भारत 2047 तक कैसे बन सकता है 30 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी? जयंत सिन्हा ने बताया रोडमैप

भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के बीच 30 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का टारगेट महत्वपूर्ण है. पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने बिजनेस टुडे के 'इंडिया@100' समिट में इसके लिए रोडमैप बताया. उन्होंने कहा कि भारत को अपनी युवा आबादी, AI, ग्रीन टेक्नोलॉजी और China+1 मैन्युफैक्चरिंग जैसे अवसरों का फायदा उठाना होगा.

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भारत के पूर्व वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा. (Photo: ITG) भारत के पूर्व वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा. (Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 21 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:30 PM IST

क्या भारत 2047 में आजादी के 100 साल पूरे होने तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है? पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा का मानना है कि भारत को यह लक्ष्य रखना चाहिए और इसे हासिल करने की दिशा में अभी से तेजी से काम करने की जरूरत है. उनके मुताबिक, विकसित भारत के लक्ष्य के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी एक महत्वाकांक्षी लेकिन जरूरी लक्ष्य हो सकता है. 

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बिजनेस टुडे के 'इंडिया@100' समिट में जयंत सिन्हा ने 2047 तक भारत कैसे 30 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन सकता है इसका रोडमैप सामने रखा. उनके मुताबिक, भारत की मौजूदा प्रति व्यक्ति GDP करीब 2,700 डॉलर है, जबकि हाई इनकम स्टेटस के लिए इसे करीब 14-15 हजार डॉलर तक पहुंचाना होगा. इसके लिए देश की अर्थव्यवस्था को मौजूदा आकार से कई गुना बड़ा करना पड़ेगा.

जयंत सिन्हा ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था फिलहाल करीब 4 ट्रिलियन डॉलर की है. हाई इनकम इकोनॉमी बनने के लिए इसे कम से कम 20 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना जरूरी होगा. ऐसे में 30 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य भारत के लिए और बेहतर स्थिति पैदा कर सकता है.

भारत के पास है बड़ा डेमोग्राफिक एडवांटेज

जयंत सिन्हा ने भारत की युवा आबादी को देश की बड़ी ताकत बताया. उनके मुताबिक, भारत के पास फिलहाल बड़ा डेमोग्राफिक डिविडेंड है. बड़ी संख्या में युवा आबादी को अगर बेहतर शिक्षा, स्किल और रोजगार के अवसर मिलें, तो उन्हें 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था के लिए हाईली प्रोडक्टिव वर्कफोर्स में बदला जा सकता है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'यही समय है, सही समय है' संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले 20-25 वर्षों में यही युवा आबादी उम्रदराज होगी. इसलिए भारत के पास आर्थिक विकास को तेज करने के लिए अभी एक अहम अवसर मौजूद है. 

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AI और ग्रीन टेक से फायदे उठाने का मौका

जयंत सिन्हा के मुताबिक, भारत के सामने इस समय कई ग्लोबल ट्रेंड ऐसे हैं, जिनका फायदा देश की अर्थव्यवस्था को मिल सकता है. इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाइमेट चेंज से जुड़ी ग्रीन टेक्नोलॉजी और China+1 मैन्युफैक्चरिंग स्ट्रैटेजी प्रमुख हैं. उन्होंने कहा कि AI में पूरी अर्थव्यवस्था को बदलने की क्षमता है. वहीं, ग्लोबल कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग के लिए चीन के अलावा दूसरे विकल्प तलाश रही हैं और भारत उनके लिए सबसे उपयुक्त जगह हो सकता है. भारत को इस अवसर का फायदा उठाकर अपने मैन्युफैक्चरिंग बेस को मजबूत करना होगा.

ग्रीन फ्रंटियर डेवलपमेंट मॉडल पर दिया जोर

भारत को 4 ट्रिलियन डॉलर से 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंचाने के लिए रोडमैप क्या होगा? इस सवाल पर जयंत सिन्हा ने ग्रीन फ्रंटियर डेवलपमेंट मॉडल अपनाने की बात कही. उनके मुताबिक, फ्रंटियर का मतलब वैश्विक प्रतिस्पर्धा से है. भारत को आर्थिक, तकनीकी और औद्योगिक मोर्चे पर अमेरिका और चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी. उन्होंने कहा कि यह विकास सिर्फ तेज नहीं, बल्कि टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल भी होना चाहिए. क्लाइमेट चेंज, एयर पॉल्यूशन और ट्रैफिक जैसी चुनौतियों को देखते हुए भारत के विकास मॉडल में ग्रीन और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी को अहम जगह देनी होगी.

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30 ट्रिलियन डॉलर के लिए तीन ट्रांसफॉर्मेशन

जयंत सिन्हा के मुताबिक, भारत को ग्रीन फ्रंटियर तक पहुंचने के लिए तीन बड़े ट्रांसफॉर्मेशन पर काम करना होगा.

1. पीपल्स ट्रांसफॉर्मेशन 

जयंत सिन्हा ने कहा कि भारत को अपनी युवा आबादी को ज्यादा प्रोडक्टिव, स्किल्ड और ग्लोबली कॉम्पिटिटिव बनाना होगा, ताकि भारतीय टैलेंट चीन, अमेरिका, जर्मनी और जापान जैसे देशों के सर्वश्रेष्ठ टैलेंट से मुकाबला कर सके.

2. टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन

जयंत सिन्हा के मुताबिक भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है. अब डीप टेक्नोलॉजी पर ज्यादा फोकस करना होगा. इसमें AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस और बायोसाइंस जैसे क्षेत्र शामिल हैं.

3. एनर्जी ट्रांसफॉर्मेशन

उन्होंने कहा कि भारत को अपने एनर्जी सिस्टम में भी बड़ा बदलाव करना होगा. जयंत सिन्हा के मुताबिक, अर्थव्यवस्था को जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता से निकालकर ज्यादा इलेक्ट्रिफाइड और स्वच्छ ऊर्जा आधारित सिस्टम की ओर ले जाना होगा.

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

जयंत सिन्हा के मुताबिक, भारत के पास 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए तीन बड़े मोटिवेटिंग फैक्टर हैं- हाई इनकम और विकसित भारत का लक्ष्य, युवा आबादी से मिलने वाला डेमोग्राफिक एडवांटेज और ग्लोबल टेक्नोलॉजी व ट्रेड में हो रहे बदलाव. हालांकि, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सिर्फ GDP बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा. भारत को अपने युवाओं की क्षमता बढ़ाने, नई तकनीकों में नेतृत्व हासिल करने, मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने और ऊर्जा व्यवस्था को टिकाऊ बनाने पर एक साथ काम करना होगा. इन तीनों ट्रांसफॉर्मेशन के जरिए भारत 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है.

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