बिहार के समस्तीपुर में एक बेटे ने फिल्म 'दृश्यम' देखकर अपने पिता की हत्या की साजिश रची. करीब 2000 किलोमीटर दूर गुजरात के सूरत से ट्रेन पकड़कर वह गांव पहुंचा और घर के दरवाजे पर सो रहे पिता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी. वारदात के बाद वह रात के अंधेरे में ही वापस सूरत लौट गया. उसे लगा कि फिल्म की तरह पुलिस को कोई सुराग नहीं मिलेगा, लेकिन उसकी एक छोटी सी चूक ने पूरा राज खोल दिया और वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया.
मामला समस्तीपुर के हलई थाना क्षेत्र के दरवा गांव का है. 26 जुलाई की देर रात रघुवीर सहनी घर के दरवाजे पर सो रहे थे. इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई. आरोपी ने घर में रखी कुल्हाड़ी से उनके सिर पर कई वार किए. हत्या के बाद कुल्हाड़ी को भी घर में ही छोड़ दिया और फरार हो गया.
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. FSL की टीम ने भी घटनास्थल की बारीकी से जांच की. जांच के दौरान पुलिस को आशंका हुई कि वारदात को किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि किसी करीबी ने अंजाम दिया है.
इसके बाद पुलिस ने मृतक के परिवार और करीबियों की गतिविधियों की जांच शुरू की. तकनीकी अनुसंधान के दौरान शक की सुई मृतक के बेटे शिव शंकर पर जाकर टिक गई. पुलिस के मुताबिक, शिव शंकर का अपने पिता से जमीन बेचने को लेकर विवाद था. पिता कथित तौर पर बेटे और बहू को गाली देते थे. इसी वजह से शिव शंकर अपनी पत्नी के साथ सूरत जाकर रहने लगा था.
'दृश्यम' देखकर बनाई हत्या की प्लानिंग
पुलिस पूछताछ में शिव शंकर ने कथित तौर पर बताया कि सूरत में रहने के दौरान उसने फिल्म 'दृश्यम' देखी थी. फिल्म से प्रभावित होकर उसने पिता की हत्या की योजना बनाई. इसके बाद वह सूरत से गांव के लिए निकल पड़ा.
पुलिस के अनुसार, ट्रेन से यात्रा शुरू करने से पहले उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया, ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके. वह पहले पटना पहुंचा. इसके बाद शाम को हाजीपुर से ट्रेन पकड़कर पटोरी स्टेशन उतरा. वहां से ऑटो लेकर जोरपुरा पहुंचा और फिर करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर रात करीब 12 बजे अपने घर पहुंचा.
शिव शंकर पीछे के दरवाजे से घर में दाखिल हुआ. इसके बाद कोठरी से कुल्हाड़ी निकाली और घर के बाहर सो रहे पिता रघुवीर सहनी पर हमला कर दिया. पुलिस के मुताबिक, सिर पर कई वार किए जाने से उनकी मौत हो गई. वारदात के बाद आरोपी रात में ही वापस पटोरी स्टेशन के लिए निकल गया.
फिल्मी प्लान में यहां हो गई बड़ी गलती
शिव शंकर ने पुलिस को चकमा देने के लिए मोबाइल बंद रखा था, लेकिन पटोरी स्टेशन पहुंचते ही उसने अपना मोबाइल ऑन कर दिया. उसने पत्नी से फोन पर बातचीत की और इसके बाद मोबाइल फिर बंद कर दिया.
यही गलती पुलिस के लिए अहम सुराग बन गई. तकनीकी जांच में पुलिस को हत्या वाली रात उसके मोबाइल की लोकेशन पटोरी स्टेशन पर मिली. इसके करीब 36 घंटे बाद मोबाइल की लोकेशन सूरत में मिली. पुलिस ने पटोरी स्टेशन पर मोबाइल एक्टिव होने के दौरान हुई बातचीत के कॉल डिटेल भी खंगाले.
पिता के श्राद्ध में भी नहीं शामिल हुआ था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, इसी तकनीकी साक्ष्य के आधार पर शिव शंकर तक पहुंच बनाई गई. इसके बाद उसे सूरत से गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस का यह भी कहना है कि पिता की हत्या के बाद शिव शंकर श्राद्ध कर्म में भी शामिल नहीं हुआ था, जिससे उस पर शक और गहरा गया था.
इस तरह फिल्म 'दृश्यम' से प्रेरित होकर पिता की हत्या की साजिश रचने वाले बेटे को लगा कि वह पुलिस से बच निकलेगा, लेकिन मोबाइल फोन कुछ देर के लिए ऑन करना ही उसकी सबसे बड़ी चूक साबित हुआ.
जहांगीर आलम