बिहार के गोपालगंज में मस्जिद में घुसकर मौलवी की चाकू मारकर हत्या कर दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस एफएसएल टीम की मदद से पूरे मामले की जांच में जुट गई है. हालांकि अब तक हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया. वही मौलवी की हत्या के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है. घटना उचकागांव थाना क्षेत्र के अरना गांव की है.
मृतक की पहचान 50 वर्षीय सफीक आलम के रूप में हुई है. वह भोरे थाना क्षेत्र के सिसई गांव के रहने वाले थे और अरना गांव स्थित मस्जिद में मौलवी के तौर पर सेवा दे रहे थे.
बताया जाता है कि रविवार की देर रात मौलवी सफीक आलम मस्जिद के अंदर ही सो रहे थे. इसी दौरान चाकू मारकर हत्या कर दी गई. सुबह मस्जिद में अजान नहीं होने पर जब लोगों ने अंदर जाकर देखा तो खून से लथपथ मौलवी का शव पड़ा हुआ था.
FSL टीम की मदद से जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने एफएसएल टीम की मदद से पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. एफएसएल टीम मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में लगी है, ताकि हत्या से जुड़े अहम सुराग मिल सकें. पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है और घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है.
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश
वही घटना के बाद स्थानीय लोग काफी आक्रोशित हो गए और पुलिस को मौके से शव उठाने का विरोध कर रहे थे. स्थानीय ग्रामीण मौके पर एसपी विनय तिवारी को बुलाने की मांग पर अड़े हुए थे. गांव में तनाव को देखते हुए एसपी ने मोबाइल से ग्रामीणों से बात कर मामले में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया जिसके बाद लोग शांत हुए.
पूरे मामले में पुलिस ने कही ये बात
इस संबंध में हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने बताया कि उचकागांव थाना अंतर्गत अरना बाजार स्थित मस्जिद के मौलवी सफीक आलम की चाकू मारकर हत्या कर दी गई है. एसपी के निर्देश पर एसआईटी गठित कर पूरे मामले की जांच की जा रही है. जल्द ही मामले का उद्भेदन कर लिया जाएगा.
विकाश कुमार दुबे