PB Fintech Stock Crash: आज भी तबाही! फिर क्रैश हुए बीमा कंपनियों के शेयर... 20% तक गिरे, अब आगे क्‍या करें

बीमा कंपनियों के शेयरों में आज भी भारी गिरावट देखी जा रही है. ये शेयर 20 फीसदी तक टूट चुके हैं और अभी भी दबाव दिखाई दे रहा है. एक्‍सपर्ट्स इसे लेकर अलग-अलग राय रख रहे हैं. आइए जानते हैं आपको क्‍या करना चाहिए?

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बीमा कंपनियों के शेयरों में आज भी भारी गिरावट. (Photo: AI Generated) बीमा कंपनियों के शेयरों में आज भी भारी गिरावट. (Photo: AI Generated)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 25 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:20 PM IST

शेयर बाजार में आज भी बीमा कंपनियों के स्‍टॉक में भारी दबाव दिखाई दे रहा है. बीमा कंपनियों के शेयर आज 20 फीसदी तक गिर गए थे, जबकि गुरुवार को इसमें 36% तक की गिरावट आई थी. यह गिरावट तब आई है, जब IRDAI ने एक प्रस्‍ताव पेश किया है. 

सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस लिमिटेड, पीबी फिनटेक लिमिटेड (पॉलिसीबाजार और पैसाबाजार की मूल कंपनी) और होम फर्स्ट फाइनेंस कंपनी इंडिया लिमिटेड के शेयरों में 20% तक की गिरावट आई है. Turtlemint Fintech के शेयर 20% गिरकर 87.30 रुपये पर आ गए. जबकि PB Fintech के शेयर 7.84 फीसदी गिरकर 52वीक के निचले स्‍तर  1,115.10 रुपये पर कारोबार कर रहे थे.होम फर्स्‍ट फाइनेंस के शेयरों में 5.24 फीसदी की गिरावट देखने को मिली और यह 1,098.25 रुपये पर कारोबार कर रहा था. 

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कल आई थी 36 फीसदी तक की गिरावट
गुरुवार को PB Fintech के शेयरों में 36 फीसदी की गिरावट आई थी, जबकि टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस लिमिटेड के शेयरों में 20 फीसदी की गिरावट आई थी और होम फर्स्‍ट के शेयरों में करीब 3 फीसदी की गिरावट आई थी. इसके साथ ही एचडीएफस लाइफ और आईसीआईसीआई प्रूडेशियल इंश्‍योरेंस के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली थी. 

क्‍यों आई ये गिरावट? 
दरअसल, IRDAI के एक प्रस्‍ताव के कारण इन शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है. प्रस्‍ताव में कहा गया है कि लाइफ, हेल्‍थ और मोटर बीमा में प्रोडक्‍ट्स और ड‍िस्‍ट्रीब्‍यूशन चैनल के हिसाब से कमीशन लिमिट दोबारा लागू किया जा सकता है. साथ ही लोन के साथ जबरन बीमा नहीं दिया जा सकता है. साथ ही कमीशन को पॉलिसी टर्म के हिसाब से विस्‍तार किया जा सकता है. इन सभी प्रस्‍तावों के कारण बीमा कंपनियों के शेयरों में दबाव दिखाई दिया है. 

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जेएम फाइनेंशियल ने प्रस्तावित बदलावों से चुनिंदा बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों के बारे में चिंता जताई है. IRDAI के परामर्श पत्र में जीवन और सामान्य बीमाकर्ताओं के लिए प्रबंधन व्यय (ईओएम) की सीमा को कम करने का प्रस्ताव है, साथ ही कमीशन सीमाओं को भी शामिल करने का प्रस्ताव है जिन्हें वित्त वर्ष 2024 से हटा दिया गया था.

एमके ग्लोबल ने कहा कि प्रस्तावित सुधारों का उद्देश्य गलत बिक्री से संबंधित चिंताओं को दूर करना और बीमा को अधिक किफायती बनाना है. ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि वितरण कमीशन में कमी से बीमा वितरण के अर्थशास्त्र पर असर पड़ सकता है.

क्‍या करना चाहिए? 
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रांति बाथिनी ने कहा कि कमीशन पर प्रस्तावित IRDAI के नियम पीबी फिनटेक, टर्टलमिंट फिनटेक और होम फर्स्ट फाइनेंस जैसी कंपनियों के लिए निगेटिव साबित हो सकते हैं. उन्होंने आगे कहा कि मिड टर्म में निवेशकों को शेयरों की कीमत बढ़ने पर बिक्री पर विचार करना चाहिए. 

(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
 

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