हेल्थ इंश्योरेंस या चिकित्सा बीमा एक प्रकार का बीमा है जो किसी व्यक्ति के चिकित्सा पर हुए खर्च का जोखिम का कुछ या पूरे हिस्से को कवर करता है. हेल्थ इंश्योरेंस एक इंश्योरेंस प्रॉडक्ट है, जो किसी बीमारी या चोट की स्थिति में खर्चों के लिए कवरेज प्रदान करता है. जनरल इंश्योरेंस देश के सबसे भरोसेमंद सामान्य बीमाकर्ताओं में से एक है. स्वास्थ्य बीमा योजनाएं कई लाभों के साथ आती हैं. व्यापक हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी या मेडिकल इंश्योरेंस न केवल चिकित्सा बिलों का ध्यान रखता है, बल्कि आपकी जरूरतों के अनुसार अन्य चिकित्सा परीक्षणों, उपचारों और प्रक्रियाओं के लिए भी कवरेज प्रदान करता है.
भारत में स्वास्थ्य बीमा भारत की अर्थव्यवस्था का एक बढ़ता हुआ बिजनेस है. भारतीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली दुनिया में सबसे बड़ी में से एक है, जिसमें लोगों की संख्या लगभग 1.3 बिलियन संभावित लाभार्थी है. भारत में स्वास्थ्य सेवा उद्योग आय और रोजगार सृजन के मामले में देश के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक बन गया है.
EPFO की इस स्कीम के बारे में हर किसी को जानकारी होनी चाहिए, इसके लिए नौकरीपेशा कर्मचारी को 0 प्रीमियम देना होता है, यानी कोई प्रीमियम नहीं चुकाना पड़ता है. यह एक भरोसेमंद सुरक्षा कवच की तरह काम करता है.
Government Schemes: देश का कोई भी नागरिक इस बीमा स्कीम का लाभ उठा सकता है. सरकार की कोशिश है कि इस बीमा पॉलिसी के जरिए आम लोगों को वित्तीय रूप से मजबूत करना है. जिनके पास किसी भी बैंक या डाकघर में बचत खाता है.
बीमा सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान हुआ है. अब 100 फीसदी विदेशी निवेश की मंजूरी मिल चुकी है. सिर्फ LIC के मामले में अलग शर्त रखी गई है.
Policybazaar के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर साई नारायण (Sai Narayan) ने कहा कोरोना के बाद आज भी भारत में लोग सुरक्षा के बजाय रिटर्न पर ज्यादा जोर देते हैं.
मानेसर में CBI ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजर और जांच अधिकारी को 2.6 लाख की रिश्वत लिए जाने के मामले में गिरफ्तार किया है. पता चला है कि अस्पताल की कैशलेस सुविधा बहाल करने के बदले में ये घूस मांगी गई थी. पढ़ें इस एक्शन की पूरी कहानी.
पंजाब के पटियाला में मुख्यमंत्री सेहत योजना ने एक दिहाड़ी मैकेनिक को ₹90,000 के इलाज खर्च और भारी कर्ज से बचा लिया. ₹10 लाख तक के मुफ्त कैशलेस इलाज वाली इस योजना का लक्ष्य राज्य के 3 करोड़ लोगों को चिकित्सा आपात स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है.
About Term Insurance: टर्म प्लान सुनिश्चित करता है कि आपके न रहने पर आपके परिवार को रोटी, कपड़ा, मकान वगैरह की आवश्यकता पूरी होती रहे. यानी बीमाधारक की मौत के बाद टर्म प्लान परिवार के लिए आर्थिक तौर सबसे बड़ा सहारा बन जाता है.
चीन में एक कपल ने प्रेमिका की हड्डी टूटने के बाद महंगे इलाज से बचने के लिए फर्जी सड़क हादसा रचा. बीमा कंपनी की जांच में ड्रामा पकड़ा गया और दोनों को इंश्योरेंस फ्रॉड में अरेस्ट किया गया. जानें पूरा मामला और पुलिस ने कैसे भंडाफोड़ किया.
मेरठ का गंगानगर मोहल्ला देश के सबसे सनसनीखेज इंश्योरेंस फ्रॉड का अड्डा बन गया है. यहां विशाल सिंघल नामक शख्स बीमा कंपनियों से करोड़ों हड़पने के लिए अपनी मां, पत्नी और पिता की हत्या कर चुका है. पुलिस जांच में कई लोगों के साजिश में संलिप्तता के संकेत मिले हैं.
नवरात्रि के पहले दिन 22 सितंबर से ही देश में जीएसटी की नई दरें लागू हो गई हैं और हेल्थ-लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने वालों को बड़ी राहत मिली है. सरकार ने आज से इन पर लागू 18% के GST को खत्म कर इन्हें Tax Free कर दिया है.
स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा धारकों खास ध्यान देने की जरूरत है. अगर उनकी पॉलिसी 22 सितंबर से पहले रिनुअल हो रही है, तो समय रहते प्रीमियम का भुगतान कर दें. क्योंकि ऐसे पॉलिसी धारक को 21 सितंबर के बाद भी छूट का लाभ इस साल नहीं मिल पाएगा.
सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत देते हुए हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर लगने वाले 18% जीएसटी को शून्य कर दिया है. इससे 20,000 रुपये के प्रीमियम पर सीधे 3600 रुपये की बचत होगी. हालांकि, यह सवाल उठ रहा है कि क्या बीमा कंपनियां जीएसटी शून्य होने का पूरा फायदा ग्राहकों तक पहुंचाएंगी या इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ न मिलने के कारण प्रीमियम बढ़ा सकती हैं.
केंद्र सरकार ने 30 से ज्यादा लाइफ सेविंग ड्रग्स को जीएसटी फ्री कर दिया है. साथ ही पर्सनल हेल्थ इंश्योरेंस पर लगने वाला 18% जीएसटी भी अब जीरो हो गया है. इस फैसले का हेल्थकेयर सेक्टर और मरीजों पर क्या असर होगा, मेदांता के सीएमडी डॉक्टर नरेश त्रेहन ने विस्तार से इस बारे में बताया है.
GST काउंसिल की बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए इंश्योरेंस प्रीमियम पर लगने वाले 18 फीसदी जीएसटी को खत्म करके जीरो कर दिया गया है. इसकी मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी और बीते साल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी वित्त मंत्री से इसे हटाने की अपील की थी.
GST Council ने बड़ा फैसला लिया. अब Life Insurance और Mediclaim Premium पर 18% GST नहीं लगेगा. पॉलिसीधारकों को होगी सीधी बचत.
जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में बड़े ऐलान किए गए हैं. सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं. 33 जीवनरक्षक दवाओं पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है. हेल्थ इंश्योरेंस पर लगने वाला 18% जीएसटी भी अब शून्य हो गया है, जिससे प्रीमियम की लागत तुरंत कम होगी. दवाइयों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है. नए GST कट से हेल्थ सेक्टर में क्या होगा असर? मेदांता के CMD डॉ नरेश त्रेहन ने बताया.
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने देश की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के व्यवसायीकरण हो जाने पर चिंता जताई है, और कहा है कि ये आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गए हैं - सवाल है कि ये संदेश आखिर किसके लिए है?
हैदराबाद में भारी बारिश के दौरान ज़ोमैटो डिलीवरी बॉय खुले नाले में गिरा, स्थानीय लोगों ने बचाया. बाइक और फोन पानी में डूबे. TGPWU ने कंपनी की सुरक्षा लापरवाही बताते हुए मुआवज़ा, फोन और बाइक मरम्मत की मांग की, GHMC से कार्रवाई की अपील.
Flood Car Insurance Claim: प्राकृतिक आपदाओं के चलते जहां जान-माल का नुकसान देखने को मिलता है, वहीं वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं भी ज्यादा होती हैं. कल उत्तराकाशी में मलबे के साथ कार-बाइक बहती नजर आईं.
Air India Plane Crash के बाद बीमा कंपनियों को हादसे में जान गवांने वाले पीड़ितों के परिजनों और अन्य से लगातार Insurance Claim प्राप्त हो रहे हैं औऱ इनमें सबसे ज्यादा जीवन बीमा व एक्सिडेंटल डेथ कवर से संबंधित हैं, जबकि कई क्लेम होटल बुकिंग रद्द होने, सामान गुम होने के भी मिले हैं.
What is a wealth creator: रवि और विकास भले ही, अच्छी-खासी कमाई कर रहे हैं, लेकिन उनका वित्तीय संतुलन बिल्कुल सही नहीं है, हमारे देश में अधिकतर लोग अब भी हेल्थ इंश्योरेंस और टर्म इंश्योरेंस से दूर हैं.