स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज (Sterlite Technologies) के शेयर ने पिछले एक साल में 555% का शानदार रिटर्न दिया है. पिछले 6 महीने में भी शेयर करीब 327% चढ़ चुका है. बीएसई (BSE) पर गुरुवार को कंपनी का शेयर 0.084% की मामूली बढ़त के साथ ₹714.45 पर बंद हुआ. अब कंपनी ने ग्रोथ को और रफ्तार देने के लिए ₹3,000 करोड़ के कैपेक्स प्लान को मंजूरी दी है. इस निवेश से मैन्युफैक्चरिंग क्षमता करीब 50% बढ़ाने की तैयारी है.
कंपनी ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब ऑप्टिकल फाइबर केबल और कनेक्टिविटी बिजनेस में ग्लोबल डिमांड बढ़ रही है. कंपनी की मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का करीब 70% इस्तेमाल हो रहा है. नई क्षमता को FY29 के अंत तक जोड़ने की उम्मीद है.
हालांकि, कंपनी ने कुल उत्पादन क्षमता का आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है. उसका कहना है कि यह जानकारी कमर्शियल और प्रतिस्पर्धा के लिहाज से संवेदनशील है.
इंटरनल सोर्स से होगा ₹3,000 करोड़ का निवेश
प्रस्तावित ₹3,000 करोड़ का निवेश मुख्य रूप से कंपनी के आंतरिक स्रोतों से किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर कंपनी कर्ज का भी इस्तेमाल कर सकती है. क्षमता विस्तार का मकसद बढ़ती ग्लोबल डिमांड को पूरा करना और भविष्य की ग्रोथ के लिए उत्पादन क्षमता तैयार करना है.
कंपनी का मुनाफा 20 गुना बढ़कर ₹197 करोड़
कंपनी की जून तिमाही में कमाई भी रिकॉर्ड स्तर पर रही. FY27 की पहली तिमाही में नेट प्रॉफिट करीब 20 गुना बढ़कर ₹197 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹10 करोड़ था. इस दौरान रेवेन्यू 87% बढ़कर रिकॉर्ड ₹1,910 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल ₹1,019 करोड़ था. EBITDA 184% बढ़कर रिकॉर्ड ₹397 करोड़ हो गया. EBITDA मार्जिन भी 13.7% से बढ़कर 20.8% पहुंच गया. यह करीब 20 तिमाहियों में कंपनी का सबसे ऊंचा स्तर है.
कंपनी के पास ₹18,618 करोड़ की ऑर्डर बुक
जून तिमाही के अंत में कंपनी की ऑर्डर बुक ₹18,618 करोड़ पर पहुंच गई. कंपनी ने इसी दौरान ₹1,500 करोड़ का QIP भी पूरा किया. कंपनी के मुताबिक, इस फंड जुटाने के बाद वह नेट डेट-फ्री हो गई है, जिससे आगे की ग्रोथ और विस्तार के लिए उसकी वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है.
AI डेटा सेंटर के लिए बड़ा कॉन्ट्रैक्ट भी मिला है
स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज को AI डेटा सेंटर्स के लिए भी बड़ा मल्टी-ईयर कॉन्ट्रैक्ट मिला है. इसके तहत कंपनी ऑप्टिकल कनेक्टिविटी प्रोडक्ट्स की सप्लाई करेगी. इस कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यू $1.11 अरब से ज्यादा बताई गई है, यानी भारतीय रुपये में ₹10,000 करोड़ से अधिक. कंपनी की क्षमता विस्तार योजना और यह बड़ा कॉन्ट्रैक्ट ऐसे समय सामने आए हैं, जब AI डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए हाई-स्पीड ऑप्टिकल कनेक्टिविटी की मांग बढ़ रही है.
किन संकेतों पर निवेशकों को रखनी होगी नजर?
शेयर में पिछले एक साल की तेजी के साथ कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक, रिकॉर्ड तिमाही नतीजे, बेहतर मार्जिन और AI डेटा सेंटर से जुड़े बड़े कॉन्ट्रैक्ट निवेशकों के लिए अहम संकेत हैं. अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि ₹3,000 करोड़ के कैपेक्स से नई क्षमता FY29 के अंत तक किस रफ्तार से जुड़ती है. हालांकि, शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपनी रिस्क प्रोफाइल को ध्यान में रखते हुए एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी है.
(नोट: शेयर बाजार में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें)
आजतक बिजनेस डेस्क