैश ने भी शेयर बाजार में भारी गिरावट की आशंका जताई है और कहा है कि इसके पीछे कच्चा तेल वजह होगी, जो 120 डॉलर तक जा सकता है. वहीं आईटी शेयरों में भारी गिरावट ने बाजार का दबाव बढ़ाने का काम किया.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क